जम्मू-कश्मीर के पूर्व राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत) एस.के. सिन्हा ने पिछले गुरूवार 23 जून, 2016 को यहां केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास (डोनर) राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), युवा मामले एवं खेल राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्यमंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह से मुलाकात की और एक घंटे चली बैठक में जम्मू एवं कश्मीर एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र से संबंधित विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। 92 वर्षीय जनरल सिन्हा युद्ध के विशेषज्ञ हैं और लंबे समय से कश्मीर के पर्यवेक्षक रहे हैं। वह पहली बार 1947 में जम्मू एवं कश्मीर भारतीय सेना के मेजर के रूप में आए और अगले 50 वर्षों तक राज्य के साथ जुड़े रहे। 2008 में उऩ्होंने राज्य के राज्यपाल के रूप में पद त्याग किया, जब श्री एन.एन. वोहरा ने पदभार ग्रहण किया।
जनरल सिन्हा ने विस्तार से स्वतंत्रता मिलने के बाद से जम्मू और कश्मीर के अब तक के विकास के बारे में अपने विचार व्यक्त किए। पूर्वोत्तर के साथ जुड़े रहने के अपने लंबे अनुभव के बारे में उन्होंने डॉ. जितेन्द्र सिंह को एक विस्तृत परिदृश्य की जानकारी दी कि किस प्रकार पिछले 65 वर्षों के दौरान असम एवं अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में घटनाएं विकसित हुई हैं। जनरल सिन्हा ने डॉ. जितेन्द्र सिंह को अनुसंधान के अपने वर्तमान विषय के बारे में भी अद्यतन किया, जो उनके गृह शहर पटना, जिसे प्रारंभ में पाटलीपुत्रा के नाम से जाना जाता था और जो लगभक सात सौ वर्षों तक भारत की राजधानी रहा था, के समृद्ध विरासत की फिर से खोज करने से संबंधित था। डॉ. जितेन्द्र सिंह ने जनरल सिन्हा की प्रतिबद्धता और अनुसंधान के लिए उत्साह की सराहना की और कहा कि उनके द्वारा मुहैया कराए गए आगत बेशुमार महत्व के हैं।