पटियाला के डिप्टी कमिश्नर डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए हैं कि पंजाब सरकार के लक्ष्यों के अनुरूप जिला निवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता फैलाई जाए, ताकि लोग इन योजनाओं का पूरा लाभ उठा सकें। जिला हेल्थ सोसाइटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए डिप्टी कमिश्नर ने जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार द्वारा स्वास्थ्य क्षेत्र को प्राथमिकता दी गई है, इसलिए जिले के सरकारी अस्पतालों में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षा करते हुए सेवाओं की गुणवत्ता हर स्तर पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत कार्रवाई की समीक्षा करते हुए कहा कि वर्ष 2025-26 के दौरान जिले में 921 के लिंग अनुपात को सुधारने के लिए आशा वर्करों और एएनएम को और सक्रिय किया जाए। उन्होंने लिंग निर्धारण परीक्षणों पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के लिए सभी अल्ट्रासाउंड केंद्रों, विशेषकर हरियाणा से सटे क्षेत्रों में, औचक निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि लिंग अनुपात संतुलित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग और अधिक सतर्कता से कार्य करे। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत डिप्टी कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग को नशा मुक्ति केंद्रों की कार्यप्रणाली मजबूत करने और युवाओं को नशों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि इस अभियान को जमीनी स्तर तक ले जाकर समाज के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। डिप्टी कमिश्नर ने मुख्यमंत्री सेहत योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इस योजना के तहत अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण किया जाए और उन्हें मुफ्त या सब्सिडी वाली स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया जाए।
उन्होंने स्वास्थ्य अधिकारियों को योजना संबंधी जागरूकता अभियान और तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने आम आदमी क्लीनिकों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए कहा कि ये क्लीनिक लोगों को नजदीक और मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
उन्होंने निर्देश दिए कि इन क्लीनिकों में ओपीडी बढ़ाने के लिए लोगों को और जागरूक किया जाए तथा सभी बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। डिप्टी कमिश्नर ने मातृ एवं शिशु मृत्यु दर की समीक्षा करते हुए शुतराना क्षेत्र में हाल ही में हुई मातृ मौतों का गंभीर संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को तथ्यों की गहन जांच करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए ठोस प्रबंध करने के निर्देश दिए।
उन्होंने एसएमओ को बेहतर कार्य करने वाली एएनएम, आशा वर्करों और अन्य कर्मचारियों की पहचान कर उन्हें सम्मानित करने के लिए भी कहा। डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया की स्थिति की समीक्षा करते हुए समय रहते रोकथाम उपाय लागू करने और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया।
इसके अलावा उन्होंने 9 से 14 वर्ष की लड़कियों को गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी वैक्सीन लगवाने हेतु अभिभावकों को प्रेरित करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री कैंसर राहत कोष योजना के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि जिले के 54 कैंसर मरीजों को इलाज के लिए 6.95 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता जारी की गई है।
डिप्टी कमिश्नर ने स्वास्थ्य विभाग को यह भी निर्देश दिए कि आने वाले तीन महीनों में सभी स्कूलों, कॉलेजों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास तंबाकू और तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध को सख्ती से लागू करना सुनिश्चित किया जाए। इस मौके पर एडीसी (शहरी विकास) नवरीत कौर सेखों, सिविल सर्जन डॉ. शैली जेतली, डॉ. जसविंदर सिंह, डॉ. सुमित सिंह, डॉ. बलकार सिंह, डॉ. विकास गोयल सहित सभी एसएमओ और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।