देश के महान सपूत और राष्ट्रीय गायन 'जन गन मन के निर्माता रविंदर नाथ टैगौर का 152वां जन्म दिवस बुधवार को ज्ञान ज्योती इंस्टीच्यूट में धूमधाम के साथ मनाया गया । कैंपस में इस अवसर पर एक सैमीनार का आयोजन भी किया गया जिसमें संस्थान के समूह स्टाफ ने हिस्सा लिया । सैमीनार की शुरूआत राष्ट्रीय गीत के साथ की गई ततपशचात् विभिन्न प्रवक्ताओं द्वारा टैगोर के जीवन और उनके द्वारा किए गए महान कार्यों पर रौशनी डाली गई ।ज्ञान ज्योती ग्रुप के चेयरमैन जे.एस.बेदी ने सैमीनार के दौरान अपने विचार रखते हुए कहा कि 7 मई 1861 में जन्में रबिंद्र नाथ टैगोर ने ना सिर्फ साहित्य को अहम देन दी बल्कि देश की सेवा के लिए अपना सारा जीवन लगा दिया । बेदी ने बताया कि टैगोर को गीताजंली के लिए नोबल प्राइज् से नवाज़ा गया,जबकि अंग्रेजों द्वारा दिए नाइटहूड के सम्मान को उन्होने जलियांवाला बाग के विरोध में वापस कर दिया था ।टैगोर के जीवन से सभी को प्रेरणा लेने की शिक्षा देते हुए बेदी ने कहा कि वो एक साहित्यकार,शिक्षक,देश भगत और एक महान इंसान थे । सैमीनार के अंत में टैगोर को श्रद्धांजली देते हुए एक मिनट का मौन भी रखा गया ।