विश्व हिंदू परिषद ने देव महाकुंभ दशहरा पर्व में देव संस्कृति को जिंदा रखने के लिए एक बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है। इस रणनीति के तहत शनिवार को हिमाचल प्रदेश गुर, पुजारी, कारदार महासंघ सरंक्षण महासंघ की बैठक का भी जिला परिषद भवन में आयोजन किया गया। इस बैठक में विश्व हिंदू परिषद के प्रदेश संगठन मंत्री मनोज कुमार विशेष रूप से उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए मनोज कुमार ने कहा कि यदि मुसलमान मौलवियों को यदि मासिक मानदेय सरकार देती है तो हिंदू पुजारियों को क्यों नहीं। उन्होंने कहा कि देवी देवताओं के सरंक्षकों गुर, पुजारी, कारदार व बजंतरियों को भी सरकार मानदेय दें अन्यथा यह आंदोलन उग्र रूप धारण कर लेगा और कहीं ऐसा न हो कि 2017 के चुनाव में विधानसभा की दहलीज तक गुर, पुजारी और बजंतरी ही पहुंचे। वहीं गुर,पुजारी, कारदार व बजंतरी महासंघ के प्रदेश संगठन महामंत्री राहुल सौलंकी ने कहा कि आने वाले पंचायत चुनाव में उसी जिला परिषद उम्मीदवार, नगर परिषद उम्मीदवार व पंचायत प्रधान उम्मीदवार को वोट दें जो यह वादा करेग की वह देव समाज के चार स्तंभों को मासिक वेतन दिलवाएंगे। उन्होंने कहा कि जो देव समाज को हितैषी नहीं होगा उस उम्मीदवार का जनता व देव समाज वहिष्कार करें।
बैठक की अध्यक्षता प्रांत के कार्यकारी अध्यक्ष नरोतम नेगी ने की। इस बैठक में लगभग साढ़े 3सौ से अधिक कारदार, गुर, पुजारी, बजंतरी रहे। बैठक का संचालन महासंघ के उपाध्यक्ष इंद्र देव शास्त्री ने की। महासंघ के संगठन महामंत्री ने कहा कि हम भीख नहीं मांग रहे हम अधिकार मांग रहे हैं। महासंघ देव समाज के अधिकारों की लड़ाई पिछले दो वर्षो से लड़ रहा है। हमारी मांग है कि देव संस्कृति के वाहक देव समाज के चारों स्तंभों गुर, पुजारी, कारदार, बजंतरी को मासिक मानदेय भत्ता होना चाहिए। प्रत्येक देवता के नाम से चारों अंगो को प्रदेश सरकार की तरफ से मासिक मानदेय पांच-पांच हजार रूपए हो। प्रदेश सरकार द्वारा जो रिवॉलविंग फंड देव समाज के सरंक्षण एवं संवर्धन के लिए जारी किया है वह समान रूप से सभी देवताओं को मिले और उनके रख-रखाव की चिंता प्रदेश सरकार वहन करे। रिवॉलविंग फंड 10 करोड़ रूपए से बढ़ाकर 50 करोड़ रूपए वार्षिक होना चाहिए। युवाओं को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए टुरिजम, ट्रांस्र्पोट एवं लघु उद्योग जैसे अनेक साधनों से युवाओं को धार्मिक आयोजन कर जैसे सप्तऋषि महाकुभ का आयोजन करना चाहिए। इससे युवओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे और बिखरी हुई देव संस्कृति का एक जगह एकत्रिकरण कर संरक्षित और संवर्धन करना चाहिए। हम मांग करते हैं कि यदि हमारी मांगे जल्द नहीं मानी गई तो आशिंक अनशन पर बैठेंगे।
यह अगवाई संगठन महामंत्री के नेतृत्व होगी। यदि मुझे देव समाज के लिए आत्मदाह करना पड़े तो हम इस लड़ाई को परिणाम तक ले जाएंगे। हमारी किसी कारदार संघ से कोई लड़ाई नहीं है हम उनके साथ मिलकर उनके साथ इस लड़ाई को लडऩा चाहते हैं। वह भी देव सरंक्षण की इस लड़ाई में हमारा साथ दें। देव समाज के अधिकारों के लिए हम सभी का आवहान करते हैं कि यह लड़ाई पूरे प्रदेश भर की है न कि कुल्लू जिला की। रघुनाथ जी की धरती से विगुल फंूका है। आज बैठक में कारदार और देवता के अन्य चारों स्तंभों ने आकर इस लड़ाई में अपना कदम रखा है। हमने इस लड़ाई में राज्यपाल महोदय को ज्ञापन सौंपा और इस लड़ाई को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री तक लेकर जाने वाले हैं। बैठक में अनेक वक्ताओं ने अपने विचार रखे। देव समाज के चारों स्तंभों ने अपने विचार रखे और लड़ाई में चलने का आश्वासन दिया और फॉर्म में हस्ताक्षर कर संकल्प लिया कि देव संरक्षण के प्रति हम महासंघ के साथ हैं। बैठक का समापन श्याम लाल शर्मा गुर संघ के अध्यक्ष और महासंघ के उपाध्यक्ष ने किया।