मध्य प्रदेश के आंगनवाड़ी केंद्रों से महिलाओं को सेनेटरी नैपकिन भी उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह बात सोमवार को महिला-बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कही। मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में कहा कि मां-बहनों के स्वास्थ्य के लिए आंगनवाड़ी केन्द्रों में सेनेटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महिला सशक्तिकरण समाज में दिखना चाहिए। इसकी सुनियोजित रणनीति बनाई जाए। उन्होंने माना कि प्रदेश में नारी उत्थान के किए जा रहे प्रयासों के बाद विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी है। विभिन्न प्रयासों से परिवार के निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी 82 फीसदी बढ़ी है। महिलाओं के बैंक खाते नौ फीसदी से बढ़कर 38 फीसदी हो गए हैं। 'लाडो अभियान' से बाल विवाह में 30 प्रतिशत की गिरावट आई है।
वहीं घरेलू हिंसा के मामलों में 27 फीसदी की कमी आई है। प्रदेश में जन्म के समय शिशु लिंगानुपात 905 से बढ़कर 927 हो गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि कुपोषण के कलंक को मिटाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि स्वागतम लक्ष्मी गान को सार्वजनिक कार्यक्रमों में कन्या-पूजन के समय तथा महिला-बाल विकास के सभी कार्यक्रमों में गाया जाएगा। बताया गया कि मध्य प्रदेश में संचालित शौर्या दल की सफलता को देखते हुए केन्द्र सरकार ने इसे पूरे देश में लागू करने का प्रस्ताव रखा है। बैठक में बताया गया कि सिंहस्थ महाकुंभ में महिलाओं और बच्चों की मदद के लिए शौर्या दल तैनात रहेंगे।