पीएचई, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री शाम लाल चौधरी ने राज्य में पीएचई, सिंचाई व बाढ़ नियत्रंण विभाग की संचार और क्शमता विकास इकाई (सीसीडीयू) द्वारा आयोजित किये जाने वाली जागरूकता गतिविधियों के लिए रोडमैप तैयार करने पर चर्चा के लिए आज एक बैठक बुलाई।बैठक को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि विभाग द्वारा आयोजित जागरूकता कार्यक्रम को परिणाम उन्मुख किया जाना चाहिए और आम जनता को जमीनी स्तर पर इन शिविरों का अधिकतम लाभ मिलना चाहिए। मंत्री ने अधिकारियों को राज्य स्तर, जिला स्तर, निर्वाचन क्शेत्र स्तर, ग्राम सभा स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के अलावा राज्य के हर हिस्से में कार्यशालाओं और जागरूकता शिविरों का आयोजन करने के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्थक परिणाम उत्पन्न करने के लिए वरिश्ठ नागरिकों, बुद्धिजीवियों, छात्रों, गैर सरकारी संगठनों, विशेशज्ञों और सरकारी अधिकारियों को कार्यशालाओं में संलग्न किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि इन जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पानी की बचत, वर्शा जल संचयन के लाभों और पानी, साफ-सफाई और स्वच्छता के बारे में अन्य मुद्दों के अलावा उन्हें पीने के पानी के शुद्धिकरण के तरीकों के बारे में शिक्शित किया जाएगा।मंत्री ने आगे कहा विभाग का उद्देश्य प्रदेश के लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए है और इस उद्देश्य को प्राप्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को हमेशा लोगों की जल आपूर्ति और सिंचाई सुविधाओं से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिए तैयार रहना चाहिए।आयुक्त सचिव, पीएचई, आई एंड एफसी विभाग संजीव वर्मा, मुख्य अभियंता पीएचई सुशील एमा, कार्यकारी निदेशक सीसीडीयू राजीव मल्होत्रा और विभाग के अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।