भारतीय जनता पार्टी, पंजाब के प्रदेश मीडिया प्रमुख श्री विनीत जोशी ने जिला मोहाली के तहसील खरड़ स्थित ब्लॉक माजरी के खिजराबाद गांव में लंबे समय से जारी अवैध खनन की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह मामला अब केवल प्रशासनिक लापरवाही का नहीं, बल्कि सुनियोजित संरक्षण और आपराधिक शासन का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर पिछले साढ़े तीन वर्षों से खरड़ की विधायक अनमोल गगन मान की लगातार चुप्पी पर भी सवाल उठाए।
जोशी ने बताया कि 21 दिसंबर 2025 को उन्होंने उसी अवैध खनन स्थल का दोबारा निरीक्षण किया, जिसे वे 8 नवंबर 2025 को पहले ही उजागर कर चुके थे। उन्होंने कहा कि मोहाली खनन विभाग द्वारा अज्ञात लोगों के खिलाफ एफ.आई.आर. दर्ज किए जाने के बावजूद अवैध खनन न केवल जारी है, बल्कि उसका दायरा और अधिक बढ़ गया है।
यह स्पष्ट करता है कि खनन माफिया पूरी बेखौफी और खुले संरक्षण के साथ काम कर रहा है। जोशी ने कहा कि उनके पास दोनों दौरों की दिनांक सहित तस्वीरें और वीडियो हैं, जो यह साबित करते हैं कि सरकारी कार्रवाई केवल कागज़ों तक सीमित है और ज़मीन पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब यह मामला बार-बार उजागर हो चुका है और आधिकारिक रिकॉर्ड में भी दर्ज है, तो स्थानीय विधायक की चुप्पी का क्या अर्थ निकाला जाए।
जोशी ने कहा कि यदि विधायक को इस अवैध गतिविधि की जानकारी नहीं है, तो यह गंभीर अक्षमता दर्शाता है, और यदि जानकारी होने के बावजूद वे मौन हैं, तो यह कहीं अधिक गंभीर सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने खुले तौर पर बताया है कि अवैध खनन को जारी रखने के लिए बड़ी मात्रा में धन का लेन-देन हो रहा है, जिससे चुप्पी और संरक्षण सुनिश्चित किया जाता है।
ऐसे में जनता को यह पूछने का पूरा अधिकार है कि क्या जनप्रतिनिधि केवल मूक दर्शक बने हुए हैं या यह चुप्पी किसी को राजनीतिक लाभ पहुँचा रही है। जोशी ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक और पुलिस तंत्र— एस.एच.ओ., डी.एस.पी. से लेकर एस.एस.पी. स्तर तक के अधिकारी, तहसीलदार, एस.डी.एम. खरड़, डी.सी. मोहाली तथा जिला खनन अधिकारी—या तो आंखें मूंदे हुए हैं या इस अवैध गतिविधि में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि यह साधारण लापरवाही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी सरकार के तहत पनपा संस्थागत भ्रष्टाचार है। भाजपा ने दोषी अधिकारियों के तत्काल निलंबन, समयबद्ध स्वतंत्र जांच और सभी जिम्मेदार अधिकारियों व राजनीतिक संरक्षण देने वालों के खिलाफ सख्त आपराधिक कार्रवाई की मांग की।
जोशी ने स्पष्ट किया कि पंजाब को भ्रष्ट राजनीतिक संरक्षण के तहत अवैध खनन का खुला मैदान नहीं बनने दिया जाएगा।