मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा है कि शांति के टापू इस राज्य (मध्य प्रदेश) में उद्योग लगाने की अपार संभावनाएं हैं। राज्य के जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि राज्य सरकार और सीआईआई के संयुक्त तत्वावधान में दिल्ली में 'मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं' विषय पर गुरुवार को आयोजित सेमिनार में मुख्यमंत्री ने उद्योगपतियों से मुलाकात कर राज्य में निवेश के लिए उन्हें आमंत्रित किया और कहा कि निवेशकों को सरकार पूरा सहयोग देगी।
निवेशक को राज्य में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होगी।यह सेमिनार आगामी अक्टूबर माह में इंदौर में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस) की तैयारियों और उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।मुख्यमंत्री चौहान ने कहा कि वर्ष 2014 में हुई जीआईएस में लगभग छह लाख करोड़ रुपये के करारनामे हुए थे। डेढ़ वर्ष के अंदर ही दो लाख करोड़ का निवेश जमीनी-स्तर पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में भूमि अधिग्रहण की भी आवश्यकता नहीं है, क्योंकि उद्योग लगाने के लिये राज्य सरकार ने लैंड-बैंक बनाया है। इसमें 26 हजार हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है।
निवेशक प्रदेश में किसी भी स्थान से अनलाइन उद्योग लगाने के लिए भूमि ले सकता है। प्रदेश में अब सिंगल टेबल के कन्सेप्ट के आधार पर ही उद्योग लगाने की सभी कार्यवाही मौके पर ही की जा रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने भी उद्योगपतियों के समूह को संबोधित किया। मुख्य सचिव अंटोनी डिसा ने प्रदेश के औद्योगिक परि²श्य और प्रदेश सरकार द्वारा दी जा रही रियायत के बारे में बताया। सेमिनार में प्रमुख सचिव उद्योग मोहम्मद सुलेमान और मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव एस़ क़े मिश्रा मौजूद थे।