Tuesday, 21 July 2026

 

 

खास खबरें लोकतंत्र प्रतिनिधित्व से चलता है, उसके लिए नुमायंदे बनाए जाते हैं, नुमायंदों को अपनी बात संसद में रखनी चाहिए’’: अनिल विज पर्यावरण संरक्षण को बनाएं जन आंदोलन : नायब सिंह सैनी ट्रीटेड पानी का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी देश के युवा और किसान सड़कों पर हैं, लेकिन बातचीत करने के बजाय, भाजपा सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है : बलतेज पन्नू मुख्यमंत्री से मिले नीट (स्नातक)-2026 में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक प्राप्त करने वाले पंशुल बंसल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मिर्जापुर माजरा व भूखड़ी पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों को दी सांत्वना लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपना वोट अवश्य बनवाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री मोदी ने देखते ही पहचाना, कार्यकर्ताओं के प्रति उनका स्नेह अतुलनीय : विनीत जोशी मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की विशेष गहन पुनरीक्षण पर समीक्षा बैठक आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी कॉन्वोकेशन 2026: 506 स्टूडेंट्स को मिली डिग्रियां नाबार्ड ने बदली हरियाणा के ग्रामीण आँचल की तस्वीर विपुल गोयल की अध्यक्षता में एच.ए.डी.सी की 8वीं बोर्ड बैठक संपन्न आईटीआई छात्रों को हुनरमंद बनाकर आधुनिक उद्योगों से जोड़ना है सरकार का मुख्य लक्ष्य- राज्य मंत्री गौरव गौतम डॉ. हिमांशु अग्रवाल द्वारा सेवा केंद्र और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का औचक निरीक्षण जिला प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां शुरू की शाह के इशारों पर नाच रहे हैं मान: अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग प्रितपाल सिंह बलियावाल ने हलका साहनेवाल के बांधों की मरम्मत और अवैध खनन के लिए डिप्टी कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन, राहुल गांधी से डॉ. जितेंद्र सिंह ने की बातचीत ‘मुख्यमंत्री का कार्यकर्ताओं के साथ संवाद’ कार्यक्रम शुरू गुलाब चंद कटारिया ने समावेशी समाज के निर्माण का किया आह्वान ज्ञानेश कुमार ने ब्राजील के राजदूत से की मुलाकात

 

कोनराड संगमा ने धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात की

शिक्षा सुधारों पर चर्चा

Conrad Kongkal Sangma, Conrad Sangma, Chief Minister of Meghalaya, National Peoples Party, Dharmendra Pradhan, New Delhi
Listen to this article

5 Dariya News

5 Dariya News

5 Dariya News

नई दिल्ली , 25 May 2026

Last updated on: May 26, 2026, 12:43 IST

मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने सोमवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सामने एक व्यापक रोडमैप पेश किया, जिसका मकसद राज्य के परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (पीजीआई) में सुधार करना है। साथ ही उन्होंने यह भी माना कि पिछले तीन सालों से मेघालय रैंकिंग में सबसे नीचे रहा है। दिल्ली में हुई इस मुलाकात के दौरान संगमा ने कहा कि शिक्षा विभाग ने सीखने के नतीजों में मौजूद अहम कमियों की पहचान की है और इस क्षेत्र को प्रभावित करने वाले लंबे समय से चले आ रहे सिस्टम से जुड़े मुद्दों को हल करने के लिए ढांचागत सुधार शुरू किए हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि मेघालय में स्कूलों की संख्या बहुत ज्‍यादा होने की वजह से संसाधनों का इस्तेमाल टुकड़ों में होता है, ग्रांट-इन-एड (सहायता अनुदान) देने के कई तरीके हैं, और प्रशासनिक पेचीदगियां हैं जो दशकों से बनी हुई हैं। उन्होंने बताया कि करीब 30 लाख की आबादी होने के बावजूद, मेघालय में लगभग 14,600 स्कूल हैं। असम को छोड़कर, पूर्वोत्तर राज्यों में यह संख्या सबसे ज्‍यादा है।

यह मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा जैसे राज्यों से भी ज्‍यादा है। संगमा ने कहा कि सरकार ने अब अपना ध्यान शिक्षा की गुणवत्ता और सीखने के नतीजों को बेहतर बनाने पर लगाया है। इसके लिए कई बड़े कदम उठाए जा रहे हैं, जिनमें स्कूलों को आपस में मिलाना (कंसोलिडेट करना) और बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना शामिल है, ताकि छात्र-शिक्षक अनुपात सुधरे और प्रयोगशालाओं व डिजिटल सुविधाओं तक पहुंच आसान हो।

उन्होंने केंद्रीय मंत्री को यह भी बताया कि राज्य सरकार कई तरह के ग्रांट-इन-एड सिस्टम को आसान बना रही है, ताकि प्रशासनिक बोझ कम हो और शिक्षा से जुड़े नतीजों पर ज्‍यादा ध्यान दिया जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेघालय ने एक समान वेतन ढांचा लागू किया है। इसमें एसएसए शिक्षकों के लिए भी एक तय वेतन ढांचा शामिल है, जिसका मकसद शिक्षकों के बीच समानता लाना, उनका मनोबल बढ़ाना और उनकी जवाबदेही तय करना है।

संगमा ने शिक्षकों के प्रशिक्षण और पेशेवर विकास कार्यक्रमों के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दीक्षा-आधारित प्रशिक्षण मॉड्यूल और अपनी गति से सीखने वाले कार्यक्रम शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से लैस कर रहे हैं। जिन अन्य सुधारों पर रोशनी डाली गई, उनमें राष्ट्रीय शिक्षा नीति के 'तीन-भाषा फॉर्मूले' को लागू करना, खासी और गारो भाषाओं की अनिवार्य पढ़ाई, खेल-आधारित शिक्षा, स्थानीय संदर्भों के हिसाब से तैयार पाठ्यपुस्तकें, शुरुआती कक्षाओं में 'बिना बैग वाले दिन' (बैग लेस डेज), और दूसरी कक्षा तक 'समेटिव असेसमेंट' (सालाना परीक्षा) को खत्म करना शामिल है।

निचली प्राथमिक स्कूलों के युक्तिकरण (रेशनलाइजेशन) के बारे में उन्होंने बताया कि संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करने के लिए 14,582 स्कूलों में से 3,198 स्कूलों को पहले ही आपस में मिला दिया गया है या बंद कर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा मंत्री प्रधान को हाल ही में शुरू की गई 'सीएम लीड फेलोशिप' के बारे में भी जानकारी दी, जिसके तहत शिक्षा सुधारों की योजना, समन्वय और निगरानी को मजबूत करने के लिए राज्य के 12 जिलों में 12 फेलो तैनात किए जाएंगे।

उन्होंने आगे मेघालय शिक्षक प्रशिक्षण अकादमी (एमटीटीए) की स्थापना की भी घोषणा की, जो समग्र शिक्षा के तहत शिक्षक शिक्षा की देखरेख करेगी और शिक्षकों के निरंतर पेशेवर विकास के घंटों को बढ़ाएगी। संगमा ने कहा कि एक स्पष्ट रोडमैप और मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ, मेघालय अपनी चुनौतियों पर काबू पाने और आने वाले वर्षों में अपने पीजीआई प्रदर्शन में काफी सुधार करने के लिए तैयार है। उन्होंने राज्य में हर बच्चे के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

 

Tags: Conrad Kongkal Sangma , Conrad Sangma , Chief Minister of Meghalaya , National Peoples Party , Dharmendra Pradhan , New Delhi

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD