पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज पटियाला में गीले और सूखे कचरे के प्रभावी प्रबंधन को लेकर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, जिला प्रशासन, नगर निगम और पीडीए के अधिकारियों के साथ बैठक की। इस अवसर पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की चेयरपर्सन रिना गुप्ता, डिप्टी कमिश्नर डॉ. प्रीति यादव, नगर निगम कमिश्नर परमवीर सिंह और पीडीए की मुख्य प्रशासक मनीषा राणा भी मौजूद रहीं।
बैठक के दौरान डॉ. बलबीर सिंह ने थापर यूनिवर्सिटी द्वारा कचरा प्रबंधन में उपयोग की जा रही तकनीक को लेकर वहां के प्रोफेसरों से चर्चा की और पटियाला शहर में इस तकनीक को लागू करने संबंधी अधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पटियाला के दो वार्डों में 100 प्रतिशत कूड़ा प्रबंधन की शुरुआत की गई है, जिसे आगे चलकर अन्य सभी वार्डों और पीडीए के अधीन क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
इस अवसर पर उन्होंने शहर की छप्पड़ों (तालाबों) की सफाई कार्य की समीक्षा करते हुए कहा कि भूजल संरक्षण के लिए रीचार्जिंग वेल और ड्रिप सिंचाई जैसी तकनीकों पर भी काम होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि छप्पड़ों के पानी का उपयोग ड्रिप इरिगेशन के लिए किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि उस पानी को पहले साफ किया जाए, जिसमें थापर मॉडल काफी कारगर हो सकता है।
बैठक में एडीसी ईशा सिंगल, नवरीत कौर सेखों, एसडीएम हरजोत कौर तथा पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।