केंद्रीय वित्त और कॉरपोरेट कार्य की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज नई दिल्ली में सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (सीबीडीटी) द्वारा आयोजित आयकर दिवस समारोह की 167वीं वर्षगांठ में भाग लिया। इस मौके पर राजस्व विभाग के सचिव श्री अरविंद श्रीवास्तव, सीबीडीटी के चेयरमैन श्री रवि अग्रवाल, सीबीआईसी के चेयरमैन श्री विवेक चतुर्वेदी, सीबीडीटी और सीबीआईसी के सदस्य तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद थे।
167वें आयकर दिवस समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने इस बात पर बल दिया कि आयकर विभाग की भूमिका अब केवल टैक्स वसूलने तक सीमित नहीं रही है, बल्कि यह एक निष्पक्ष, कुशल, पारदर्शी और करदाता-केंद्रित टैक्स व्यवस्था बनाने की दिशा में विकसित हुई है। उन्होंने आयकर अधिनियम, 2025 के कार्यान्वयन को एक ऐतिहासिक सुधार के रूप में वर्णित किया।
इसने कानून को सरल बनाया है, अनुपालन लागत को कम किया है और व्यापार करने में आसानी को सुदृढ़ किया है। उन्होंने ई-फाइलिंग पोर्टल की बेहतर क्षमता, रिटर्न प्रोसेसिंग में सुधार, तुरंत रिफंड और शिकायतों के निपटारे में हुई उल्लेखनीय प्रगति का भी जिक्र किया। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि विभाग को सिर्फ शिकायतों के निपटारे तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बार-बार होने वाली समस्याओं का विश्लेषण करना चाहिए और सिस्टम में सुधार करके उन्हें रोकना चाहिए।
उन्होंने टैक्सपेयर सर्विस के लिए 'रिस्पॉन्सिव टैक्स गवर्नेंस' के 5आर - पहचानना, प्रतिक्रिया देना, समाधान करना, विचार करना) और सुधार करना - को मार्गदर्शक सिद्धांतों के तौर पर बताया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ईमानदार टैक्सपेयर्स को सुविधा मिलनी चाहिए, अनजाने में हुई गलतियों को सुधारने के अवसर मिलने चाहिए और टैक्स प्रबंधन को विनम्रता के साथ अपने अधिकारों का इस्तेमाल करना चाहिए।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टैक्स देने वाले भारत के विकास में भागीदार हैं और टैक्स से जुड़ी निश्चितता को मजबूत करके कानूनी विवादों को कम करने पर लगातार ध्यान देने का आह्वान किया। वित्त मंत्री श्रीमती सीतारमण ने आधुनिक बुनियादी ढांचे, प्रौद्योगिकी और मानव संसाधनों में लगातार निवेश से संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के महत्व को भी रेखांकित किया।
उन्होंने ऑफिस और वेलफेयर सुविधाओं को बेहतर बनाने में हुई प्रगति की सराहना की। साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, फरेंसिक अकाउंटिंग, इंटरनैशनल टैक्सेशन, ट्रांसफर प्राइसिंग, डिजिटल एसेट्स, साइबर सिक्योरिटी और लीडरशिप डिवेलपमेंट जैसे उभरते क्षेत्रों में क्षमता निर्माण का आह्वान किया। उन्होंने विभाग से कहा कि वे स्वेच्छा से टैक्स नियमों का पालन करने को बढ़ावा दें, टैक्स भरने वालों के अनुभव को और सरल बनाएं, टैक्स से जुड़ी निश्चितता को मजबूत करें, टेक्नोलॉजी का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें, संस्थागत उत्कृष्टता हासिल करें, जनता का भरोसा बढ़ाएं और लगातार सुधार करते रहें।
167वें आयकर दिवस के मौके पर आयकर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई देते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि विभाग व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देने, टैक्स भरने वालों का भरोसा मजबूत करने और भारत की आर्थिक वृद्धि में मदद करने में अहम भूमिका निभाता रहेगा। इस मौके पर अपने संबोधन में वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के सचिव श्री अरविंद श्रीवास्तव ने आयकर विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों बधाई दी।
उन्होंने आयकर अधिनियम, 2025 और नए आयकर नियमों व फॉर्म को लागू करने को एक सरल, स्पष्ट और करदाताओं के लिए अधिक अनुकूल कर प्रणाली की दिशा में एक अहम सुधार बताया। साथ ही उन्होंने करदाताओं तक पहुंच बढ़ाने, शिकायतों के समाधान, कानूनी विवादों के प्रबंधन और प्रौद्योगिकी संचालित सेवा वितरण को मजबूत करने में विभाग के प्रयासों की सराहना की।
करदाताओं को सुधारों के केंद्र में रखते हुए प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए उन्होंने अनुपालन में आसानी, कर निश्चितता, गुणवत्तापूर्ण सेवा वितरण और नवाचार पर निरंतर ध्यान केंद्रित करने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि विभाग आम लोगों के विश्वास को मजबूत करना जारी रखेगा और 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण में योगदान देगा।
आयकर विभाग की ओर से गणमान्य व्यक्तियों का स्वागत करते हुए श्री रवि अग्रवाल ने पिछले आयकर दिवस समारोह के दौरान केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा निर्धारित प्राथमिकताओं और इस वर्ष की शुरुआत में 'प्रारंभ' कार्यक्रम में व्यक्त की गई अपेक्षाओं को स्मरण करते हुए उन निर्देशों को व्यापक परिणामों में बदलने में विभाग की प्रगति को रेखांकित किया।
उन्होंने कानूनी विवादों को कम करने, अपीलों का तेजी से निपटारा करने और 'एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स' के जरिए टैक्स से जुड़ी निश्चितता बढ़ाने की दिशा में विभाग की लगातार कोशिशों पर बल दिया। उन्होंने तेजी से रिटर्न प्रोसेसिंग, अपील-प्रभाव आदेश और रिफंड और शिकायत निवारण को मजबूत करने के क्षेत्रों में उपलब्धियों का भी उल्लेख किया।
उन्होंने 'प्रारंभ' और 'संवाद' जैसी पहलों के जरिए टैक्सपेयर्स तक पहुंच बढ़ाने में विभाग की उपलब्धियों पर भी जोर दिया। उन्होंने अनुपालन को सरल बनाने, करदाता अनुभव को बेहतर बनाने और स्वैच्छिक अनुपालन को मजबूत करने के लिए पैन 2.0, आईटीबीए 2.0, आईईसी 3.0, कर साथी और सक्षम नज फ्रेमवर्क जैसी पहलों के माध्यम से प्रौद्योगिकी का लाभ उठाने पर विभाग के निरंतर ध्यान देने की बात को भी रेखांकित किया।
उन्होंने आयकर अधिनियम, 2025 के तहत नियमों और प्रपत्रों को तैयार करने में शामिल अधिकारियों सहित सभी सीबीडीटी वर्टिकल की सराहना की। माननीय वित्त मंत्री के निरंतर मार्गदर्शन और सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने नवाचार, सहयोग और नागरिक-केंद्रित शासन के माध्यम से एक निष्पक्ष, पारदर्शी और विश्वसनीय कर व्यवस्था बनाने के लिए विभाग की प्रतिबद्धता जताई।
केंद्रीय वित्त मंत्री ने आयकर विभाग के छह प्रमुख प्रकाशनों का भी विमोचन किया, जो ज्ञान साझा करने, क्षमता निर्माण, पारदर्शिता और करदाता केंद्रित शासन के प्रति इसकी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। इनमें शामिल हैं :
अवलोकन, एफटीएंडटीआर डिवीजन की पहली सालाना रिपोर्ट, जिसमें अंतरराष्ट्रीय कराधान में भारत के बढ़ते नेतृत्व पर प्रकाश डाला गया;
सूचना के आदान-प्रदान पर नियमावली; एफएटीसीए और सीआरएस अपडेटेड गाइडेंस नोट;
क्रिप्टो-एसेट सेवा प्रदाताओं के लिए क्रिप्टो-एसेट रिपोर्टिंग दायित्वों पर भारत का पहला व्यापक गाइडेंस नोट;
एपीए कार्यक्रम की वार्षिक रिपोर्ट, जिसमें कार्यक्रम की प्रगति को दर्शाया गया है;
कर प्रबंधन को फिर से तैयार करना, कागज-आधारित प्रक्रियाओं से एक एकीकृत, प्रौद्योगिकी-संचालित और करदाता-केंद्रित डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र में परिवर्तन को समझना।
इस कार्यक्रम के दौरान कराधान के इतिहास को दर्शाने वाली चार लघु फिल्में, कर्मयोगी शिक्षा पथ पोर्टल, वित्त वर्ष 2025-26 में आयकर विभाग की उपलब्धियां और डिजिटल युग में करदाता के साथ बातचीत के नए तरीकों को दिखाया गया।
सीबीडीटी की सदस्य श्रीमती जी. अपर्णा राव ने धन्यवाद प्रस्ताव के साथ कार्यक्रम का समापन किया। उन्होंने इस कार्यक्रम में शामिल होने और अपने ज्ञानपूर्ण विचारों से विभाग को प्रेरित करने के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री का धन्यवाद किया। साथ ही, उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद अन्य सभी गणमान्य हस्तियों का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने मीडिया और कार्यक्रम के आयोजकों का भी धन्यवाद किया।