आज सेक्टर-17, चंडीगढ़ में प्रस्तावित एकीकृत उपायुक्त कार्यालय परिसर की प्रगति एवं योजना की समीक्षा हेतु उपायुक्त, चंडीगढ़ की अध्यक्षता में एक बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना एवं अभियांत्रिकी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बैठक में अवगत कराया गया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने प्लॉट नंबर-16, जन मार्ग, सेक्टर-17, चंडीगढ़ में प्रस्तावित उपायुक्त कार्यालय भवन के विस्तृत कार्यात्मक लेआउट एवं वर्टिकल ज़ोनिंग प्लान को अंतिम रूप दे दिया है। इस परियोजना का उद्देश्य एक आधुनिक, एकीकृत एवं नागरिक-केंद्रित प्रशासनिक परिसर का निर्माण करना है, जहाँ एक ही छत के नीचे नागरिकों को विभिन्न सार्वजनिक सेवाएं सुचारु एवं प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराई जा सकें।
इस भवन की संकल्पना इस प्रकार की गई है कि इसमें प्रमुख विभागों एवं अधिक जन-संपर्क वाले कार्यालयों को समाहित किया जा सके। सार्वजनिक संपर्क क्षेत्र, मुख्य प्रशासनिक कार्यालय, अभिलेख कक्ष एवं तकनीकी सेवा क्षेत्रों का स्पष्ट और सुव्यवस्थित विभाजन किया गया है। यह वैज्ञानिक योजना कार्यप्रवाह को सुगम बनाने, सुरक्षा बढ़ाने, दिशा-निर्देशन में सरलता तथा नागरिकों की पहुंच में सुधार के उद्देश्य से तैयार की गई है।
बेसमेंट स्तर (बेसमेंट-1, बेसमेंट-2 एवं बेसमेंट-3):
तीनों बेसमेंट मुख्य रूप से पार्किंग आवश्यकताओं एवं आवश्यक भवन सेवाओं के लिए निर्धारित होंगे। इनमें रैंप, वेंटिलेशन सिस्टम, विद्युत एवं अग्नि-सुरक्षा प्रतिष्ठान, प्रेशराइज्ड सीढ़ियां एवं लिफ्ट लॉबी शामिल होंगी, जिससे निर्धारित सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित होगा तथा सतही यातायात भी कम होगा।
भूतल – सार्वजनिक संपर्क केंद्र:
भूतल को नागरिक सुविधा को केंद्र में रखते हुए प्रमुख जन-संपर्क क्षेत्र के रूप में डिज़ाइन किया गया है। इस तल पर प्रस्तावित सुविधाएं इस प्रकार हैं—
• रिसेप्शन एवं सार्वजनिक प्रतीक्षालय
• आरएलए कार्यालय (ड्राइविंग एवं पंजीकरण अनुभाग)
• जन-संपर्क काउंटर
• कैफेटेरिया एवं नागरिक सुविधाएं
• प्रेशराइज्ड लिफ्ट लॉबी एवं सीढ़ियां
इस तल की योजना इस प्रकार बनाई गई है कि सामान्य सेवाओं के लिए नागरिकों को ऊपरी मंज़िलों पर जाने की आवश्यकता न्यूनतम रहे।
प्रथम तल – नागरिक उन्मुख सेवाएं:
प्रथम तल पर प्रमुख जनसेवा कार्यालय स्थित होंगे, जिनमें—
• आरएलए शाखाएं
• एसडीएम कार्यालय
• जन-संपर्क काउंटर
• अभिलेख कक्ष एवं सहायक कार्यालय
अधिक भीड़ वाले कार्यालयों के सुचारु संचालन हेतु पर्याप्त प्रतीक्षालय एवं शौचालय सुविधाएं भी शामिल की गई हैं।
द्वितीय तल – राजस्व एवं प्रशासनिक कार्य:
द्वितीय तल पर प्रमुख राजस्व एवं अर्ध-न्यायिक कार्यों के कार्यालय होंगे, जिनमें—
• तहसीलदार (राजस्व) कार्यालय
• भूमि अधिग्रहण अधिकारी (एलएओ)
• न्यायालय कक्ष
• जन-संपर्क क्षेत्र
• अभिलेख कक्ष एवं सहायक सुविधाएं
यह तल जनसेवाओं एवं मुख्य प्रशासन के बीच एक कार्यात्मक सेतु का कार्य करेगा।
तृतीय तल – मुख्य प्रशासन:
तृतीय तल पर वरिष्ठ प्रशासनिक कार्यालय स्थित होंगे, जिनमें—
• उपायुक्त कार्यालय
• अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) कार्यालय
• लेखा शाखा
• एनआईसी सहायता सुविधाएं
• सम्मेलन एवं समन्वय कक्ष
इस तल तक पहुंच को नियंत्रित रखा जाएगा, जिससे सुरक्षा एवं प्रशासनिक दक्षता के बीच संतुलन बना रहे।
चतुर्थ तल – विभागीय कार्यालय:
चतुर्थ तल को विभागीय कार्यालयों के लिए निर्धारित किया गया है, जिनमें—
• आबकारी एवं कराधान विभाग
• न्यायालय कक्ष
• अभिलेख कक्ष
• सहायक प्रशासनिक इकाइयां
यह व्यवस्था विभागीय समूहन एवं कार्यात्मक दक्षता सुनिश्चित करेगी।
पंचम एवं षष्ठम तल – तकनीकी एवं सहायक सेवाएं:
ऊपरी तल तकनीकी एवं सहायक अवसंरचना के लिए आरक्षित होंगे, जिनमें—
• राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी)
• एचवीएसी प्लांट रूम
• विद्युत एवं अन्य तकनीकी सेवा क्षेत्र
इन तलाओं के माध्यम से भवन में निर्बाध डिजिटल कनेक्टिविटी, विद्युत आपूर्ति एवं तापमान नियंत्रण सुनिश्चित किया जाएगा।
भवन में उच्चतम स्तर की सुरक्षा, संरक्षा एवं अग्नि-निवारण प्रणालियां स्थापित की जाएंगी, जिनमें आधुनिक अग्नि पहचान एवं दमन प्रणाली तथा आपातकालीन निकासी सुविधाएं शामिल होंगी। संपूर्ण योजना में नागरिक सुविधा, प्रशासनिक दक्षता, सतत विकास, सुरक्षा एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विस्तार पर विशेष बल दिया गया है।
उपायुक्त, चंडीगढ़ ने कहा कि यह एकीकृत कार्यालय परिसर सेवा वितरण, पारदर्शिता एवं अंतर-विभागीय समन्वय को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करेगा तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए एक आधुनिक एवं प्रभावी कार्य वातावरण प्रदान करेगा। उन्होंने संबंधित विभागों को सभी आवश्यक वैधानिक अनुमोदनों की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए, ताकि परियोजना को समयबद्ध ढंग से क्रियान्वित किया जा सके और चंडीगढ़ के नागरिकों को शीघ्र लाभ मिल सके।