Thursday, 04 June 2026

 

 

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नरेंद्र मोदी और बेंजामिन नेतन्याहू ने शांति और इनोवेशन के लिए भारत-इज़राइल पार्टनरशिप के नए युग की शुरुआत की

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यरूशलेम , 26 Feb 2026

Last updated on: Feb 27, 2026, 11:00 IST

शांति, नवाचार और खुशहाली के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी

भारत और इज़राइल के बीच प्यार, सद्भावना और गहरी रणनीतिक साझेदारी को पहचानते हुए, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इज़राइल के प्रधानमंत्री श्री बेंजामिन नेतन्याहू के निमंत्रण पर 25 से 26 फरवरी 2026 तक इज़राइल की राजकीय यात्रा की। प्रधानमंत्री के साथ वरिष्ठ मंत्रियों और अधिकारियों का उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी था। 2017 में भारतीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की इज़राइल की ऐतिहासिक यात्रा और 2018 में प्रधानमंत्री नेतन्याहू की भारत यात्रा ने साझेदारी और सहयोग के एक नए युग की नींव रखी थी। 

उसे याद करते हुए नेताओं ने उभरती प्रौद्योगिकी, साइबर, कृषि, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, उद्यमिता, रक्षा, सुरक्षा, और भी बहुत कुछ सहित अलग-अलग क्षेत्रों में भारत-इज़राइल द्विपक्षीय संबंधों में हुई अत्यधिक प्रगति पर बल दिया।  प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू और प्रधानमंत्री श्री मोदी रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने पर सहमत हुए और ‘शांति, नवाचार और खुशहाली के लिए विशेष रणनीतिक साझेदारी’ का फैसला किया।

भविष्य में साथ

प्रधानमंत्रियों ने टेक्नोलॉजिकल नवाचार और उद्यमिता के ज़रिए शांति, सुरक्षा और खुशहाली की आपसी उम्मीदों पर आधारित मज़बूत विशेष रणनीतिक साझेदारी के लिए अपने साझा विज़न की फिर से पुष्टि की। नेताओं ने माना कि भारत और इज़राइल की क्षमताएं एक-दूसरे को पूरी तरह से परिपूर्ण करती हैं - इज़राइल टेक्नोलॉजी और नवाचार का वैश्विक शक्ति केंद्र  है, भारत प्रतिभा, विनिर्माण उत्कृष्टता और उद्यमिता, ऊर्जा के केंद्र के तौर पर काम करता है। 

प्रधानमंत्रियों ने एआई, साइबर सुरक्षा, सेमीकंडक्टर, क्वांटम कंप्यूटिंग, बायोटेक्नोलॉजी, कृषि और जल प्रबंधन, डिफेंस प्लेटफॉर्म और अंतरिक्ष खोज में भारत और इज़राइल की तरक्की को जोड़ने की प्रतिबद्धता की पुष्टि की। यह साझेदारी  भारत के ‘आत्मनिर्भर और विकसित भारत 2047’ के विज़न को मज़बूत करती है, जिसका उद्देश्य प्रौद्योगिकी बदलाव की अगली लहर और दोनों देशों की साझा तरक्की को बढ़ावा देना है।

नीति की प्राथमिकताओं को ठोस नतीजों में बदलने की साझा प्रतिबद्धता पर ज़ोर देते हुए, प्रधानमंत्रियों ने लगातार सहयोग और सार्थक असर सुनिश्चित करने के लिए सरकार-से-सरकार, बिज़नेस-टू-बिज़नेस और पीपल-टू-पीपल क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग को संस्थागत बनाने के महत्व पर ज़ोर दिया।

रक्षा और सुरक्षा

4 नवंबर 2025 को रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इसका स्वागत करते हुए, प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू और प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अपने देशों के बीच रक्षा सहयोग में हुई बड़ी बढ़ोतरी को माना, जिसका दायरा और स्तर दोनों ही तरह से बड़ा हुआ है। दोनों नेताओं ने भविष्य के रक्षा सहयोग के लिए विज़न और ढांचा दिया।

प्रौद्योगिकी और नवाचार

भारत और इज़राइल की टेक्नोलॉजिकल काबिलियत एक-दूसरे को परिपूर्ण करने वाली ताकत महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी (सीईटी) क्षेत्र में गहरे सहयोग के रास्ते बनाती हैं। इस बात को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू और प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दोनों देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के नेतृत्व में महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकी पर नई पहल का स्वागत किया। 

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह पहल खास टेक्नोलॉजी में दोनों देशों की अपनी-अपनी ताकतों को एक साथ लाएगी, जिससे केंद्रित और भविष्योन्मुखी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा। नेताओं ने दोनों पक्षों से इस पहल को आगे बढ़ाने की अपील की। प्रधानमंत्रियों ने भारत-इज़राइल इंडस्ट्रियल अनुसंधान एवं विकास और इनोवेशन फंड (I4F) के कामकाज की समीक्षा की। इसे भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और इज़राइल इनोवेशन अथॉरिटी ने मिलकर लागू किया है। 

दोनों देशों के बीच औद्योगिक सहयोग को आगे बढ़ाने में इसकी अहम भूमिका की फिर पुष्टि की गई। वे I4F सिस्टम के ऑपरेशनल इम्प्लीमेंटेशन को और मज़बूत करने पर सहमत हुए, जिसमें उद्योग तक बेहतर पहुंच और उच्च-गुणवत्ता संयुक्त अनुसंधान एवं विकास साझेदारी को आसान बनाना शामिल है, ताकि फंड की क्षमता का पूरी तरह से इस्तेमाल किया जा सके और भारतीय और इज़राइली कंपनियों के बीच असरदार सहयोग को बढ़ाया जा सके।

भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और इज़राइल की इनोवेशन, साइंस और टेक्नोलॉजी मिनिस्ट्री (एमओएसटी) द्वारा लागू किए गए भारत-इज़राइल जॉइंट रिसर्च कॉल्स (IIJRC) की सफलता को मानते हुए, प्रधानमंत्रियों ने दोनों पक्षों के योगदान को मौजूदा 1 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर 1.5 मिलियन  डॉलर करने पर सहमति प्रकट की।

इससे अनुसंधान सुविधाओं, सामग्री और उपकरण के संयुक्त इस्तेमाल से भारतीय और इज़राइली विश्वविद्यालयों के बीच संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा, और साथ काम करने वाले वैज्ञानिकों के एक्सचेंज विज़िट का भी मौका मिलेगा।  दोनों पक्ष संयुक्त वैज्ञानिक समिति और जॉइंट रिसर्च कॉल में समन्वय करने और आगे बढ़ाने का काम सौंपने पर सहमत हुए।

नेताओं ने विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर संयुक्त आयोग को मंत्री स्तर पर बढ़ाने का भी स्वागत किया। दोनों पक्ष जल्द से जल्द भारत या इज़राइल में मंत्री स्तर पर विज्ञान और प्रौद्योगिकी  पर जेसीएम करने पर सहमत हुए। प्रधानमंत्रियों ने इनोवेशन के एक मुख्य ड्राइवर के तौर पर एकेडेमिया-इंडस्ट्री लिंकेज को मज़बूत करने के महत्व को पहचाना और जॉइंट रिसर्च, टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट और कमर्शियल पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के मकसद से दोनों देशों के रिसर्चर्स, इंडस्ट्री लीडर्स और टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट्स के बीच स्ट्रक्चर्ड नेटवर्किंग और सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमत हुए।

प्रधानमंत्रियों ने दोनों देशों के बीच संयुक्त नवाचार गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट बनाने के महत्व को पहचाना। इस संदर्भ में, वे भारतीय और इज़राइली इनोवेशन इकोसिस्टम के बीच मिलकर अनुसंधान एवं विकास पहल, प्रौद्योगिकी को मान्य करने की प्रक्रिया, प्रायोगिक परियोजनाओं और संयुक्त विकास गतिविधियों को आसान बनाने के लिए टेक गेटवे मैकेनिज्म के विकास का पता लगाने पर सहमत हुए।

प्रधानमंत्रियों ने नवाचार के मुख्य चालक के तौर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के रणनीतिक महत्व को पहचाना और एआई प्रतिभा और विशेषज्ञता में सहयोग को प्रगाढ़ करने पर सहमत हुए। उन्होंने एआई प्रोफेशनल्स, अनुसंधान संस्थानों और इनोवेटिव एंटरप्राइजेज के बीच संपर्क को मज़बूत करने वाले एनेबलिंग फ्रेमवर्क विकसित करने की कोशिशों का स्वागत किया। 

इसमें दोनों देशों में अग्रणी नवाचार गतिविधियों में प्रोफेशनल सहयोग और भागीदारी को आसान बनाना शामिल है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में इज़राइल और भारत की तरक्की को पहचानते हुए, दोनों नेताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया। वे अपने लोगों की भलाई के लिए इस फ्रंटियर टेक्नोलॉजी में सहयोग को और प्रगाढ़ करने पर सहमत हुए।

प्रधानमंत्रियों ने इज़राइल स्पेस एजेंसी (आईएसए) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के बीच चल रहे सहयोग का स्वागत किया। उन्होंने इज़राइली स्पेस-बेस्ड स्टार्ट-अप और कंपनियों के लिए अपने भारतीय समकक्षों के साथ और गहराई से जुड़ने की बड़ी क्षमता को पहचाना। उन्होंने दोनों देशों अंतरिक्ष उद्योगों  के बीच ज़्यादा सहयोग को बढ़ावा देने, संयुक्त उपक्रमों, नवाचार साझेदारी और वैश्विक अंतरिक्ष क्षेत्र में तरक्की को बढ़ावा देने के लिए ज्ञान के आदान प्रदान को बढ़ावा देने के महत्व पर ज़ोर दिया।

दोनों नेताओं ने ‘होराइज़न स्कैनिंग/स्ट्रेटेजिक फोरसाइट मैकेनिज़्म’ बनाने में सहयोग के लिए डिक्लेरेशन ऑफ़ इंटेंट पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया। यह मैकेनिज़्म डेटा, एआई और एक्सपर्ट इनसाइट का इस्तेमाल करके स्ट्रेटेजिक प्लानिंग और फैसले लेने में मदद करके टेक्नोलॉजी, अर्थव्यवस्था और समाज जैसे क्षेत्रों में उभरते वैश्विक रुझानों  को पहचानने में मदद करता है।

साइबर सुरक्षा

प्रधानमंत्रियों ने सरकारी और प्राइवेट दोनों क्षेत्रों में साइबर सुरक्षा को बढ़ाने की प्रतिबद्धता को फिर दोहराया। उन्होंने अपने राष्ट्रीय साइबर अथॉरिटीज़ के बीच मज़बूत बातचीत की ज़रूरत पर ज़ोर दिया और इस क्षेत्र में सहयोग को और प्रगाढ़ करने का वादा किया। इसके अलावा, उन्होंने साइबर सिक्योरिटी में द्विपक्षीय सहयोग का मार्गदर्शन करने और लागू करने के लिए संयुक्त रूपरेखा को आगे बढ़ाने के लिए मल्टी-ईयर स्ट्रेटेजिक प्रोग्राम विकसित करने का वादा किया। 

इस रूपरेखा में, अन्य चीज़ों के अलावा, मानव क्षमता निर्माण, साइबर सिक्योरिटी और एआई, एप्लाइड रिसर्च, सिक्योरिटी बाय डिज़ाइन प्रिंसिपल्स का एकीकरण और रेगुलर जॉइंट टेबल टॉप एक्सरसाइज़ शामिल होंगी।  अपने व्यापक साइबर सहयोग को मज़बूत करने और उसे इंस्टीट्यूशनल बनाने की अहमियत को समझते हुए, उन्होंने मार्च 2025 में पहले भारत-इज़राइल साइबर पॉलिसी डायलॉग के सफल आयोजन का स्वागत किया। एक अहम कदम उठाते हुए, दोनों नेताओं ने ऊपर बताई गई गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए भारत में साइबर सिक्योरिटी में भारत उत्कृष्टता केंद्र बनाने के लिए सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया।

व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी

प्रधानमंत्री श्री मोदी और प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू ने आपसी व्यापार और निवेश की पूरी क्षमता का लाभ उठाने की अहमियत पर ज़ोर दिया। उन्होंने सितंबर 2025 में नई दिल्ली में दोनों देशों के वित्त मंत्रियों द्वारा भारत द्विपक्षीय समझौते पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया। उससे निवेशकों का भरोसा बढ़ने, ज़्यादा दोतरफा निवेश को बढ़ावा मिलने और इन्वेस्टमेंट के ट्रीटमेंट की स्पष्ट रूपरेखा और स्वतंत्र विवाद समाधान व्यवस्था के ज़रिए पारदर्शित, अनुमेयता और सुरक्षा सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

दोनों नेताओं ने मुक्त व्यापार क्षेत्र (एफटीए) समझौते की वार्ता के लिए टर्म्स ऑफ़ रेफरेंस (टीओआर) पर हस्ताक्षर करने और नई दिल्ली में वार्ता के पहले दौर के आयोजन का स्वागत किया।  नेताओं ने दोनों देशों के बीच एफटीए समझौते को पूरा करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता पर ज़ोर दिया और बातचीत करने वाली टीमों को एफटीए पर जल्दी हस्ताक्षर करने के लिए बातचीत में तेज़ी लाने का काम सौंपा।

दोनों नेताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि मज़बूत वित्तीय पारिस्थितिकी आर्थिक स्थिरता का बुनियादी आधार है। उन्होंने फ़ाइनेंशियल-साइबर डोमेन में रणनीतिक साझेदारी का स्वागत किया। यह सहयोग फ़ाइनेंशियल-साइबर इंटेलिजेंस के लेन-देन, तरीकों के मिलजुलकर विकास और दोनों देशों की फ़ाइनेंशियल कंप्यूटर सिक्योरिटी इंसिडेंट रिस्पॉन्स टीमों के ज़रिए चलाए जा रहे मल्टीलेटरल फ़ाइनेंशियल-साइबर सिमुलेशन के प्रदर्शन के ज़रिए वित्तीय पारिस्थितिकी की मज़बूती को बढ़ाने पर ध्यान देगा।

प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू ने भारत की फिनटेक क्रांति की तारीफ़ की, जिसका उदाहरण यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफ़ेस (यूपीआई) है, जो सस्ते, रियल-टाइम क्रॉस-बॉर्डर ट्रांज़ैक्शन के लिए विश्व स्तरीय मॉडल है। दोनों पक्ष इंटरऑपरेबिलिटी बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को मज़बूत करने के लिए यूपीआई को इज़राइल के तेज़ पेमेंट सिस्टम से जोड़ने पर सहमत हुए।

दोनों नेताओं ने देशों के बीच क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट के लिए एनपीसीआई और एमएएसएवी के बीच लिंकेज की जांच करने के लिए सहयोग के लिए एनपीसीआई इंटरनेशनल और एमएएसएवी के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने का स्वागत किया। नेताओं ने कहा कि डायरेक्ट एयर कनेक्टिविटी  बेसिक बिल्डिंग ब्लॉक है जो द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए ज़रूरी है। 

इस बारे में, उन्होंने तेल अवीव और भारत के बड़े शहरों के बीच सीधी विमान सेवा बढ़ाने की इच्छा प्रकट की। भारतीय और इज़राइली दोनों एयरलाइनों को दोनों देशों के बीच सीधी उड़ान शुरू करने का अवसर लेने के लिए प्रोत्साहित किया। नेताओं ने करीबी वित्तीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए भारत-इज़राइल फ़ाइनेंशियल डायलॉग शुरू करने का स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने खासकर मेट्रो, रेल, सड़क, एयरपोर्ट, डीसेलिनेशन प्लांट, वेस्ट-वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट जैसे क्षेत्रों में इज़राइल में आने वाली बड़ी परियोजनाओं को देखते हुए इज़राइल के अवसंरचना क्षेत्र में भारत की ज़्यादा भागीदारी को बढ़ावा दिया । दोनों नेताओं ने नवंबर 2025 में तेल अवीव में भारत-इज़राइल सीईओ फोरम और बिज़नेस समिट के चौथे दौर के सफल समापन का स्वागत किया। 

उन्होंने बिज़नेस और सरकारी नेताओं के बीच सार्थक जुड़ाव की तारीफ़ की, जिसने द्विपक्षीय आर्थिक सहयोग को मज़बूत करने और प्रमुख क्षेत्रों में निवेश और सहयोग के नए अवसर खोलने में मदद की। दोनों नेताओं ने भारत रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ करने के लिए इस सकारात्मक रुख को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता की फिर पुष्टि की।

उन्होंने इंडियन काउंसिल ऑफ़ आर्बिट्रेशन (आईसीए) और इज़राइली इंस्टीट्यूट ऑफ़ कमर्शियल आर्बिट्रेशन (आईआईसीए) के बीच मध्यस्थता संबंधी समझौते पर हस्ताक्षर होने का भी स्वागत किया। इसे वाणिज्यिक विवादों को आसानी से सुलझाने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना।

 खेती, पानी और पर्यावरण की सुरक्षा

टिकाऊ विकास में पानी और खेती की अहम भूमिका को पहचानते हुए, प्रधानमंत्री श्री मोदी और प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू ने पानी और खेती में साझेदारी को मज़बूत करने की कोशिशों की अहमियत पर ज़ोर दिया। यह साझेदारी पानी बचाने, गंदे पानी का उपचार और खेती के लिए उसका दोबारा इस्तेमाल, पानी को डीसैलिनेट करने, पानी की उपयोगिता में सुधार, और पानी की एडवांस्ड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके गंगा और दूसरी नदियों की सफ़ाई जैसे विशेष क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करती है।

प्रधानमंत्रियों ने इज़राइल में खेती में चल रहे क्षमता निर्माण कार्यक्रम को और मज़बूत करने पर भी सहमति प्रकट की, जिसे एमएएसएचएवी भारत के कृषि मंत्रालय के साथ मिलकर चला रहा है। इस कई तरह के कार्यक्रम से प्रशिक्षण, विशेष और नई तकनीकों की शुरुआत और ज्ञान अंतरण के ज़रिए लाखों भारतीय किसानों को फ़ायदा होता है।

प्रधानमंत्रियों ने भारत भर में अलग-अलग जगहों पर पहले से चल रहे 35 कृषि उत्कृष्टता केंद्रों और मिलकर चलाए जा रहे 8 केंद्रों की प्रगति के बारे में बताया। दोनों नेताओं ने इस बात पर खुशी जाहिर कि कि अब तक इन उत्कृष्टता केंद्रों पर दस लाख से ज़्यादा भारतीय किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

प्रधानमंत्रियों ने भारत-इज़राइल कृषि नवाचार केंद्र (आईआईएनसीए) के बारे में आईसीएआर और एमएएसएचएवी के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने का स्वागत किया – यह पहल नवाचार और अनुसंधान को बढ़ावा देगी, उत्पादकता बढ़ाएगी और खेती में टिकाऊ वृद्धि को बढ़ावा देगी। दोनों नेताओं ने वोल्केनी एग्रीकल्चर रिसर्च ऑर्गनाइज़ेशन में भारतीय शोधार्थियों द्वारा कृषि अनुसंधान के लिए 20 संयुक्त फ़ेलोशिप शुरू करने का भी स्वागत किया।

दोनों नेताओं ने जनवरी 2026 में फिशरीज़ और एक्वाकल्चर में सहयोग के समझौते  पर हस्ताक्षर करने का स्वागत किया। उन्होंने इस क्षेत्र में सहयोग को मज़बूत करने पर सहमति प्रकट की, जिसमें फिशरीज़ और एक्वाकल्चर में संयुक्त उत्कृष्टता केंद्र बनाना भी शामिल है। प्रधानमंत्रियों ने पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग के महत्व पर ज़ोर दिया। 

उन्होंने क्लाइमेट एक्शन पर संबंधित पक्षों के बीच सहयोग को मज़बूत करने के लिए द्विपक्षीय विमर्श करने पर सहमति प्रकट की। इसमें क्षमता निर्माण और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की संभावनाओं की जांच करना, साथ ही सर्कुलर इकॉनमी को बढ़ावा देना, बायोडायवर्सिटी की सुरक्षा और पर्यावरण प्रदूषण को रोकना शामिल है।

आतंक का मुकाबला, शांति को बढ़ावा देना

नेताओं ने सीमा पार आतंकवाद समेत सभी तरह के आतंकवाद की साफ़ तौर पर और कड़ी निंदा की। उन्होंने आतंकवाद से पूरी तरह और लगातार लड़ने के लिए निर्णायक और मिलकर किए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय प्रयासों की अपील की। ​​इस आम चुनौती पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए, प्रधानमंत्रियों ने दो मज़बूत और गतिशील लोकतंत्रों के नेताओं के तौर पर इस खतरे से लड़ने के अपने सामूहिक इरादे को दोहराया। 

उन्होंने 7 अक्टूबर, 2023 को इज़राइल पर हुए भयानक आतंकी हमले, 22 अप्रैल, 2025 को भारत में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में भारतीय पर्यटकों पर भयानक आतंकी हमले और 10 नवंबर, 2025 को नई दिल्ली के लाल किले के पास हुई आतंकी घटना की कड़ी निंदा की। प्रधानमंत्री श्री मोदी और प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू ने दुनिया भर में शांति और सुरक्षा को प्रोत्साहन देने के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता दोहराई। 

उन्होंने अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की "गाजा संघर्ष को खत्म करने के लिए व्यापक योजना" का स्वागत किया।  दोनों नेताओं ने शांति प्रक्रिया समेत क्षेत्र के विकास पर चर्चा की। उन्होंने बातचीत और आपसी समझ के ज़रिए इलाके में सही और टिकाऊ शांति, सुरक्षा और आने-जाने और व्यापार की आज़ादी बनाने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।

संसदीय सहयोग

भारत और इज़राइल, दो मज़बूत लोकतंत्रों के बीच बेहतरीन संसदीय सहयोग को देखते हुए, और लोकसभा अध्यक्ष और नेसेट के स्पीकर के बीच समझौते के बाद, नेताओं ने भारत की संसद में भारत-इज़राइल संसदीय मैत्री समूह बनाने का भी स्वागत किया।

लोगों के बीच सहयोग

प्रधानमंत्रियों ने इस बात पर ज़ोर दिया कि देशों के बीच सच्ची दोस्ती लोगों के बीच ऐसा संबंध बनाती है जो संस्कृति और खेल से मज़बूत होता है। इज़राइल का संस्कृति और खेल मंत्रालय सिनेमा के क्षेत्र में भारत गणराज्य के साथ सहयोग को और प्रगाढ़ करने के लिए काम करेगा। इसमें क्रिएटर्स के बीच लेन-देन, फ़िल्मों और सीरीज़ के जॉइंट प्रोडक्शन, और ऐसे प्लेटफ़ॉर्म शामिल होंगे जो दोनों देशों में इंडस्ट्रीज़ और दर्शकों के बीच संबंधों को मज़बूत करते हैं, साथ ही हर देश की अनूठी संस्कृति को भी दिखाते हैं।

प्रधानमंत्री श्री मोदी और प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू ने इज़राइल में भारतीय कामगारों के योगदान को स्वीकार किया, जो अपने काम से दोस्ती के रिश्तों को मज़बूत करते हैं। उन्होंने निर्माण और केयरगिवर सेक्टर में भारतीय कामगारों की सुरक्षित आवाजाही को आसान बनाने में नवंबर 2023 में हस्ताक्षर किए गए रूपरेखा समझौते और इम्प्लीमेंटेशन प्रोटोकॉल के महत्व को माना।

इस बारे में, दोनों नेताओं ने वाणिज्य और सेवाओं, विनिर्माण और रेस्टोरेंट सेक्टर से जुड़े प्रोटोकॉल पर हस्ताक्षर होने का भी स्वागत किया। प्रधानमंत्रियों ने कामगारों की सुरक्षा, सिक्योरिटी और कानूनी अधिकारों को सुनिश्चित करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। उन्होंने डेटा साइंस, एआई और हाई-टेक जैसे हाई-स्किल सेक्टर में भारतीय प्रोफेशनल्स के लिए अवसर बढ़ाने की अहमियत पर भी ज़ोर दिया।

दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि अगले पाँच वर्ष में 50,000 तक और भारतीय कामगार इज़राइल आ सकते हैं। दोनों नेताओं ने संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) के कार्य की समीक्षा की। उन्होंने जेसीसी को कामगारों से जुड़े बाकी मुद्दों पर चर्चा करने और उन्हें जल्द से जल्द हल करने के लिए प्रायः बैठक करने का कार्य सौंपा।

स्वास्थ्य

प्रधानमंत्रियों ने दोनों पक्षों से 2026 की शुरुआत में हेल्थ पर पहला जेडब्ल्यूजी करने की अपील की। दोनों नेता देशों के संस्थानों के बीच बेस्ट प्रैक्टिस और सहयोग को साझा करके स्वास्थ्य नवाचार, एआई और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर मिलकर काम करने पर सहमत हुए।

 शिक्षा - भविष्य को सुरक्षित करना

प्रधानमंत्री श्री मोदी और प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू इस बात पर सहमत हुए कि, ज्ञान पर चलने वाली अर्थव्यवस्था के तौर पर, भारत और इज़राइल को शिक्षा के क्षेत्र में मिलकर किए जाने वाले कार्यों को और प्रगाढ़ करने और विश्वविद्यालयों के बीच संयुक्त पहल, विद्यार्थी और फैकल्टी एक्सचेंज, और एक-दूसरे के विश्वविद्यालयों में स्टूडेंट इंटर्नशिप की सुविधा के ज़रिए सहयोग को बढ़ावा देने की ज़रूरत है। 

दोनों नेताओं ने नालंदा यूनिवर्सिटी और जेरूसलम की हिब्रू यूनिवर्सिटी के बीच समझौते पर हस्ताक्षर होने का स्वागत किया। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल से शिक्षा को प्रोत्साहन देने में सहयोग के समझौते पर हस्ताक्षर होने का भी स्वागत किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू को राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बारे में बताया। 

इस नीति का उद्देश्य भारतीय लोकाचार पर आधारित और साथ ही टिकाऊ विकास के लिए 2030 एजेंडा के साथ जुड़ी शिक्षा प्रणाली बनाना है। भारत और इज़राइल, इंडिया-इज़राइल एकेडमिक कोऑपरेशन फोरम (I2I फोरम) बनाने पर सहमत हुए – यह  विश्विद्यालय के नेतृत्व वाला प्लेटफॉर्म है, जो शैक्षिक और अनुसंधान संस्थान, पॉलिसीमेकर, उच्च शिक्षा विशेषज्ञ, और भारत और इज़राइल के अन्य संबंधित पक्षों के बीच उच्च स्तरीय, फोकस्ड बातचीत के लिए है।  यह फोरम भारत और इज़राइल के बीच हर साल रोटेशन पर आधारित होगा।

नए वैश्विक व्यापार के माहौल को बदलना

वैश्विक अनिश्चितताओं के इस दौर में, प्रधानमंत्री श्री मोदी और प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू ने I2U2 क्वाड्रीलेटरल पार्टनरशिप जैसी बदलाव लाने वाली पहल को आगे बढ़ाने के वादे को फिर दोहराया। यह रूपरेखा दोनों देशों के बीच गहरे जुड़ाव, व्यापार, निवेश, नवाचार को बढ़ावा देने और एक-दूसरे की ताकतों का फ़ायदा उठाने के लिए ज़रूरी ज़रिया है। 

नेताओं ने इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईसी) पर चर्चा की और इस पहल के ज़रिए क्षेत्रीय संपर्क, स्थिरता और साझा खुशहाली को बढ़ावा देने के लिए सहयोग प्रगाढ़ करने और इसकी रूपरेखा में इज़राइल की भूमिका का पता लगाने का इरादा जाहिर किया।

रणनीतिक साझेदारी  को पहचानते हुए और आपसी रिश्तों को पूरी तरह से बढ़ाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए, प्रधानमंत्रियों ने इन नए समझौतों पर हस्ताक्षर होने का स्वागत किया:

1) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) में सहयोग पर समझौता।

2) भारत में इंडो-इज़राइल साइबर उत्कृष्टता केंद्र बनाने पर समझौता।

3) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल से शिक्षा को बढ़ावा देने में सहयोग पर भारत के शिक्षा मंत्री और इज़राइल के शिक्षा मंत्री के बीच समझौता।

4) वर्ष 2026-2029 के लिए भारत सरकार और इज़राइल सरकार के बीच सांस्कृतिक आदान प्रदान कार्यक्रम।

5) कृषि अनुसंधान और शिक्षा में सहयोग के लिए इंडिया-इज़राइल इनोवेशन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर (आईआईएनसीए) की स्थापना पर भारत के भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली और MASHAV- इज़राइल की एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट कोऑपरेशन, इज़राइल राज्य के बीच समझौता।

6) जियोफिजिकल एक्सप्लोरेशन के क्षेत्र में सहयोग पर भारत सरकार के खनन मंत्रालय और इज़राइल सरकार के ऊर्जा और अवसंरचना मंत्रालय के बीच समझौता।

7) गुजरात के लोथल में नेशनल मैरीटाइम हेरिटेज कॉम्प्लेक्स (एनएमएचसी) के विकास के लिए भारत के पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय और इज़राइल एंटीक्विटीज़ अथॉरिटी- अंडरवाटर आर्कियोलॉजी यूनिट के बीच मेमोरेंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग।

8) होराइज़न स्कैनिंग के क्षेत्र में सहयोग पर इज़राइल के इनोवेशन, साइंस और टेक्नोलॉजी मंत्रालय और भारत के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के कार्यालयों के बीच समझौते की घोषणा।

9) फिशरीज़ और एक्वाकल्चर के क्षेत्र में सहयोग पर भारत सरकार के मत्स्य, पशु पालन और डेयरी मंत्रालय के फिशरीज़ और एक्वाकल्चर विभाग के बीच समझौता।

10) चौथे इंडिया इज़राइल सीईओ फोरम की रिपोर्ट प्रस्तुत।

11) वाणिज्य और सेवा क्षेत्र में इज़रायल में विशिष्ट श्रम बाज़ार क्षेत्रों में भारतीय श्रमिकों के अस्थायी रोजगार की सुविधा पर इज़रायल सरकार और भारत सरकार के बीच समझौते के लिए कार्यान्वयन प्रोटोकॉल सी।

12) इज़राइल सरकार और भारत सरकार के बीच विनिर्माण क्षेत्र में इज़राइल के विशेष श्रम बाज़ार क्षेत्र में भारतीय कामगारों के अस्थाई रोज़गार की सुविधा पर समझौते का इम्प्लीमेंटेशन प्रोटोकॉल ई।

13) इज़राइल सरकार और भारत सरकार के बीच रेस्टोरेंट सेक्टर में इज़राइल के विशेष श्रम बाज़ार क्षेत्र में भारतीय कामगारों के अस्थाई रोज़गार की सुविधा पर समझौते का इम्प्लीमेंटेशन प्रोटोकॉल डी।

14) भारत और इज़राइल के पेमेंट सिस्टम को जोड़ने के लिए एनपीसीआई इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और MASAV के बीच समझौता (यूपीआई  को इज़राइली पेमेंट सिस्टम से जोड़ना)।

15) इज़राइली इंस्टीट्यूट ऑफ़ कमर्शियल आर्बिट्रेशन (आईआईसीए) और इंडियन काउंसिल ऑफ़ आर्बिट्रेशन (आईसीए ) के बीच सहयोग पर समझौता।

16) आपसी सहयोग के संबंध में इंटरनेशनल फाइनेंशियल सर्विसेज़ सेंटर्स अथॉरिटी (आईएफएससीए) और इज़राइल सिक्योरिटीज़ अथॉरिटी (आईएसए) के बीच समझौता।

प्रधानमंत्री श्री नेतन्याहू और प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दोनों देशों की सरकारों, उद्योगों और लोगों के बीच उच्च स्तरीय संपर्क बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई। इसका साझा विज़न स्थायी भारत-इज़राइल की ऐसी साझेदारी बनाना है जो हमारी ज्ञान संचालित अर्थव्यवस्थाओं की महत्वाकांक्षा का इस्तेमाल करके क्रिएटिविटी, प्रौद्योगिकी, सहयोग और साझा सफलता से तय भविष्य बनाए।

 

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