चंडीगढ़ में चल रही सड़क सुरक्षा पहलों एवं अवसंरचना कार्यों की प्रगति की समीक्षा हेतु जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक श्री निशांत कुमार यादव, आईएएस, उपायुक्त, चंडीगढ़ की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में एसएसपी (ट्रैफिक एवं सुरक्षा), एसडीएम, राज्य परिवहन प्राधिकरण (एसटीए), इंजीनियरिंग विभाग, शहरी नियोजन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम चंडीगढ़ तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट (एटीआर) प्रस्तुत की गई। रिपोर्ट में सेक्टर 14/25 तथा सेक्टर 25/38 को विभाजित करने वाली सड़क पर रोड फर्नीचर की स्थापना एवं इंजीनियरिंग उपायों के कार्यान्वयन, खराब यातायात संकेतकों की मरम्मत एवं प्रतिस्थापन, डड्डूमाजरा डंपिंग ग्राउंड के निकट धनास पुल, मटका चौक तथा इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 के टी-पॉइंट पर ऑटोमैटिक ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) सिग्नलों की स्थापना तथा पंचकूला एवं बलटाना मोड़ों पर यातायात संकेतकों की व्यवस्था के माध्यम से यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने एवं जाम कम करने संबंधी कार्यों की जानकारी दी गई।
समिति को एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट से एयरपोर्ट तक सड़क चौड़ीकरण, ट्रांसपोर्ट चौक से ट्रिब्यून चौक तथा कालीबाड़ी लाइट प्वाइंट से सेक्टर-47 लाइट प्वाइंट तक साइकिल ट्रैक के भौतिक पृथक्करण, चिन्हित घातक दुर्घटना स्थलों पर सड़क इंजीनियरिंग उपायों के कार्यान्वयन, साइकिल ट्रैकों पर रिसाव की मरम्मत, प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस सहायता बूथों की स्थापना तथा शहरभर में रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं द्वारा किए गए अतिक्रमणों के विरुद्ध की गई कार्रवाई से भी अवगत कराया गया।
प्रधानमंत्री राहत योजना, जिसे सड़क दुर्घटना पीड़ितों को कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया है, की भी विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि गैर-गंभीर मामलों में 24 घंटे के भीतर तथा जीवन-रक्षक उपचार वाले मामलों में 48 घंटे के भीतर दुर्घटना मामलों का सत्यापन सुनिश्चित किया जाए। स्वास्थ्य विभाग को योजना के अंतर्गत लंबित निधि निर्गमन मामलों की समीक्षा कर निर्धारित समयावधि में अद्यतन स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की राह-वीर योजना (गुड समैरिटन योजना) पर भी चर्चा की गई, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ‘गोल्डन ऑवर’ के दौरान समय पर सहायता प्रदान करने वाले व्यक्तियों को प्रोत्साहित करना एवं सम्मानित करना है। समिति को बताया गया कि छह व्यक्तियों ने दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने में त्वरित सहायता प्रदान की है। उनके सराहनीय मानवीय प्रयासों की प्रशंसा करते हुए समिति ने योजना के प्रावधानों के तहत सत्यापन उपरांत उन्हें प्रशंसा प्रमाण-पत्र तथा ₹25,000 की नकद राशि प्रदान कर सम्मानित करने का निर्णय लिया।
उपायुक्त ने सभी चल रही सड़क सुरक्षा परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने के महत्व पर बल दिया तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए सड़क सुरक्षा उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क सुरक्षा अवसंरचना को सुदृढ़ बनाने, यातायात प्रबंधन में सुधार लाने तथा शहर के सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुगम एवं यात्री-अनुकूल यातायात वातावरण विकसित करने के प्रति चंडीगढ़ प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई।