केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने मंगलवार को कहा कि गुणवत्ता न केवल एक जिम्मेदारी है, बल्कि एक मजबूत प्रतिस्पर्धी ताकत भी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मानक गुणवत्ता बढ़ाने, उपभोक्ताओं की सुरक्षा, व्यापार को आसान बनाने, मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत के लिए बहुत जरूरी हैं। भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) के 79वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि मानक गुणवत्ता और भरोसे की पहचान होते हैं, जिससे भारतीय उत्पादों को घरेलू और वैश्विक दोनों स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलती है।
मंत्री ने कहा कि गुणवत्ता से जुड़े मजबूत नियम उपभोक्ताओं की रक्षा करते हैं, शासन व्यवस्था को बेहतर बनाते हैं और व्यापारियों के लिए काम को सरल और भरोसेमंद बनाते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विचारों को याद करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने हमेशा शासन, सेवाओं और उत्पादन में गुणवत्ता पर जोर दिया है। उनका साफ संदेश है कि 'मेक इन इंडिया' का मतलब उच्च गुणवत्ता और वैश्विक भरोसा होना चाहिए।
प्रल्हाद जोशी ने सरकार की 'शून्य दोष, शून्य प्रभाव' नीति के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई। इसका मतलब है कि अच्छे और दोषरहित उत्पाद बनाए जाएं ताकि पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को पाने के लिए सरकार, उद्योग, मानक बनाने वाली संस्थाएं और उत्पादक सभी को मिलकर काम करना होगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का बड़ा लक्ष्य है कि 'मेक इन इंडिया' को 'ट्रस्टेड बाय इंडिया' और 'ट्रस्टेड बाय द वर्ल्ड' बनाया जाए। इस दिशा में बीआईएस की भूमिका बहुत अहम है। उन्होंने कहा कि भारतीय मानक ब्यूरो मानकों को मजबूत करके, नए विचारों को बढ़ावा देकर और भारतीय उत्पादों पर दुनिया का भरोसा बढ़ाकर इस सफर में बड़ी भूमिका निभा सकता है।