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विज्ञान के क्षेत्र में महिलाएं 'विकसित भारत' की उत्प्रेरक हैं: राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह 2026 में डॉ. जितेंद्र सिंह का संबोधन

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा है कि प्रयोगशालाओं और अनुसंधान संस्थानों के संरचित संपर्क के माध्यम से युवा छात्रों, विशेष रूप से लड़कियों को सशक्त बनाना, आने वाले वर्षों में कई गुना प्रभाव करेगा

Dr Jitendra Singh, Bharatiya Janata Party, BJP, Union Minister of Earth Sciences, National Science Day Celebration 2026
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नई दिल्ली , 27 Feb 2026

Last updated on: Feb 28, 2026, 15:00 IST

विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान, प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि विज्ञान के क्षेत्र में महिलाएं केवल भागीदार ही नहीं हैं, बल्कि विकसित भारत के सफर में शक्तिशाली उत्प्रेरक की भूमिका निभा रही हैं। नई दिल्ली स्थित आईएनएसए सभागार में आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान दिवस समारोह-2026 में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक विकास और राष्ट्रीय प्रगति अविभाज्य हैं और भारत की नवाचार गति को बनाए रखने के लिए महिलाओं की समावेशी भागीदारी आवश्यक है।

“विज्ञान में महिलाएं: विकसित भारत को उत्प्रेरित करना” विषय पर डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत के वैज्ञानिक इकोसिस्टम को लिंग और भौगोलिक सीमाओं से परे प्रतिभाओं का पोषण करना चाहिए। उन्होंने अनुसंधान, नेतृत्व पदों और नवाचार-संचालित क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि देश के विज्ञान परिदृश्य के परिवर्तन के लिए नीतिगत समर्थन और संस्थागत प्रतिबद्धता दोनों की आवश्यकता है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत की विज्ञान नीति का ढांचा अब अलग-थलग उपलब्धियों के बजाय समग्र विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहा है। उन्होंने कहा कि निरंतर संस्थागत सहयोग, प्रारंभिक मार्गदर्शन और व्यावहारिक विकास के रास्ते यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि अनुसंधान के परिणाम ठोस सामाजिक प्रभाव में परिवर्तित हों।

उन्होंने कहा कि समारोह के दौरान घोषित पहलें छात्र सहभागिता से लेकर नवाचार समूहों तक एक निरंतर प्रक्रिया को दर्शाती हैं। इनका उद्देश्य भारत की दीर्घकालिक वैज्ञानिक क्षमता को मजबूत करना है। केंद्रीय मंत्री कहा कि वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए विज्ञान संचार और जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

उन्होंने कहा कि युवा छात्रों, विशेषकर लड़कियों को, प्रयोगशालाओं और अनुसंधान संस्थानों के संरचित संपर्क के माध्यम से सशक्त बनाना आने वाले वर्षों में कई गुना प्रभाव पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए भारत के जनसांख्यिकीय लाभांश को उसकी वैज्ञानिक आकांक्षाओं के साथ संरेखित करना आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ और विमोचन किया गया। इनमें हाइड्रोजन वैली इनोवेशन क्लस्टर और एएनआरएफ-वेंचर सेंटर आउटरीच इनिशिएटिव शामिल थे। मिशन इनोवेशन इंडिया रिपोर्ट के साथ-साथ पूर्वोत्तर भारत की स्वदेशी वास्तुकला नामक पुस्तक का भी विमोचन किया गया। विरासत पत्थरों के लिए तांबे से युक्त नैनो टाइटेनिया कोटिंग पर डीएसटी समर्थित तकनीक को औपचारिक रूप से मेसर्स रीबिल्ड टेक्नोलॉजीज सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित कर दिया गया।

यह प्रयोगशाला अनुसंधान को सामाजिक अनुप्रयोगों में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कॉपर-मिश्रित नैनो टाइटेनिया (सी यू –टी आई ओ₂) कोटिंग तकनीक, ऐतिहासिक पत्थर की इमारतों के संरक्षण के लिए एक उन्नत वैज्ञानिक समाधान प्रस्तुत करती है। पैरालोइड बी-72 मैट्रिक्स में एम्बेडेड नैनो-टाइटेनिया और सी यू-मिश्रित नैनो-टाइटेनिया कोटिंग्स के माध्यम से विकसित यह तकनीक, संगमरमर, बलुआ पत्थर और ग्रेनाइट की सतहों के लिए बेहतर जलरोधकता, पराबैंगनी विकिरण प्रतिरोध और सौंदर्य अनुकूलता प्रदर्शित करती है।

सी यू-मिश्रित फॉर्मूलेशन लंबे समय तक पराबैंगनी विकिरण के संपर्क में रहने के बाद भी उच्च जलरोधक क्षमता बनाए रखता है, जो इसकी मजबूती और ऐतिहासिक इमारतों के दीर्घकालिक संरक्षण के लिए इसकी उपयुक्तता को रेखांकित करता है। एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा राष्ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी संचार परिषद (एनसीएसटीसी), डीएसटी द्वारा परिकल्पित "विज्ञान से जुड़ें" कार्यक्रम का शुभारंभ था।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य डीएसटी के 16 स्वायत्त संस्थानों में कक्षा 8 और 9 के छात्रों को एक सप्ताह का गहन आवासीय अनुभव प्रदान करना है। इससे अनुसंधान और विकास में उनकी रुचि को बढ़ावा मिले। यह पहल सात विषयगत क्षेत्रों में है। इनमें पदार्थ विज्ञान, जीव विज्ञान, खगोल विज्ञान, चिकित्सा प्रौद्योगिकी, स्वदेशी ज्ञान प्रणाली और पृथ्वी विज्ञान शामिल हैं।

इससे युवा शिक्षार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा को बढ़ावा मिलेगा और भविष्य के वैज्ञानिक राजदूतों का पोषण होगा। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव प्रोफेसर अभय करंदीकर ने अपने स्वागत भाषण में एक सशक्त और समावेशी अनुसंधान इकोसिस्टम के निर्माण के लिए डीएसटी के निरंतर प्रयासों का उल्लेख किया। 

उन्होंने नवाचार समूहों को मजबूत करने, व्यावहारिक अनुसंधान को बढ़ावा देने और वैज्ञानिक परिणाम राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के साथ प्रभावी ढंग से संरेखित हो, यह सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने रेखांकित किया कि हाइड्रोजन वैली इनोवेशन क्लस्टर और एएनआरएफ आउटरीच प्रयासों जैसी पहल उद्योग-अकादमिक सहयोग को गहरा करने और अनुसंधान को बाजार तक पहुंचाने की प्रक्रिया को गति देने के लिए बनाई गई हैं।

जैव प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव डॉ. राजेश गोखले ने राष्ट्रीय विकास मिशनों के साथ जैविक विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी नवाचारों को एकीकृत करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने संस्थागत संबंधों को मजबूत करने, अंतःविषयक अनुसंधान को बढ़ावा देने और नवाचार इकोसिस्टम का लाभ उठाने के बारे में बात की ताकि जैव प्रौद्योगिकी समाधान स्वास्थ्य सेवा, कृषि और सतत विकास लक्ष्यों में सार्थक योगदान दे सकें।

इसके अलावा डॉ. जितेंद्र सिंह ने दोहराया कि भारत की वैज्ञानिक प्रगति का आकलन केवल वैश्विक रैंकिंग से ही नहीं, बल्कि अपने लोगों के लिए समाधान प्रदान करने की क्षमता से भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाइड्रोजन नवाचार क्लस्टर, आउटरीच कार्यक्रम और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण जैसी पहलें सामाजिक प्रासंगिकता के साथ मिशन-संचालित विज्ञान की ओर एक बदलाव का प्रतिनिधित्व करती हैं।

उन्होंने वैज्ञानिक संस्थानों से गति बनाए रखने, सहयोग को गहरा करने और राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की भावना पूरे वर्ष कार्यों में परिलक्षित हो यह सुनिश्चित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम का समापन करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस केवल एक स्मरणोत्सव नहीं बल्कि देश के वैज्ञानिक संकल्प की पुनः पुष्टि है। 

उन्होंने कहा कि शुरू की गई पहलें महिला वैज्ञानिकों को सशक्त बनाने, स्वदेशी नवाचार को बढ़ावा देने, विज्ञान के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और विकसित भारत की परिकल्पना के अनुरूप अगली पीढ़ी के शोधकर्ताओं को पोषित करने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

 

Tags: Dr Jitendra Singh , Bharatiya Janata Party , BJP , Union Minister of Earth Sciences , National Science Day Celebration 2026

 

 

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