डिप्टी कमिश्नर डॉ. प्रीति यादव ने आज बादशाहपुर और हर्चंदपुरा का दौरा कर घग्गर नदी में पानी के बहाव की स्थिति का जायज़ा लिया। स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए डॉ. यादव ने कहा कि प्रशासन और ड्रेनेज विभाग हालात पर पल-पल नजर रखे हुए हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करें और शांति बनाए रखें।
डॉ. यादव ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के निर्देशानुसार नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन ने पुख्ता इंतज़ाम किए हैं। ड्रेनेज विभाग द्वारा ड्रोन सर्वेक्षण के जरिए संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां बंधों की मरम्मत और मज़बूती सुनिश्चित की गई है।
उन्होंने बताया कि दो वर्ष पहले आई बाढ़ से मिली सीख को ध्यान में रखते हुए संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों का व्यक्तिगत निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम अशोक कुमार और ड्रेनेज विभाग के एक्सईएन प्रथम गंभीर भी साथ मौजूद रहे।
डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि जल निकासी और अन्य संबंधित विभागों को चार माह पहले ही पूर्व तैयारियों के निर्देश जारी कर दिए गए थे, जिन पर गंभीरता से अमल हुआ है। मनरेगा और जल संसाधन विभाग की मदद से राहत कार्य पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।
साथ ही, जल बहाव में अवरोध पैदा करने वाले बिंदुओं को भी चिन्हित कर सुधार कार्य किए गए हैं। उन्होंने बताया कि रणनीतिक स्थानों पर मिट्टी से भरे थैलों का भंडारण कर लिया गया है, जिससे किसी आपात स्थिति में त्वरित राहत कार्य संभव हो सके।
ड्रेनेज विभाग के कार्यकारी अभियंता प्रथम गंभीर ने जानकारी दी कि विभाग हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से आने वाले पानी की गेज रीडिंग पर लगातार नजर रख रहा है। अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम दोनों क्षेत्रों में टीमें तैनात कर दी गई हैं।
फिलहाल घग्गर नदी में मारकंडा नदी का लगभग 10 फुट पानी बह रहा है, जो खतरे के निशान से काफी नीचे है।