चंडीगढ़ रेजिडेंट्स एसोसिएशंस वेलफेयर फेडरेशन (CRAWFED) के चेयरमैन हितेश पुरी और सीनियर वाइस चेयरमैन एवं मनोनीत पार्षद उमेश घई के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को डिप्टी कमिश्नर चंडीगढ़ से मुलाकात कर शहर के विभिन्न सेक्टरों से जुड़े जनहित के मुद्दों और विकास संबंधी मांगों को उठाया। प्रतिनिधिमंडल में सेक्टर-38 ए एवं 38 बी आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह, सेक्टर-23 आरडब्ल्यूए के उपाध्यक्ष हेम राज सतीजा तथा सेक्टर-45 ए आरडब्ल्यूए के महासचिव अरविंद बडोनी सहित अन्य प्रतिनिधि शामिल रहे।
बैठक के दौरान सेक्टर-23 डी में स्थित एन चो तथा एसएसके (सॉलिड स्टोरेज केंद्र) परिसर के कारण उत्पन्न हो रही जनस्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने भवन उपनियमों (Building Bye-laws) में संशोधन की मांग करते हुए छतों के बेहतर उपयोग को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने ग्रीन रूफ, टैरेस गार्डनिंग और रूफटॉप सोलर एनर्जी सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए नियमों में आवश्यक बदलाव करने का आग्रह किया। प्रतिनिधियों ने कहा कि इससे वायु गुणवत्ता में सुधार, नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा तथा मौजूदा शहरी अवसंरचना का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।
इसके अलावा सेक्टर-45 ए की वी-5 रोड पर लंबे समय से बनी हुई ट्रैफिक जाम और सड़क सुरक्षा संबंधी समस्याओं को भी उठाया गया। प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि सड़क पर बढ़ते यातायात दबाव के कारण स्थानीय निवासियों, स्कूली बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को जोखिम का सामना करना पड़ता है तथा इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी यातायात प्रबंधन उपायों की आवश्यकता है।
डिप्टी कमिश्नर ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा उठाए गए सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना और उन पर सकारात्मक कार्रवाई तथा उचित समाधान का आश्वासन दिया। क्राफ़ेड पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन की पहल से संबंधित क्षेत्रों के निवासियों को राहत मिलेगी और लंबित समस्याओं का शीघ्र निपटारा होगा।