चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेस (सीजीसी) लांडरां के डिपार्टमेंट ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (ईसीई) और मेकेनिकल इंजीनियरिंग (एमई) ने संयुक्त रूप से दो महत्वपूर्ण इंटरनेशनल कांफ्रेंसेस का आयोजन किया। इंटरनेशनल कॉन्फ़्रेंस ऑन इनोवेशंस इन कम्युनिकेशन कंप्यूटिंग एंड साइंसेस (आइसीसीएस- 2025), जिसे एआईसीटीई द्वारा स्पांसर किया गया।
इसके अलावा इंटरनेशनल कॉन्फ़्रेंस ऑन कंटेम्पररी एडवांसेस इन मेकेनिकल इंजीनियरिंग (आइसीसीएएमई - 2025), टेलर एंड फ्रांसिस, सीआरसी प्रेस और ईरानियन जर्नल ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (स्प्रिंगर) के सहयोग से आयोजित किया गया। इन कॉन्फरेंसेस में क्षेत्रभर से प्रतिष्ठित अकडमीशंस, इंडस्ट्री लीडर्स, पॉलिसीमेकर्स, फंडिंग एजेन्सीज़, रिसर्चर्स और इन्नोवेटर्स उपस्थित हुए। उनका मुख्य उद्देश्य उद्योग-शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देना, बहु-विषयक अनुसंधान को बढ़ावा देना और प्रतिभागियों के बीच नवीन सोच को प्रोत्साहित करना था।
उद्घाटन समारोह में गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। जिसमें चीफ गेस्ट के रूप में श्री प्रभजोत सिंह (आईएएस), डायरेक्टर जनरल, डायरेक्टरेट ऑफ़ टेक्निकल एजुकेशन, हरियाणा, प्रेसिडिंग गेस्ट के रूप में डॉ. मनीष कुमार हूडा, डायरेक्टर (टेक्नोलॉजी), इंडिया सेमिकंडक्टर मिशन (आइएसएम), मिनिस्ट्री ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी (एमईआईटीवाय) गवर्नमेंट ऑफ़ इंडिया और गेस्ट ऑफ़ ऑनर के रूप में डॉ. रूपिंदर सिंह, प्रोफेसर, डिपार्टमेंट ऑफ़ मेकेनिकल इंजीनियरिंग, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ ,की विशिष्ट उपस्थिति रही।
इनका हार्दिक स्वागत डॉ. राजदीप सिंह, कैंपस डायरेक्टर, सीजीसी लांडरां के साथ डॉ. विनय भाटिया, एचओडी (ईसीई), डॉ. राचिन गोयल, एचओडी (एमई) और सीजीसी लांडरां के डीन और डायरेक्टर्स ने किया। आमंत्रित गणमान्य व्यक्तियों के मुख्य भाषणों के बाद, अतिथियों ने सम्मेलन की कार्यवाही का विमोचन किया। चीफ गेस्ट श्री प्रभजोत सिंह (आईएएस) ने इस बात पर विचार साझा किए कि कैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस जैसी उभरती हुई टेक्नोलॉजीज़ इंडस्ट्रीज़ और सोसाइटी को अभूतपूर्व गति से बदल रही हैं।
उन्होंने यंग माइंडस से आग्रह किया कि वे इन क्षेत्रों को दृढ़ संकल्प, लगन और इनोवेशन की सोच के साथ आगे बढ़ाएँ। उन्होंने कहा कि भविष्य उन्हीं का है जो सीखने, एडाप्ट करने और उद्देश्यपूर्ण नेतृत्व करने के लिए तैयार है। डॉ. मनीष कुमार हूडा ने भारत की टेक्नोलॉजिकल ग्रोथ में सेमिकंडक्टर के महत्वपूर्ण योगदान को उजागर किया।
उन्होंने बताया कि प्रमुख परियोजनाएँ प्रगति पर हैं और सरकारी फंडिंग स्कीम्स ऐसे इकोसिस्टम बनाने में सहायक हैं, जो इनोवेशन, आत्मनिर्भरता और ग्लोबल कम्पेटिटिवेनेस्स को सशक्त बनाएंगी।डॉ. रूपिंदर सिंह ने अपने संबोधन में क्रॉस डिसिप्लिनरी सहयोग के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स और पेटेंट्स द्वारा समर्थित इंटर डिसिप्लिनरी रिसर्च ही शैक्षणिक उत्कृष्टता और वास्तविक दुनिया में प्रभाव डालने की कुंजी है। सम्मेलनों में शोध-पत्र प्रस्तुतियाँ (पेपर प्रेजेंटेशन) , पोस्टर कम्पटीशन और तकनीकी सत्र भी शामिल थे, जिन्होंने सीजीसी के छात्रों, फैकल्टी मेंबर्स, रिसर्चर्स और इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के लिए एक अमूल्य मंच प्रदान किया।
अंत में, शोध-पत्र प्रस्तुतियों और पोस्टर प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित करने के साथ सम्मेलन का सफलतापूर्वक समापन हुआ।