वन रैंक, वन पेंशन (ओआरओपी) की मांग कर रहे पूर्व सैन्यकर्मियों ने शुक्रवार को चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं होने पर वे आंदोलन तेज करेंगे। मेजर जनरल सतबीर सिंह (सेवानिवृत्त) ने आरोप लगाया कि सरकार वन रैंक, वन पेंशन पर एकतरफा घोषणा करने की योजना बना रही है।दिल्ली के जंतर-मंतर पर पूर्व सैन्यकर्मियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा वे 'अन्याय' के खिलाफ लड़ रहे हैं, उनका मुकाबला किसी भी सरकार या राजनीतिक पार्टी से नहीं है।उन्होंने कहा कि लोक सेवकों से अलग सिर्फ एक फीसदी सैन्यकर्मी ही 60 वर्ष की उम्र तक सेवा में रहते हैं। सैन्यकर्मियों में लगभग 85 फीसदी 40 वर्ष की उम्र से पहले ही सेवानिवृत्त हो जाते हैं।सतबीर सिंह ने कहा, "हमारी मांग के अनुरूप ओआरओपी नहीं दी गई, तो हम आंदोलन तेज करेंगे।" उन्होंने हालांकि यह भी कहा कि वे कुछ हद तक समझौते के लिए तैयार हैं।उन्होंने कहा, "यदि सरकार की घोषणा हमारे हित के विरुद्ध होगी, तो हम उसका विरोध करेंगे।"उन्होंने जंतर-मंतर को 'सैनिक संसद' कहा।उनके संबोधन के दौरान सैकड़ों पूर्व सैन्यकर्मी 'भारत माता की जय' और 'सैनिक एकता जिंदाबाद' के नारे लगाते रहे।