हाल ही में सोहाना अस्पताल में बच्चा बदलने के आरोपों की जांच के लिए करनाल निवासी संदीप सिंह और उनकी पत्नी रमनीप कौर का डीएनए टेस्ट करवाया गया था। शुक्रवार को पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में रिपोर्ट खोली गई, जिसमें यह स्पष्ट हो गया कि बच्ची के असली माता-पिता संदीप सिंह और रमनीप कौर ही हैं।
रिपोर्ट ने परिवार द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को झूठा साबित कर दिया। रिपोर्ट सामने आने के बाद बच्ची को माता-पिता ने स्वीकार कर लिया। सोहाना अस्पताल के सीईओ गगनदीप सिंह सचदेवा और मुख्य प्रशासक आदर्श सूरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि अस्पताल हमेशा मानवता की सेवा के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि आरोप लगने के बाद प्रशासन ने पुलिस की मौजूदगी में डीएनए सैंपल लेकर इसे राज्य से बाहर की लैब में भेजा था। रिपोर्ट ने पूरी सच्चाई सामने रख दी।
समाज और जिम्मेदारी
अस्पताल प्रबंधन ने बच्ची की पूरी देखभाल की और समाज को यह संदेश दिया कि बेटे और बेटी में कोई अंतर नहीं होना चाहिए। हर बच्चा परिवार और समाज का अनमोल हिस्सा है। यह मामला समाज में मौजूद पुरानी सोच को उजागर करता है और अस्पताल ने अपील की है कि सभी को बेटा-बेटी को समान सम्मान और प्यार देना चाहिए।
पुलिस की भूमिका
थाना सोहाना के एसएचओ अमनदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने निष्पक्ष जांच की और रिपोर्ट में साफ हो गया कि कोई अदला-बदली नहीं हुई। सारा विवाद केवल गलतफहमी से पैदा हुआ। सोहाना अस्पताल ने समाज से अपील की है कि ऐसे मामलों में संयम और सही जानकारी पर भरोसा रखना चाहिए तथा लिंग भेदभाव की सोच को खत्म करना बेहद जरूरी है।