पर्यावरण संरक्षण और हरित चेतना को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाते हुए, चंडीगढ़ के वन विभाग द्वारा “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत नेचर ट्रेल, लेक बीट पर एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पुनीत अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश श्री जस्टिस शील नागू ने मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर वृक्षारोपण कर इस अभियान का नेतृत्व किया।
यह पौधारोपण मातृत्व और प्रकृति के प्रति एक भावनात्मक श्रद्धांजलि का प्रतीक था। उनके साथ इस अवसर पर माननीय श्री जस्टिस अनुपिंदर सिंह ग्रेवाल, माननीय श्री जस्टिस संजय वशिष्ठ, माननीय श्री जस्टिस राजेश भारद्वाज और माननीय श्री जस्टिस रोहित कपूर भी उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के रजिस्ट्रार जनरल, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, चंडीगढ़ तथा अन्य वरिष्ठ न्यायिक अधिकारीगण भी इस वृक्षारोपण अभियान में सक्रिय रूप से शामिल हुए, जिससे उनके सतत एवं पर्यावरण-जागरूक जीवनशैली के प्रति संकल्प का स्पष्ट संदेश मिला। चंडीगढ़ प्रशासन के गृह सचिव सह सचिव वन विभाग श्री मंदीप सिंह ब्रार तथा मुख्य वन संरक्षक श्री सौरभ कुमार एवं यू.टी. चंडीगढ़ के वन संरक्षक श्री अनुप सोनी ने सभी माननीय अतिथियों का हार्दिक स्वागत किया और न्यायपालिका के इस प्रेरणादायक कदम की सराहना की।
इस अवसर पर श्री ब्रार ने कहा, “यह अत्यंत उत्साहजनक है कि माननीय मुख्य न्यायाधीश और अन्य सम्माननीय न्यायाधीशों ने इस सार्थक पहल में भाग लेकर पर्यावरणीय संरक्षण और प्रकृति के प्रति व्यक्तिगत उत्तरदायित्व का सशक्त संदेश दिया है।” “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण अभियान एक राष्ट्रीय आंदोलन का हिस्सा है, जो प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माता के नाम पर एक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित करता है—जिसमें व्यक्तिगत भावना और पर्यावरणीय क्रियाशीलता का सुंदर समन्वय है।
यह पहल न केवल मातृत्व की पोषणकारी भावना का उत्सव है, बल्कि एक हरित और स्वस्थ भविष्य के निर्माण की दिशा में भी एक सशक्त प्रयास है। चंडीगढ़ वन विभाग, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के माननीय न्यायाधीशों एवं अधिकारियों के इस हरित प्रयास में अमूल्य योगदान के लिए अपनी हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता है।