श्री गुरु नानक देव जी के 556वें प्रकाश पर्व के पावन अवसर पर, यूथ अकाली दल द्वारा अपने चल रहे ‘मेरी दस्तार मेरी शान’ अभियान के अंतर्गत आज श्री दरबार साहिब, तरन तारन में एक विशेष ‘दस्तार लंगर’ (पगड़ी शिविर) आयोजित किया गया। यह आयोजन शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल के मार्गदर्शन में और यूथ अकाली दल के अध्यक्ष तथा शिरोमणि अकाली दल की कोर कमेटी के सदस्य सरदार सरबजीत सिंह झिंझर की अगुवाई में किया गया।
इस शिविर में 500 से अधिक युवाओं और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए गर्व से दस्तारें सजाई। पगड़ी बांधने के विशेषज्ञों ने युवाओं को सिख परंपरा के अनुसार दस्तार बांधने के तरीके सिखाए और उन्हें इसके आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर बोलते हुए सरदार सरबजीत सिंह झिंझर ने कहा, “मेरी दस्तार मेरी शान” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि युवाओं में सिखी की असली भावना को जगाने का एक आंदोलन है।
उन्होंने कहा कि सरदार सुखबीर सिंह बादल की दूरदर्शी सोच के तहत यूथ अकाली दल का उद्देश्य युवा पीढ़ी को सिख धर्म, संस्कृति और मूल्यों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि गुरु साहिब की कृपा से यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी और इसका संदेश पंजाब के हर जिले और गांव तक पहुँचाया जाएगा। यूथ अकाली दल सिख कौम के इतिहास, विरसे और स्वाभिमान की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है।
शिरोमणि अकाली दल की प्रत्याशी प्रिंसिपल बीबी सुखविंदर कौर रंधावा ने भी इस अवसर पर विशेष रूप से भाग लिया। उन्होंने यूथ अकाली दल द्वारा ‘मेरी दस्तार मेरी शान’ अभियान के तहत सिख युवाओं को दस्तार और सिखी से जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं में श्रद्धा, गर्व और सिख परंपरा के प्रति सम्मान की भावना को प्रबल करते हैं।
उन्होंने कार्यकर्ताओं को बधाई देते हुए कहा कि सेवा और सांस्कृतिक जागरूकता के माध्यम से पंजाब के युवाओं को एक नई दिशा दी जा सकती है। सरदार सरबजीत सिंह झिंझर ने कहा, “दस्तार हमारी पहचान है, हमारा अभिमान है, और यह हमारे गुरु साहिबानों का हमें दिया गया अनमोल उपहार है। इसकी रक्षा करना हर सिख का फर्ज़ है।”
उन्होंने आगे कहा कि यूथ अकाली दल केवल राजनीतिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक स्तर पर भी सिख समाज की आत्मा को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है। “शिरोमणि अकाली दल हमेशा से सिखी, गुरमत और पंजाबी विरसे की रक्षा के लिए अग्रणी रहा है। हमारे कार्यकर्ता राजनीति नहीं, बल्कि सेवा करते हैं — गुरु साहिबानों के आदर्शों पर चलते हुए पंथ की सेवा करना ही हमारा उद्देश्य है,” उन्होंने कहा।
इस कार्यक्रम में संगत ने बड़े उत्साह से भाग लिया। युवाओं के चेहरों पर गुरु साहिब के प्रति श्रद्धा, गर्व और जोश साफ झलक रहा था। कई अभिभावकों ने खुशी व्यक्त की कि यूथ अकाली दल के ऐसे प्रयास उनके बच्चों को सिखी से दुबारा जोड़ने में मदद कर रहे हैं।
सरदार सरबजीत सिंह झिंझर ने कहा कि हर सिख युवक को दस्तारधारी, अनुशासित और सिख सिद्धांतों से प्रेरित होकर समाज का एक आदर्श रोल मॉडल बनना चाहिए।
उन्होंने बताया कि “मेरी दस्तार मेरी शान” अभियान को प्रेरणा गुरु नानक देव जी की इस वाणी से मिली है —
“ना को बैरी नहीं बिगाना, सगल संग हम कउ बनि आई” —
जो हमें मानवता, सेवा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती है। गुरु साहिब ने हमें समानता, भाईचारे और आदर का पाठ पढ़ाया। दस्तार केवल सिख की शान ही नहीं, बल्कि सम्मान, सच्चाई और समानता का प्रतीक भी है। अंत में सरदार सरबजीत सिंह झिंझर ने कहा कि गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व हमें यह याद दिलाता है कि गुरबाणी का प्रकाश केवल गुरुद्वारों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वह हमारे हर विचार, हर कर्म और हर कदम में झलकना चाहिए। “मेरी दस्तार मेरी शान” अभियान के माध्यम से यूथ अकाली दल युवा पीढ़ी के मनों में वही गुरमत की ज्योति प्रज्वलित करने का प्रयास कर रहा है।
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख नेताओं में प्रिंसिपल बीबी सुखविंदर कौर रंधावा, सीनियर अकाली नेता इकबाल सिंह संधू, यूथ अकाली दल के जनरल सेक्रेटरी आकाशदीप सिंह मिड्डू खेड़ा, प्रभजोत सिंह धालीवाल, मनजीत सिंह मलकपुर, जगजीत सिंह जगी चोला, गुरदीप चक, हरिंदर सिंह सैनी, गुरप्रीत सिंह चहल, दविंदर सिंह सिद्धू, सोनू लंगाह, गुरजीत सिंह बिजलीवाल, चितवीर सिंह जीरा, सुखजीत सिंह माहला, लखविंदर सिंह गाबड़िया, जिम्मी वालिया, अमनदीप सिंह घग्गा, राजविंदर सिंह मंगट और अन्य शामिल थे।