सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली में भारत का 79वां स्वतंत्रता दिवस बड़े सम्मान, जोशीली देशभक्ति और राष्ट्र के भविष्य को संवारने की अटूट प्रतिबद्धता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि मेजर जनरल के.ए.एस. भुल्लर की विशिष्ट उपस्थिति ने समारोह को और भी प्रेरणादायी बना दिया। उनकी देश के प्रति बेमिसाल सेवा सभी के लिए प्रेरणा का स्रोत रही।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय ध्वज फहराने और भावपूर्ण राष्ट्रगान से हुई। समारोह का मुख्य आकर्षण एनसीसी कैडेट्स की परेड रही, जिनका अनुशासन, तालमेल और देशभक्ति का उत्साह युवाओं की भावना का प्रतीक बना। एक एआई सक्षम और भविष्य-उन्मुख संस्था के रूप में सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली प्रधानमंत्री के विकसित भारत 2047 के विज़न से पूरी तरह जुड़ी हुई है।
यह विज़न नवाचार-आधारित विकास, तकनीकी प्रगति और वैश्विक स्तर पर सक्षम नागरिकों के निर्माण पर केंद्रित है। अपने उद्योग-आधारित पाठ्यक्रम, उन्नत शोध और सर्वांगीण विकास पर ध्यान देते हुए, विश्वविद्यालय ऐसे नेता तैयार कर रहा है जो भारत को आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर सम्मानित शक्ति बनाएंगे।
सभा को संबोधित करते हुए मेजर जनरल के.ए.एस. भुल्लर ने अनुशासन, नवाचार और राष्ट्र सेवा के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता की सराहना की। इस अवसर पर शुभकामनाएँ देते हुए सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली के प्रबंध निदेशक श्री अर्श धालीवाल ने कहा, “स्वतंत्रता दिवस केवल हमारे अतीत का उत्सव नहीं है, बल्कि यह हमारे राष्ट्र के भविष्य के प्रति जिम्मेदारी की याद भी दिलाता है।
सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली में हम ऐसे नेताओं को तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो ज्ञान, ईमानदारी और दूरदृष्टि से लैस होकर विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करेंगे।” समारोह का समापन विश्वविद्यालय परिवार द्वारा स्वतंत्रता, एकता और नवाचार के आदर्शों को बनाए रखने की सामूहिक प्रतिज्ञा के साथ हुआ।
ताकि राष्ट्र के पूर्वजों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए आने वाली पीढ़ियों के लिए एक उज्ज्वल और समृद्ध भारत का निर्माण किया जा सके।