भारतीय जनता पार्टी पंजाब के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज डॉ. जगमोहन सिंह राजू (सेवानिवृत्त IAS), महासचिव बीजेपी पंजाब के नेतृत्व में पंजाब राज्य चुनाव आयुक्त से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने बीजेपी पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष अश्वनी शर्मा द्वारा लिखित पत्र सौंपा, जिसमें आगामी ज़िला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए सरकारी मशीनरी की पूर्ण निष्पक्षता सुनिश्चित करने और संपूर्ण चुनावी प्रक्रिया की अनिवार्य वीडियोग्राफी करने के निर्देश जारी करने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे: प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. सुभाष शर्मा, जस्मीन संधेवालिया, प्रदेश सचिव संजीव खन्ना, भानु प्रताप, प्रदेश सह-कोषाध्यक्ष सुखविंदर सिंह गोल्डी, प्रदेश संयोजक (लीगल सेल) एन.के. वर्मा, प्रदेश मीडिया प्रमुख विनीत जोशी, तथा वरिष्ठ बीजेपी नेता बिबी परम् पाल कौर और पूर्व डी जी पी परम्दीप सिंह गिल। आयुक्त को सौंपे गए पत्र में अश्वनी शर्मा ने गंभीर चिंता जताई कि कई रिटर्निंग अधिकारी और पुलिस अधिकारी कथित तौर पर आप सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं, जिसके चलते विपक्षी उम्मीदवारों द्वारा नामांकन दाखिल करने में बाधाएं और हस्तक्षेप किया जा रहा है।
पत्र में ज़ोर देकर कहा गया कि सभी उम्मीदवारों को बिना किसी रुकावट के नामांकन दाखिल करने की अनुमति दी जाए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की सुरक्षा के लिए अधिकारियों की निष्पक्षता सुनिश्चित की जाए। शर्मा ने पहले हुए स्थानीय निकाय चुनावों का भी उल्लेख किया, जिनमें राज्य के कुछ अधिकारियों पर सत्ताधारी दल के इशारों पर भाजपा और विपक्षी उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के आरोप लगे थे।
पत्र में एक हालिया घटना का भी जिक्र था जिसमें भाजपा मजरी मंडल अध्यक्ष श्री गुरप्रीत सिंह को एस एच ओ अजय परोचा द्वारा कथित रूप से धमकी दी गई कि अगर भाजपा उम्मीदवारों ने नामांकन भरने की कोशिश की तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से यह भी मांग की कि नामांकन दाख़िले, जांच, वापसी, मतदान, मतगणना और परिणाम घोषणा — इन सभी चरणों की अनिवार्य वीडियोग्राफी कराई जाए।
बीजेपी के अनुसार, पूरे चुनाव की वीडियोग्राफी न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी बल्कि अधिकारियों द्वारा किसी भी दुरुपयोग पर रोक लगाएगी और किसी विवाद या जांच की स्थिति में ठोस साक्ष्य उपलब्ध कराएगी। प्रतिनिधिमंडल ने अनुरोध किया कि डेरा बसी, खरड़ और माजरी की पंचायत समिति के चुनाव मोहाली ज़िला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों के साथ ही कराए जाएँ, ताकि दोहरी प्रशासनिक मेहनत, अनावश्यक वित्तीय व्यय और ज़िले के कामकाज में बार-बार होने वाले व्यवधान से बचा जा सके।
बीजेपी नेतृत्व ने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव लोकतंत्र की नींव हैं और इन्हें डर, दबाव या सरकारी संस्थाओं के दुरुपयोग से कमजोर नहीं होने दिया जा सकता। पार्टी ने चुनाव आयोग से तुरंत कदम उठाते हुए सरकारी अधिकारियों की पूर्ण निष्पक्षता सुनिश्चित करने की अपील की, ताकि पंजाब में होने वाले आगामी ज़िला परिषद व पंचायत समिति चुनाव पारदर्शी, निष्पक्ष और सुचारू रूप से सम्पन्न हो सकें।