राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में पंजाबियों की बेमिसाल कुर्बानियों को याद करते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने आज कहा कि देश की एकता, अखंडता एवं प्रभुसत्ता की रक्षा के लिए पंजाबी सदा ही कोई भी बलिदान करने के लिए तैयार हैं।आज यहां उत्तम नमूने की जंग-ए-आज़ादी यादगार के पहले चरण को राष्ट्र को समर्पित करने के पश्चात विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की कुल जनसंख्या का महज़ ढाई प्रतिशत हिस्सा होने के बावजूद पंजाबियों ने राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में 80 प्रतिशत कुर्बानियां दी हैं और फांसी, जेल तथा देश निकाले जैसी कठिन सजायें भुगत कर अग्रणीय भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि पंजाबियों को इतिहास सृजने के लिए जाना जाता है परंतु वह अपनी महान बलिदानों के अमीर विरसे को संभालने की तरफ ध्यान नही देते। उन्होंने कहा कि जंग-ए-आज़ादी की स्थापना द्वारा राज्य सरकार ने एक साधारण प्रयास किया है ताकि राष्ट्रीय स्वतंत्रता संघर्ष के दौरान हमारे महान देशभक्तों एवं स्वतंत्रता के परवानों द्वारा देश को गुलामी से मुक्त करवाने के लिए की बेमिसाल कुर्बानियों का प्रसार किया जा सके।पंजाबियों की बहादुरी और जज्बे की अमिट भावना की सराहना करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व: कुर्बानी का जज्बा पंजाबियों को अपने महान गुरू साहिबान श्री गुरू नानक देव जी, श्री गुरू अर्जन देव जी, श्री गुरू तेग बहादर जी और गुरू गोबिंद सिंह जी से मिला है जिन्होंने मददहीन एवं मासूम लोगों के मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए अन्याय, जुल्म एवं दमन के विरूद्ध लड़ाई लड़ी। सदियों से हमारी रक्षा सेनाओं की शुरवीरता की प्रशंसा करते हुये स. बादल ने कहा कि हमारे बहादुर सैनिकों का जुझारू जज्बा महान गुरू साहिबानों से विरासत में मिला है जिस लिए पंजाब को देश की खडग़ भुजा के तौर पर जाना जाता है। स. बादल ने नायक कर्म सिंह, मेजर सोमनाथ शर्मा, जोगिंदर सिंह, जनरल हरबख्श सिंह, एयर चीफ मार्शल अर्जुन सिंह, लफि. जनरल जे एस अरोड़ा, कैप्टन बाना सिंह जैसे महान पंजाबी सैनिकों के बहादुरी भरे कारनामों को याद किया जिन्होंने अपने विलक्षण योगदान द्वारा देश का सिर गर्व से उंचा किया।
मुख्यमंत्री ने अजीत समाचार पत्र के मुख्य संपादक डॉ. बरजिंदर सिंह हमदर्द को यह प्रौजेक्ट समय पर संपूर्ण करने के लिए बधाई दी। डॉ. हमदर्द द्वारा 2 वर्ष के समय में इस प्रौजेक्ट को संपूर्ण करने के लिए अपना बहुमूल्य समय निकालने के लिए सराहना करते हुये स. बादल ने कहा कि डॉ. हमदर्द की कठोर मेहनत एवं समर्पित भावना स्वरूप ही यह संभव हो सका है। स. बादल ने डॉ. बरजिंदर सिंह हमदर्द के योग्य नेतृत्व में जंग-ए-आज़ादी फांउडेशन की कार्यकारिणी कमेटी के प्रयासों को सराहा जिन्होंने इस विश्व स्तरीय यादगार को स्थापित करके उनके (स. बादल) के जीवन के इस समने को हकीकत में बदल दिया। यह यादगार राष्ट्रीय आज़ादी लहर में पंजाबियों की बेमिसाल कुर्बानियों को मूर्तिमान करेगी।मुख्यमंत्री पंजाब ने कहा कि जंग-ए-आज़ादी यादगार शहीदों विशेषकर पंजाब के योद्धाओं द्वारा अपनी मातृभूमि को ब्रिटिश साम्राज्यवाद से मुक्त करवाने के लिए दिये बलिदानों की गाथा को आने वाली पीढिय़ों तक पहुंचाने के लिए अह्म भूमिका निभायेगी। उन्होंने कहा कि विश्व दर्जे की यह यादगार स्वैमान, सहज तथा शिल्पकारी को रूपमान करती है।स. बादल ने कहा कि बहुत गर्व की बात है कि भारत की आज़ादी के लिए चली लहरें कूका लहर, गदर लहर, कामागाटा मारू, गुरूद्वारा सुधार लहर, बब्बर अकाली लहर तथा अन्य लहरों का नेतृत्व बहादुर पंजाबियों द्वारा किया गया। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान शहादत का जाम पीने वाले शहीदों को सजदा करते हुये स. बादल ने कहा कि जंग-ए-आज़ादी यादगार देश की खातिर की गई कुर्बानियों तथा शहीदों को श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि यह यादगार आने वाली पीढिय़ों में देशभक्ति की भावना पैदा करने के लिए प्रकाश पुंज की भूमिका निभायेगी।
इस यादगार की महतत्ता को बयान करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल वही कौम अपनी सुदृढ हस्ती बचाकर रखती है जो अपनी विरासत को संभालकर रखती है जबकि जो कौम अपनी विरासत को अनदेखा करती हैं उनका अस्तित्व मिट जाता है। उन्होंने कहा कि शिअद -भाजपा सरकार ने अपनी इसी सोच पर चलते हुये पहले ही श्री आनंदपुर साहिब में विरासत-ए-खालसा यादगार, काहनुवान और कुपरहीड़ा में छोटे एवं बड़े घल्लूघारे की यादगार, बाबा बंदा सिंह बहादर मैमोरियल, चप्परचिड़ी स्थापित करवाये हैं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार वॉर हीरोज़ मैमोरियल यादगार पहले ही कौम को समर्पित की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि तीर्थ स्थल 10 दिसंबर को मानवता को समर्पित किया जायेगा। स. बादल ने कहा कि फतेहगढ़ साहिब में बाबा मोतीराम मेहरा यादगार, श्री आनंदपुर साहिब में भाई जैता जी यादगार और होश्यिरपुर के खुरालगढ़ में गुरू रविदास जी यादगार शीघ्र ही समर्पित की जायेंगी।पंजाब के उपमुख्यमंत्री स. सुखबीर सिंह बादल ने आज कहा कि यह यादगार पंजाब के लोगों के मनों में सदा तौर पर बसे बसी रहेगी और आने वाली नस्लों को आजादी की लड़ाई के शहीदों को याद करने की प्रेरणा देगी।आज़ादी के आंदोलन में पंजाबियों के योगदान की सराहना करते हुये उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी लोगों ने अंग्रेजों की हकू मत से देश को स्वतंत्र करवाने के लिए सबसे अधिक कुर्बानियां दी। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे फांसी के रस्से चूमने की बात हो, उम्र कैद की सजा या जेल की सख्ती बर्दाश्त करने की बात हो, पंजाबियों ने सदा हर बात पर आगे होकर कुर्बानी की।शिरोमणि अकाली दल को सभी पंजाबियों की सच्ची प्रतिनिध श्रेणी बताते हुये उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ पार्टी ने अंग्रेजों विरूद्ध बहादुरी से लड़ाई लड़ी वहीं आज़ादी के बाद भी किसानों के अधिकारों की रक्षा करने तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने में भी पार्टी ने अग्रणीय भूमिका अदा की।उप मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री पंजाब स. प्रकाश सिह बादल द्वारा की गई पंजाब के प्रति दी गई सेवाओं की सराहना करते हुये कहा कि जहां एक तरफ मुख्य मंत्री जी ने समूह धर्मा की यादगारे तैयार करके पंजाब की अमीर विरासत को बचाने का यत्न किया है वहां शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार को बेहद गतिशील नेतृत्व प्रदान किया है जिस कारण सरकार ने कई लोक कल्याणकारी पग उठाये जिन मे पंजाब को सरपल्स बिजली वाला राज्य बनाना, किसानो को मुफत बिजली देना, प्रत्येक एस सी परिवार को 200 यूनिट बिजली मुफत देना, शुगन स्कीम, आटा-दाल स्कीम, किसानो एवं व्यापारियो के लिए सेहत बीमा ,मैरीटोरियस स्कूल, बढिय़ा सड़कीय ढांचा आदि शामिल हैं।
उन्होने यह भी कहा कि स बादल ने सदैव ही पंजाब के हितो का ध्यान रखा है एवं राज्य के लिए महान कुबार्नीयां की है।पंजाब की खुशहाली के शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हुये उपमुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब का समूचा विकास एवं पंजाब के हितो की रक्षा करने मे राज्य सरकार कोई कसर बाकी नही छोडग़ी ।इस अवसर पर उन्होंने स. बरजिंदर सिंह हमदर्द का इस प्रौजेक्ट को संपूर्ण करने में अग्रणीय भूमिका निभाने पर धन्यवाद भी किया।इस अवसर पर अजीत प्रकाशन समूह के मुख्य संपादक एवं जंगे-ए-आजादी यादगार फऊडेंशन के सदस्य सचिव डॉ. बरजिन्द्र सिह हमदर्द ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिह बादल द्वारा लगातार दिये गये उत्साह के परिणाम स्वरूप ही इस विलक्षण यादगार को दो सालो के समय के अंदर राष्ट् को समर्पित करने को विश्वासनीय बनाया जा सका है। डॉ. हमदर्द ने कहा कि यह यादगार हमारे आने वाली पीढीयो के लिए प्रकाश स्तंभ बनकर उनको राष्ट्वाद एवं देश भाक्ति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करेगी।देश की आजादी के लिए पंजाबियो के बेमिसाल योगदान को याद करते हुये डॉ. हमदर्द ने कहा कि अंडेमान निकोबार मे कुल 2646 भारतीयों को जलावतन किया गया था जिनमें से 2147 पंजाबी थे।
इसी प्रकार नेता जी सुभाष चंद्र बोस गठित इंडियन नैशनल आर्मी के 20000 सैनिको मे से 12 हजार पंजाबी थे। उन्होने कहा कि नामधारी लहर के दौरान 86 योद्धा शहीद हुये एवं 21 को अंडेमान निकोबार भेजा गया या उम्र कैद दी गई थी। उनहोने कहा कि गदर लहर के दौरान 202 देशभक्तो को शहीदी मिली जबकि 315 को उम्र कैद या अंडेमान निकोबार भेजा गया । डॉ. हमदर्द ने लोगो को शहीद भगत सिह, हरिकिशन, लाला लाज पत राये, मदन लाल ढींगरा, करतार सिह सराभा, शहीद उधम सिह जैसे आज़ादी के परवानो के बहादुरी भरे कारनामो को याद करते हुये बताया कि अकाली लहर, बब्बर अकाली, कूका गदर एवं अन्य ऐसे लहरो के परिणाम स्वरूप ही हम आजादी को आनंद मान रहे है।इस अवसर पर केन्द्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा के राज्य अध्यक्ष श्री विजय सापंला नेू दोआबे की पावन धरती पर इस महान यादगार को स्थापित करने के लिए ंमुख्य मंत्री,उप मुख्य मंत्री एवं डा हमदर्द का हादिक धन्यवाद किया। उन्होने कहा कि राज्य सरकार के इन यत्नो के साथ ही यह सिद्ध कर दियंा है कि पंजाब के शानदार इतिहास की संभाल करनेएवं अपने अमीर विरसे से प्ररेणा लेकर लोगो की सेवा करने का अवसर गठजोड़ सरकार के हिस्से आया है। श्री सांपला ने विभिन्न यादगारे स्थापित करने के राज्य की अमीर संस्कृति विरसे के प्रसार के लिए किये गये महत्वपूर्ण यत्नो का वर्णन भी किया।
इससे पूर्व उप मुख्य मंत्री एवं क बेनिट मंत्री स ब्रिकम सिह मजीठिया ने स्वंत्रता सग्रंमियो एवं उनके वारिसो को शाल एवं यादगारी चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस अवसरा पर प्रसिद्ध फिल्मकार श्री श्याम बैनेगल एंव विश्व प्रसिद्ध आर्कीटेकट श्री राज रवैल द्धारा इस यादगार के लिए डाले गये योगदान केलिए उनको विशेष तौर पर सम्मानित किया।इस अवसर पर मुख्य तौर पर पंजाब विधान सभा के स्पीकर डा चरनजीत सिह अटवाल,कबेनिट मंत्री ब्रिकम सिह मजीठिया,डा इ दलजीत सिह चीमा,जत्थेदार अजीत सिह कोहाड एवं सोहन सिह ठंडल,लोक सभा सदस्य रणजीत सिह बह्मपुरा ,सदस्य राज्य सभा बलविन्द्र सिह भून्दड एवं सुखदेव सिह ढीढंसा,विधायक केडी भंडारी,बीबी जागीर कोर,महिन्द्र कौर जोश,अविनाश चन्द्र, सरवन सिह फिल्लौर,पवन कुमार टीनू, जोगिन्द्र बिसहश्क जीदू,चौधरी नंद लाल,गुरप्रतान सिह वडाला,भूतपूर्व सांसदसदस्य त्रिलोचल सिह,भाजपा के भूतपूर्व अध्यक्ष कमल किशोर शर्मा,भूतपूर्व मंत्री डा उपेन्द्रजीत कौर,यूथ अकाली दल के दोआबा जोन के अध्यक्ष सर्बजोत साबी,भूतपूर्व कविधायक सर्बजीत सिह मकक्ड,मार्कफेड के चैयरमैन जरनैल सिह वाहिद,आकली नेता दरबारा सिह गुर,सेठ सतंपाल मितल,जत्थेदार राजिन्द्र सिह नागरा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एस के संधु, मुख्य मंत्री के विशेष प्रमुख सचिव के जे एस चीमा, सचिव सांस्कृतिक मामले श्री हुसन लाल, पंजाबी यूनिवसर्टी के वाइस चासंलर डा जसपाल सिह,डीआई जी राजिन्द्रर सिह,डिप्टी कमश्रिर श्री कमल किशोर यादव,एस एस पी रजिन्द्र सिह एवं अन्य लोग उपस्थित थे।