राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने आज मनाली में दिव्यांग योद्धा साईकिल रैली को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इस रैली का आयोजन सीमा सुरक्षा बल द्वारा आदित्य मेहता फाउंडेशन के सहयोग से किया गया है।इस पैरा साइक्लिंग अभियान की अध्यक्षता श्री आर.के नेगी कमांडेंट, बीएसएफ इन्स्टीट्यूट आॅफ एडवेंचर एण्ड एड्वांस टेनिंग कर रहे हैं। इस 34 सदस्यीय दल में बीएसफ के 13, सीआरपीएफ के 3 तथा आदित्य मेहता फाउंडेशन के 18 सदस्य हैं। यह रैली 583 किलोमीटर हिमालय की उंचाइयों से होते हुए 15 अगस्त, 2016 को खारदुंगला पहुंचेगी, जहां इसे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्री किरेन रिज्जु द्वारा स्वागत किया जाएगा।इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि वह इन वीर योद्धाओं के जज्बे को सलाम करते हैं, जिन्हांेने कारगिल में अपनी बहादुरी का परिचय देने के पश्चात अब इस प्रकार के आयोजन का हिस्सा बनकर अन्यों के लिए प्रेरणा का काम किया है। उन्होंने कहा कि भारत की अस्मिता और गौरव को बढ़ाने के लिए इन वीर जवानों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर बहादुरी का परिचय दिया है।
राज्यपाल ने कहा कि मन में कुछ करने की प्रबल इच्छा हो तो साहस, हिम्मत, निर्भीकता व कौशल के साथ कोई भी व्यक्ति हर चुनौती से पार पा सकता है। ऐसे अनेकों उदहारण हमारे सामने हैं। फिर चाहे, शारीरिक तौर पर कोई कमी क्यों न हो, लक्ष्य तक पहुंचना मुश्किल नहीं है। उन्होंने कहा कि शारीरिक कमी और कभी कभार किसी अंग के काम न करने से कोई व्यक्ति विकलांग नहीं हो जाता है। बल्कि, वह व्यक्ति विकलांग है, जो शारीरिक रूप से पूर्ण विकसित होने के बावजूद भी काम करने की इच्छा न रखता हो।उन्होंने दिव्यांग योद्धा रैली के आयोजन के लिए सीमा सुरक्षा बल, आदित्य मेहता फाउंडेशन तथा अन्य केंद्रीय सुरक्षा बलों को बधाई देते हुए कहा कि उनके प्रयासों से इस साहसिक तथा सामाजिक चेतना अभियान की हिमाचल से शुरूआत हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने इस साल सुगम्य भारत अभियान की शुरूआत की है, जिसके तहत पूरे देश में दिव्यांग जनों के लिए यह मुहिम चलाई जा रही है ताकि सामाजिक कार्यों में दिव्यांग जनों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने कहा कि एक समावेशी समाज में दिव्यांग जनांे की समान अवसरों तक पहुंच सुनिश्चित करने, आत्मनिर्भरता और जीवन के सभी क्षेत्रों में पूर्ण रूप से भाग लेने में उन्हें सक्षम बनाने के लिए उनकी सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है। इस परिप्रेक्ष्य में सीमा सुरक्षा बल का यह सराहनीय अभियान निश्चित रूप से प्रेरणादायी है, क्योंकि इस अभियान के माध्यम से राष्ट्र इन दिव्यांगों से साहस और ओज का साक्षी बनेगा।इस मौके पर सीमा सुरक्षा बल के सहायक महानिदेशक श्री रजनी कांत मिश्रा ने राज्यपाल का स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया।श्री अनिल पालीवाल, आई.जी., बीएसएफ ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।श्री आदित्य मेहता निदेशक, आदित्य फाउंडेशन, एसडीएम मनाली श्रीमती ज्योति राणा तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति इस अवसर पर उपस्थित थे।