युवाओं के विकास के लिए सरकार और उद्योग जगत के बीच सहयोग और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के युवा कार्यक्रम विभाग ने नई दिल्ली स्थित डॉ. बी.आर. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में उद्योग संघ सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन में 20 से अधिक प्रमुख उद्योग संघों, कॉर्पोरेट संस्थानों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व संगठनों तथा वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया, जिससे 'मेरा युवा भारत' (माय भारत) पारिस्थितिकी तंत्र के माध्यम से साझेदारी बढ़ाई जा सके।
सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य कौशल विकास, स्वयंसेवा, इंटर्नशिप, उद्यमिता, नवाचार तथा कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) द्वारा युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार करना और साथ ही 'विकसित भारत@2047' के दृष्टिकोण को गति देना था। उद्घाटन सत्र में केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे, युवा कार्यक्रम विभाग की सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल, कॉर्पोरेट मामले मंत्रालय की सचिव सुश्री दीप्ति गौर मुखर्जी, युवा कार्यक्रम विभाग के अपर सचिव श्री नितेश कुमार मिश्रा तथा प्रमुख उद्योग संघों एवं सीएसआर संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।
डॉ. मनसुख मांडविया ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का जनसांख्यिकीय लाभांश तभी देश की सबसे बड़ी शक्ति बन सकता है, जब सरकार और उद्योग जगत मिलकर युवाओं को सार्थक एवं गुणवत्तापूर्ण अवसरों से जोड़ने के लिए सक्रिय सहयोग करें। उन्होंने कहा कि भारत की लगभग 65 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है।
हमारे युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति और सॉफ्ट पावर हैं। माई भारत प्लेटफॉर्म के माध्यम से उन्हें उद्योग जगत से जोड़कर उनकी क्षमता को नई दिशा दी जा सकती है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है। डॉ. मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा परिकल्पित 'माई भारत' डिजिटल प्लेटफॉर्म एक सिंगल-विंडो व्यवस्था के रूप में कार्य करता है, जो युवाओं को सीखने, स्वयंसेवा, नवाचार, कौशल विकास तथा नेतृत्व से जुड़े विभिन्न अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने उद्योग संघों से अपील की कि वे अपनी कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व- सीएसआर पहल का प्रभावी उपयोग कर युवाओं के लिए सुनियोजित अवसर उपलब्ध कराएं, उद्यमिता और अनुभवात्मक शिक्षा को प्रोत्साहित करें, औद्योगिक क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाएं तथा माई भारत स्वयं -सेवकों के सहयोग से वाइब्रेंट विलेजेज़ (सीमावर्ती क्षेत्रों के गांवों में विकास) में सक्रिय भूमिका निभाएं।
युवाओं में बढ़ते मादक पदार्थों के सेवन की समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने सरकार, उद्योग जगत और नागरिक समाज से सामूहिक प्रयास करने का आह्वान किया, ताकि युवाओं की ऊर्जा को प्रभावी रूप से सकारात्मक राष्ट्र निर्माण की दिशा में लगाई जा सके। केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए उद्योग संघों और विभिन्न संस्थानों से आग्रह किया कि वे अपनी युवा-केंद्रित पहल को 'माई भारत' डिजिटल प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ें।
उन्होंने कहा कि युवा विकास केवल कौशल निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य ऐसे जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है, जो सशक्त और अधिक समावेशी भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। माई भारत प्लेटफॉर्म के साथ युवा पहल को जोड़ कर हम सुनिश्चित कर सकते हैं कि देश के दूरदराज़ क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं सहित प्रत्येक युवा तक ऐसे अवसर प्रभावी रूप से पहुंचें।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि एमवाई भारत प्रतिभाशाली युवाओं को भौगोलिक सीमाओं से परे उपलब्ध अवसरों से जोड़ने वाले एक प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करता है। उन्होंने संगठनों से अपील की कि वे इस मंच द्वारा मंत्रालय की प्रमुख पहल को सक्रिय रूप से प्रोत्साहित करें। श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने कहा कि उद्योग जगत और युवाओं के बीच सुदृढ़ साझेदारी नवाचार, रोजगार, उद्यमिता तथा सामुदायिक विकास के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी।
युवा कार्यक्रम सचिव डॉ. पल्लवी जैन गोविल ने कहा कि माई भारत एक व्यापक डिजिटल पारितंत्र के रूप में विकसित हो रहा है, जो युवाओं की आकांक्षाओं को समझते हुए उन्हें सीखने, स्वयंसेवा, नवाचार, उद्यमिता और रोजगार से जुड़े विभिन्न अवसरों से जोड़ता है। उन्होंने कहा कि यह मंच केवल रोजगार क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि जिम्मेदार नागरिकों और सक्रिय राष्ट्र निर्माताओं के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने उद्योग संघों से आग्रह किया कि वे इंटर्नशिप, मेंटरशिप, हैकाथॉन, कोडिंग प्रतियोगिताओं, नवाचार चुनौतियों तथा अन्य ज्ञान-आधारित पहल संचालन के लिए इस मंच का अधिक से अधिक उपयोग करें। इससे युवाओं को व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा और उद्योगों को उभरती प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
कॉर्पोरेट मामले सचिव सुश्री दीप्ति गौर मुखर्जी ने उद्योग और युवाओं के बीच सुनियोजित सहयोग की व्यापक संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने सफल इंटर्नशिप और नागरिक सहभागिता के विभिन्न मॉडलों का उल्लेख करते हुए उद्योग संघों से अपने सदस्य संगठनों के माध्यम से संरचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन तथा अनुभवात्मक शिक्षण के अवसरों को सक्रिय रूप से बढ़ावा देने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ऐसी साझेदारियां युवाओं को व्यावहारिक कौशल प्राप्त करने में सहायक होंगी, वहीं उद्योगों को भी भविष्य की प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें विकसित करने का अवसर प्रदान करेंगी। सीआईआई, फिक्की, एसोचैम, नैसकॉम, पीएचडीसीसीआई, इंडिया एसएमई फोरम, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन, आईपीए, आईएसपीए, एसआईए, एनएचआरडीएन, सीएआईटी, डब्ल्यूटीसी मुंबई तथा एआईएआई सहित प्रमुख उद्योग संघों के प्रतिनिधियों ने प्रमुख सीएसआर संगठनों के साथ मिलकर माई भारत पारितंत्र के माध्यम से स्वयंसेवा, कौशल विकास, इंटर्नशिप और युवा सहभागिता के दायरे का विस्तार करने के लिए सहयोगात्मक मॉडलों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया।
सरकार और उद्योग जगत के बीच साझेदारी और अधिक सुदृढ़ बनाने, उद्योग से जुड़े हितधारकों को मेरा युवा भारत मंच से जोड़ने तथा सशक्त राष्ट्रीय पारितंत्र के निर्माण की साझा प्रतिबद्धता के सम्मेलन संपन्न हुआ। यह पारितंत्र युवाओं के लिए अवसर विस्तारित करते हुए 'विकसित भारत@2047' की परिकल्पना में महत्वपूर्ण योगदान देगा।