Wednesday, 22 July 2026

 

 

खास खबरें लोकतंत्र प्रतिनिधित्व से चलता है, उसके लिए नुमायंदे बनाए जाते हैं, नुमायंदों को अपनी बात संसद में रखनी चाहिए’’: अनिल विज पर्यावरण संरक्षण को बनाएं जन आंदोलन : नायब सिंह सैनी ट्रीटेड पानी का वैज्ञानिक और योजनाबद्ध तरीके से उपयोग किया जाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी देश के युवा और किसान सड़कों पर हैं, लेकिन बातचीत करने के बजाय, भाजपा सरकार उनकी आवाज़ दबाने के लिए बल का इस्तेमाल कर रही है : बलतेज पन्नू मुख्यमंत्री से मिले नीट (स्नातक)-2026 में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक प्राप्त करने वाले पंशुल बंसल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मिर्जापुर माजरा व भूखड़ी पहुंचकर शोक संतप्त परिवारों को दी सांत्वना लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक व्यक्ति अपना वोट अवश्य बनवाए- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री मोदी ने देखते ही पहचाना, कार्यकर्ताओं के प्रति उनका स्नेह अतुलनीय : विनीत जोशी मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने की विशेष गहन पुनरीक्षण पर समीक्षा बैठक आईआईएचएमआर यूनिवर्सिटी कॉन्वोकेशन 2026: 506 स्टूडेंट्स को मिली डिग्रियां नाबार्ड ने बदली हरियाणा के ग्रामीण आँचल की तस्वीर विपुल गोयल की अध्यक्षता में एच.ए.डी.सी की 8वीं बोर्ड बैठक संपन्न आईटीआई छात्रों को हुनरमंद बनाकर आधुनिक उद्योगों से जोड़ना है सरकार का मुख्य लक्ष्य- राज्य मंत्री गौरव गौतम डॉ. हिमांशु अग्रवाल द्वारा सेवा केंद्र और सब-रजिस्ट्रार कार्यालय का औचक निरीक्षण जिला प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां शुरू की शाह के इशारों पर नाच रहे हैं मान: अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग प्रितपाल सिंह बलियावाल ने हलका साहनेवाल के बांधों की मरम्मत और अवैध खनन के लिए डिप्टी कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन, राहुल गांधी से डॉ. जितेंद्र सिंह ने की बातचीत ‘मुख्यमंत्री का कार्यकर्ताओं के साथ संवाद’ कार्यक्रम शुरू गुलाब चंद कटारिया ने समावेशी समाज के निर्माण का किया आह्वान ज्ञानेश कुमार ने ब्राजील के राजदूत से की मुलाकात

 

द्रौपदी मुर्मु महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा, भारतीय भाषाओं के माध्यम से ही भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति होती है

Droupadi Murmu, President of India, President, Indian President, Rashtrapati, Mahatma Gandhi Antarrashtriya Hindi Vishwavidyalaya, Wardha, Maharashtra
Listen to this article

Web Admin

Web Admin

5 Dariya News

वर्धा (महाराष्ट्र) , 16 Apr 2026

Last updated on: Apr 17, 2026, 12:01 IST

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज महाराष्ट्र के वर्धा स्थित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय भाषाओं के माध्यम से ही भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति होती है। उन्होंने कहा कि विभिन्न भारतीय भाषाओं में संस्कृति, संवेदनशीलता और चेतना की एक ही धारा प्रवाहित होती है।

उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि पूर्वोत्तर क्षेत्र सहित देश भर के विभिन्न राज्यों के विद्यार्थी महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। राष्ट्रपति मुर्मु ने बल देकर कहा कि अंतरभाषाई संवाद की यह परंपरा हिंदी सहित सभी भारतीय भाषाओं की उन्नति में योगदान देगी। राष्ट्रपति ने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे अपनी विरासत पर गर्व करें।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय गौरव की इस भावना के साथ, उन्हें दो राष्ट्रीय उद्देश्यों पर विशेष ध्यान देना चाहिए। ये उद्देश्य हमारी राष्ट्रीय पहचान-भारतीयता और हमारे साथी नागरिकों, विशेषकर युवाओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास से अंतर्निहित तौर पर जुड़े हैं। ये उद्देश्य हैं औपनिवेशिक मानसिकता के अवशेषों को मिटाना और भारतीय ज्ञान परंपरा को फिर से स्थापित करना।

उन्होंने विद्यार्थियों को किसी भी भाषा का विरोध न करने और सभी भारतीय भाषाओं पर गर्व करने की सलाह दी। श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर इस विश्वविद्यालय का नामकरण सर्वथा उचित है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय से जुड़े सभी व्यक्तियों से यह अपेक्षा है कि वे हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के संवर्धन एवं विकास के प्रति अटूट संकल्प के साथ कार्य करें।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बापू के आदर्शों का पालन करते हुए महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से जुड़े सभी लोग विश्वविद्यालय की प्रतिष्ठा निरंतर बढ़ाएंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी, शिक्षा को स्वावलम्बन का आधार मानते थे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अधिकांश लोगों की जीवन आवश्यकताओं से जुड़ी शिक्षा ही सार्थक शिक्षा है।

उन्होंने राष्ट्र हित में काम न आने वाली किसी भी शिक्षा को राष्ट्र अहितकारी शिक्षा बताया और उसकी आलोचना की। उन्होंने कहा कि जनभावनाओं को समझने, लोगों के जीवन में उद्देश्यपूर्ण योगदान और उनके पक्षधारक बनने की क्षमता ही सार्थक शिक्षा है। राष्ट्रपति ने कहा कि शिक्षा के बारे में महात्मा गांधी के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने लगभग सौ वर्ष पूर्व थे।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि हमारी अपनी भाषा ही सृजन, अन्वेषण और मौलिक चिंतन तथा नवाचार की भाषा हो सकती है। उन्होंने नकल की जगह मौलिक रचनाएं और सृजन का आह्वान किया। उन्‍होंने कहा कि हम एक सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत का निर्माण करना चाहते हैं, जो भारतीय भाषाओं के सुदृढ़ आधार पर ही संभव है।

राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति सहित विभिन्न पहल से प्रेरित हमारा देश प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के युवा छात्र व्यक्तिगत विकास के साथ ही राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान देंगे और वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ाएंगे।

 

Tags: Droupadi Murmu , President of India , President , Indian President , Rashtrapati , Mahatma Gandhi Antarrashtriya Hindi Vishwavidyalaya , Wardha , Maharashtra

 

 

related news

 

 

 

Photo Gallery

 

 

Video Gallery

 

 

5 Dariya News RNI Code: PUNMUL/2011/49000
© 2011-2026 | 5 Dariya News | All Rights Reserved
Powered by: CDS PVT LTD