रयात बाहरा यूनिवर्सिटी में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस बड़े उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। विश्वविद्यालय के एनसीसी एवं एनएसएस विभागों द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और समाज में शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य तथा समग्र विकास के लिए योग के महत्व को उजागर करना था।
एनसीसी/एनएसएस के डायरेक्टर प्रो. (मेजर) ए.एस. चहल ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस अभियान के अंतर्गत विश्वविद्यालय द्वारा कई जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी श्रृंखला के तहत रयात बाहरा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, में योग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को योग के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक लाभों की जानकारी दी गई।
इसके अलावा 16 जून को दिव्य चैनल के सहयोग से एक विशेष योग सत्र आयोजित किया गया, जिसमें एनसीसी कैडेट्स, एनएसएस स्वयंसेवकों, खेल विद्यार्थियों, फैकल्टी सदस्यों और विश्वविद्यालय के स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मुख्य समारोह में आरबीयू, आरबीआईएस, खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खरड़, सेक्रेड सोल्स स्कूल, घड़ुआँ तथा एनी स्कूल, खरड़ के विद्यार्थियों ने भी भागीदारी की।
प्रतिभागियों ने अनुभवी प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान अभ्यास किए। सत्रों के दौरान तनाव प्रबंधन, एकाग्रता में वृद्धि तथा समग्र स्वास्थ्य और कल्याण पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) संजय कुमार ने कहा कि योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जो संतुलित और स्वस्थ जीवन का मार्ग प्रशस्त करती है।
डीएसडब्ल्यू प्रो. (डॉ.) सिमरजीत कौर ने विद्यार्थियों के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक विकास के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दोहराया। यह कार्यक्रम प्रो. (मेजर) ए.एस. चहल, निदेशक एनसीसी/एनएसएस तथा प्रो. (डॉ.) गौरव कटोच, सीटीओ के मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।