पंजाब के राज्यपाल एवं यूटी चंडीगढ़ के प्रशासक माननीय श्री गुलाब चंद कटारिया के दूरदर्शी मार्गदर्शन में स्कूल शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ द्वारा यूटी सचिवालय में सरकारी विद्यालयों के मेधावी कक्षा 10 के विद्यार्थियों के लिए करियर मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी संवाद सत्र का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्रेरित करना, उन्हें विभिन्न करियर विकल्पों के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान करना तथा शिक्षा एवं जीवन में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा निदेशक, चंडीगढ़ श्री नितीश सिंगला सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं शिक्षक उपस्थित रहे। इस अवसर पर सरकारी विद्यालयों के 114 मेधावी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के विशिष्ट संसाधन व्यक्तियों में आईएएस मेंटर श्री राज मल्होत्रा, शैक्षिक मनोवैज्ञानिक सुश्री सादगी मल्होत्रा तथा रोटरी क्लब के सदस्य डॉ. रामनीक शर्मा शामिल थे।
उन्होंने विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा किए और उनसे विस्तृत संवाद किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री राज मल्होत्रा ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए उन्हें बड़े सपने देखने, अनुशासित रहने तथा अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए समर्पण के साथ मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जो मेधावी विद्यार्थी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी के लिए आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं, उन्हें आईएएस परीक्षा की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि आर्थिक कठिनाइयाँ उनकी प्रतिभा और आकांक्षाओं के मार्ग में बाधा न बनें।
श्री नितीश सिंगला ने अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासन, निरंतरता और एकाग्र होकर अध्ययन करने का संदेश दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को विशेष रूप से मोबाइल फोन के अत्यधिक उपयोग जैसी अनावश्यक व्यस्तताओं से बचने की सलाह दी तथा नियमित व्यायाम, सैर और स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के महत्व पर बल दिया, जिससे शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ समग्र स्वास्थ्य भी सुनिश्चित हो सके।
सुश्री सादगी मल्होत्रा ने विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, भावनात्मक संतुलन, सकारात्मक सोच, प्रभावी अध्ययन पद्धति तथा शैक्षणिक चुनौतियों का संतुलित ढंग से सामना करने के बारे में मार्गदर्शन दिया। वहीं डॉ. रामनीक शर्मा ने विद्यार्थियों को उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने, सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने तथा आजीवन सीखते रहने के लिए प्रेरित किया।
सत्र अत्यंत संवादात्मक रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने करियर के विभिन्न विकल्पों, प्रतियोगी परीक्षाओं, अध्ययन तकनीकों, समय प्रबंधन, मानसिक स्वास्थ्य तथा व्यक्तित्व विकास से जुड़े अनेक प्रश्न पूछे। विशेषज्ञों ने सभी प्रश्नों के व्यावहारिक एवं प्रेरणादायी उत्तर देकर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया, जिससे कार्यक्रम ज्ञानवर्धक एवं प्रेरक सिद्ध हुआ।
इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि जिन विद्यार्थियों को व्यक्तिगत करियर मार्गदर्शन अथवा मनोवैज्ञानिक परामर्श की आवश्यकता होगी, उन्हें एक-से-एक काउंसलिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे अपने शैक्षणिक एवं व्यावसायिक भविष्य के संबंध में सही निर्णय ले सकें।
कार्यक्रम का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ। स्कूल शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ ने विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और उनके समग्र विकास के लिए भविष्य में भी ऐसे सार्थक कार्यक्रम आयोजित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह संवाद सत्र विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, नई प्रेरणा और उत्कृष्टता प्राप्त करने के संकल्प से भर गया।