सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY), राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस प्रभाग (NeGD), भारत सरकार तथा सी-डैक मोहाली के सहयोग से 3 जून 2026 को होटल माउंटव्यू, सेक्टर-10, चंडीगढ़ में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023 पर जागरूकता एवं क्रियान्वयन कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला की अध्यक्षता निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी, चंडीगढ़ प्रशासन ने की। इस अवसर पर नगर निगम चंडीगढ़ के संयुक्त आयुक्त, NeGD एवं सी-डैक मोहाली के वरिष्ठ अधिकारी तथा चंडीगढ़ प्रशासन के विभिन्न विभागों का प्रतिनिधित्व कर रहे लगभग 200 वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला का उद्देश्य सरकारी अधिकारियों को डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन अधिनियम, 2023 के प्रावधानों के प्रति संवेदनशील बनाना तथा विभिन्न विभागों में इसके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु संस्थागत तैयारियों को सुदृढ़ करना था।
NeGD के विशेषज्ञ संसाधन व्यक्तियों द्वारा अधिनियम के विधायी ढांचे, प्रमुख परिभाषाओं तथा सरकारी विभागों में इसकी व्यावहारिक उपयोगिता पर विस्तृत तकनीकी सत्र आयोजित किए गए। प्रतिभागियों को डेटा फिड्यूशियरी की जिम्मेदारियों, डेटा प्रिंसिपल के अधिकारों, व्यक्तिगत डेटा के वैध प्रसंस्करण, सहमति प्रबंधन, उद्देश्य सीमा निर्धारण, डेटा न्यूनिकरण, सुरक्षा उपायों तथा डेटा उल्लंघन की सूचना संबंधी आवश्यकताओं के बारे में जानकारी दी गई।
सत्रों में बच्चों के डेटा से संबंधित प्रावधानों, शिकायत निवारण तंत्र, डेटा प्रोटेक्शन अधिकारियों की नियुक्ति तथा अधिनियम के अंतर्गत प्रस्तावित प्रवर्तन व्यवस्था पर भी विशेष रूप से चर्चा की गई। अधिकारियों को विभागीय डेटा प्रवाह का मानचित्रण करने तथा नए डेटा संरक्षण ढांचे के अनुरूप अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक उपाय अपनाने संबंधी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया।
इस अवसर पर निदेशक सूचना प्रौद्योगिकी, चंडीगढ़ प्रशासन ने कहा कि यह कार्यशाला उत्तरदायी डिजिटल शासन एवं नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन के सभी विभागों को DPDP अधिनियम, 2023 के प्रावधानों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक प्रशिक्षण एवं सहयोग प्रदान किया जाएगा।
कार्यशाला के उपरांत सूचना प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विभिन्न विभागों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों एवं क्षमता निर्माण पहलों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी, ताकि प्रशासन में अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को सुगम बनाया जा सके।इस पहल के अंतर्गत मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) के विकास तथा नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा हेतु संस्थागत व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
यह कार्यशाला चंडीगढ़ प्रशासन की सुरक्षित, पारदर्शी एवं जवाबदेह डिजिटल शासन व्यवस्था विकसित करने तथा नागरिकों की निजता के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।