केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने संयुक्त अरब अमीरात की पर्यावरण मंत्री डॉ. आमना बिन्त अब्दुल्ला अल दहक अल शम्सी के साथ द्विपक्षीय बैठक की। श्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि प्रमुख वैश्विक साझेदार के रूप में भारत और संयुक्त अरब अमीरात के पास पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के अभिनव समाधान सहयोग का यह एक अनूठा अवसर है।
श्री सिंह अबू धाबी में आईयूसीएन विश्व संरक्षण सम्मेलन 2025 में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। उन्होंने 28वे संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन- सीओपी28 में विकासशील देशों के हितों को बढ़ावा देने और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से निपटने के सक्रिय उपाय लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए संयुक्त अरब अमीरात की सराहना की।
इसके परिणामस्वरूप ही नुकसान और क्षति के लिए कोष और अनुकूलन पर वैश्विक लक्ष्य सहित कुछ ऐतिहासिक निर्णय लिए गए थे। जलवायु परिवर्तन में कमी लाने और जैव विविधता संरक्षण को बढ़ावा देने के उपाय के प्रति भारत की प्रतिबद्धता दोहराते हुए श्री सिंह ने संयुक्त अरब अमीरात के नेतृत्व वाली महत्वाकांक्षी जलवायु पहल, मैंग्रोव अलायंस फॉर क्लाइमेट- एमएसी की सराहना की, जिसका संचालन संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि यह जलवायु अनुकूलन और जैव विविधता संरक्षण के बहुपक्षीय सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन, संसाधन दक्षता एवं वृत्तीय अर्थव्यवस्था उद्योग गठबंधन -आरईसीईआईसी जैसी भारत की पहल में संयुक्त अरब अमीरात की अहम भागीदारी के लिए धन्यवाद दिया।
उन्होंने आपदा रोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) और उद्योग परिवर्तन के लिए नेतृत्व समूह (लीडआईटी) जैसे भारत की वैश्विक पहल में संयुक्त अरब अमीरात को शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। साथ ही पृथ्वी ग्रह-अनुकूल जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए भारत के दूरदर्शी प्रयासों, जैसे 'मिशन लाइफ', का समर्थन करने का भी आह्वान किया।
संयुक्त अरब अमीरात की पर्यावरण मंत्री ने मिशन लाइफ का विवरण जानने और समझने की उत्सुकता प्रकट ताकि वे इसे अपने देश में लागू कर सकें। श्री सिंह ने ब्रिक्स संगठन और अन्य अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच घनिष्ठ सहयोग की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात ब्रिक्स के नए महत्वपूर्ण सदस्यों में से एक है और भारत और उसके बीच सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है।