वर्ल्ड फूड इंडिया का चौथा संस्करण 25 से 28 सितंबर तक नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित होगा। इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर की शाम 6 बजे करेंगे। इसकी जानकारी केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मंगलवार को नेशनल मीडिया सेंटर में दी।
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने पत्रकारों से प्रोसेस्ड फूड को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही बातों पर कहा, "हमने इस मुद्दे पर नियंत्रण के लिए एक समिति गठित की है, जो इस बात के लिए रेगुलेशन तैयार कर रही है।" मंत्री ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी के तहत आप किसी पर बहुत अधिक बंदिशें नहीं डाल सकते। मेरा यही कहना है कि प्रोसेस्ड फूड पर जब विभिन्न प्लेटफॉर्म पर चर्चा की जाती है तो एक साइंटिफिक बैकिंग जरूर होनी चाहिए।"
उन्होंने कहा, "अगर हम सही प्रक्रिया अपनाएंगे, तो बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है। मैं आज 10 चीजों के बारे में बात करूंगा, लेकिन हो सकता है कि कल इसके जवाब में 20 चीजों पर चर्चा हो। हमने समय-समय पर इस तरह के सकारात्मक विज्ञापनों और अभियानों को चलाया है।
चाहे वह दूध को लेकर हो, अंडों को लेकर हो, या फिर प्रोसेस्ड फूड को लेकर, हम इस दिशा में कैसे आगे बढ़ सकते हैं, इस पर भी हम काम कर रहे हैं।" पासवान ने कहा कि 100 से अधिक देशों, 1700 से अधिक प्रदर्शकों व 500 से अधिक खरीदारों की भागीदारी के साथ यह संस्करण और भी भव्य, सशक्त और बेहतर होगा।
भारत जैसे देश के लिए ऐसे इवेंट इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि भारत एक कृषि प्रधान देश है। यहां जो प्रोडक्ट होता है, उसको पूरा का पूरा प्रोसेसिंग नहीं कर पाते। नई जीएसटी दरें लागू होने पर उन्होंने कहा, "मेरे सेक्टर से जुड़े हुए जितने भी पदार्थ हैं, वे 5 प्रतिशत या शून्य प्रतिशत के दायरे में आ गए हैं।
मैं मानता हूं कि यह बड़ी राहत देशवासियों के लिए है।" केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी को लेकर जो बड़ा सुधार किया गया, उसका मुख्य उद्देश्य यही था कि इसका अधिकतम लाभ हमारे देशवासियों को मिले।