हॉकी के दिग्गज मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस के उपलक्ष्य में केंद्रीय युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री श्रीमती रक्षा निखिल खडसे ने छत्रपति संभाजीनगर में भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्र (एनसीओई) का दौरा किया।
कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री खडसे ने एनसीओई का आधिकारिक नाम औरंगाबाद से बदलकर एनसीओई छत्रपति संभाजी नगर करने का अनावरण किया। उनके साथ सांसद और पूर्व वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड साथ ही उप निदेशक मोनिका घुगे और सहायक निदेशक सुमेश तारोडेकर सहित एसएआई के अधिकारी भी शामिल हुए।
उदाहरण प्रस्तुत करते हुए: फिटनेस का आह्वान
उदाहरण प्रस्तुत करने के लिए एक उत्साही कदम और फिट इंडिया अभियान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने के लिए श्रीमती खडसे ने देश के शीर्ष एथलीटों और खेल वैज्ञानिकों के साथ एक फिटनेस सत्र में शामिल हुई। इस सत्र में शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदर्शित किया गया और इसमें पेशेवर वार्म-अप अभ्यास, उन्नत स्ट्रेचिंग तकनीकें और कोर स्ट्रेंथ एवं कंडीशनिंग व्यायाम शामिल थे।
उनकी भागीदारी का उद्देश्य सभी उम्र के नागरिकों को शारीरिक गतिविधि को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने के लिए प्रेरित करना था। केंद्रीय मंत्री ने सुविधा केंद्र के खेल मैदानों और खेल विज्ञान प्रयोगशालाओं का भी दौरा किया। स्थानीय एथलीटों और प्रशिक्षकों से बातचीत करके उनकी प्रशिक्षण पद्धतियों को समझा।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के "मोटापा मुक्त भारत" के दृष्टिकोण को दोहराया और राष्ट्रीय विकास की आधारशिला के रूप में प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में फिटनेस के महत्व पर बल दिया।
भारतीय खेलों के लिए एक नया अध्याय
कार्यक्रम में श्रीमती खडसे ने परिवर्तनकारी 'खेलो भारत नीति' को रेखांकिंत किया। यह जमीनी स्तर से लेकर उच्च स्तर तक एक जीवंत खेल संस्कृति बनाने के लिए डिज़ाइन की गई एक व्यापक रूपरेखा है। खिलाड़ियों से खेल विज्ञान में प्रगति का लाभ उठाने का आग्रह करते हुए उन्होंने कहा की " खिलाड़ियों की लगन और कड़ी मेहनत उनकी सफलता का मूल है और खेल विज्ञान आपका मन है।"
केंद्रीय मंत्री खडसे ने कॉर्पोरेट क्षेत्र से भी एसएआई छत्रपति संभाजीनगर के विकास में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ जीवनशैली एक मज़बूत व्यक्ति और एक मज़बूत राष्ट्र की नींव है।
उत्कृष्टता की विरासत
कार्यक्रम में एनसीओई की महत्वपूर्ण उपलब्धियों और एक अग्रणी खेल सुविधा के रूप में इसकी क्षमता को भी रेखांकिंत किय गया। इस केंद्र की शीर्ष स्तरीय खिलाड़ियों को तैयार करने की एक मज़बूत विरासत है। इसके खिलाड़ियों ने अपने जीवनकाल में कुल 87 पदक जीते हैं।
पिछले दो वर्षों में ही उन्होंने 32 अंतर्राष्ट्रीय पदक हासिल किए हैं। केंद्र के एथलीट मुक्केबाजी, भारोत्तोलन, तलवारबाजी, तीरंदाजी, जिम्नास्टिक और हॉकी के साथ-साथ पैरा-तीरंदाजी और पैरा-फेंसिंग सहित विभिन्न खेलों में प्रतिस्पर्धा करते हैं।
कार्यक्रम में डॉ. भागवत कराड ने केंद्र की प्रशंसा करते हुए इसे महाराष्ट्र की बेहतरीन खेल सुविधाओं में से एक और एक संभावित ओलंपिक प्रशिक्षण केंद्र बताया। उन्होंने क्षेत्र में "फिट इंडिया मूवमेंट" को बढ़ावा देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका की पुष्टि की।
कार्यक्रम के बाद श्रीमती खडसे ने स्थानीय एथलीटों और प्रशिक्षकों से भी बातचीत की। उन्होंने सुविधाओं का जायजा लिया और उनकी प्रशिक्षण पद्धतियों को समझा। यह सत्र आधुनिक खेल विज्ञान और उत्कृष्टता की खोज में भरतीय एथलीटों के समर्पण के बीच तालमेल को दिखाने का एक अनूठा अवसर था।