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अमित शाह ने आज नई दिल्ली में राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के राहत आयुक्तों और आपदा मोचन बलों के वार्षिक सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया

भारत आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक Global Leader बनने की दिशा में अग्रसर है

Amit Shah, Union Home Minister, BJP, Bharatiya Janata Party, Minister of Cooperation, Nityanand Rai
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नई दिल्ली , 16 Jun 2025

Last updated on: Jun 16, 2025, 18:47 IST

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के राहत आयुक्तों और आपदा मोचन बलों के वार्षिक सम्मेलन को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। इस अवसर पर गृह राज्यमंत्री श्री नित्यानंद राय और केन्द्रीय गृह सचिव श्री गोविन्द मोहन सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि विगत दो वर्षों से हमने राहत और आपदा प्रबंधन से जुड़ी सभी एजेंसियों की विभिन्न कार्यशालाओं को एक ही बैठक के तहत लाकर Whole of Government अप्रोच के साथ एक वैचारिक मंच बनाने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि इससे कमियों को दूर करने औऱ पूरे देश को आपदा के सामने लड़ाई के लिए तैयार करने में मदद मिलती है औऱ मल्टी-स्टेकहोल्डर अप्रोच और इंटरएजेंसी कोऑर्डिनेशन बहुत अच्छे तरीके से हो पाता है और इस परंपरा को हमें और सुदृढ़ करना चाहिए।

श्री अमित शाह ने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण आज पूरा विश्व आपदाओं से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले 10 साल में National Disaster Management Authority (NDMA), National Disaster Response Force (NDRF) और Coalition For Disaster Resilient Infrastructure (CDRI) के योगदान के कारण भारत आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में एक Global Leader बनने की दिशा में अग्रसर है। 

श्री शाह ने कहा कि NDMA ने नीतिविषयक संरचना, शोध कार्य और अनेक प्रकार के अभ्यास के लेखों को लोगों तक पहुंचाने, कई एप्स बनाने और ओवरऑल कोऑर्डिनेशन में बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने कहा कि NDRF ने पूरे देश में ख्याति अर्जित की है, छवि बनाई है और सम्मान प्राप्त किया है। 

उन्होंने कहा कि NDRF की संरचना में State Disaster Response Force (SDRF) की भी बहुत बड़ी भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि SDRF के जवानों को NDRF की तर्ज पर प्रशिक्षित करने के लिए भी NDRF ने बहुत बड़ा काम किया है। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जब भी भारत के डिजास्टर रिस्पांस का इतिहास लिखा जाएगा, तो मोदी सरकार के ये 10 वर्ष परिवर्तनकारी दशक के रूप में दर्ज किए जाएंगे। 

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 10 साल में क्षमता, गति, दक्षता और सटीकता के चारों क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि हमने न सिर्फ क्षमता को बढ़ाया बल्कि उसे संवर्धित कर तहसील तक पहुंचाने का काम किया। श्री शाह ने कहा कि हमने गति का भी ध्यान रखा है क्योंकि समय पर आपदा से लोगों को बचाना सबसे महत्वपूर्ण होता है। 

उन्होंने कहा कि हमने आधुनिक तकनीक और समर्पित स्वभाव वाले अपने आपदा मोचन बल के कारण दक्षता में भी वृद्धि की है और सटीकता के साथ पूर्वानुमान और अग्रिम सूचना पहुंचाकर समाज को जागृत कर उसे आपदा प्रबंधन में राहत और बचाव के काम में जोड़ने में सफलता प्राप्त की है।

श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में आपदा प्रबंधन को लेकर हमारी अप्रोच में बहुत बड़ा परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि पहले राहत-केन्द्रित अप्रोच होती थी, लेकिन आज हमने ज़ीरो कैज़ुअल्टी को सफलता के साथ प्राप्त कर लिया है और हमारा दृष्टिकोण राहत केन्द्रित से बदलकर समग्र और एकीकृत हुआ है। 

उन्होंने कहा कि आने वाले समय की आपदाओं की संभावनाओं को भांपकर एडवांस में ही उसके लिए रिसर्च करना, दुनियाभर में इस क्षेत्र में मौजूद अलग-अलग विचारों को संकलित करना और हमारे देश की भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए हमारे देश के अनुकूल बनाकर इसे लागू करना बहुत महत्वपूर्ण है। 

श्री शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने आपदा के प्रति प्रयासों को रिएक्टिव की जगह प्रोएक्टिव बनाया है और जनभागीदारी को बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अब केन्द्र सरकार, राज्य सरकारें और स्थानीय इकाइयां एकीकृत तरीके से आपदाओं का सामना करने के लिए आगे आ रही हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में एक कदम आगे बढ़कर समाज को जोड़ने का काम भी हम सफलतापूर्वक कर पाए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले 10 साल में देश का हर युवा इस मदद की भावना के साथ आपदाओं से लड़ने के लिए तैयार होगा।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत ने पूर्व चेतावनी प्रणाली के विकास में बहुत कुछ हासिल किया है, यथासमय पूर्व तैयारी को कैलेंडर के साथ जोड़ा गया है, सक्रिय निवारण और शमन में वैज्ञानिक तरीके से पद्धति को इवॉल्व किया गया है औऱ आपदा जोखिम के न्यूनीकरण में भी हमने बड़ी सफलता प्राप्त की है। 

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने 'Minimum Casualty' के लक्ष्य पर चलते हुए 10 वर्षों में 'Zero Casualty' के लक्ष्य को प्राप्त कर पूरे विश्व को अचंभित किया है। उन्होंने कहा कि 1999 में ओडिशा में सुपर साइक्लोन आया था जिसमें 10 हज़ार लोगों की मृत्यु हुई थी, 2019 में ओडिशा में आए चक्रवात फानी में सिर्फ एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी और उसके बाद गुजरात में आए बिपरजॉय तूफान में ज़ीरो कैज़ुअल्टी के साथ एक पशु तक की मृत्यु नहीं हुई। 

उन्होंने कहा कि ये बताता है कि अगर किसी एक प्रयास के तहत स्थानीय इकाइयां, जनता, राज्य, केन्द्र, सभी विभाग और वैज्ञानिक और सुरक्षाकर्मी मिलकर काम करते हैं तो कितनी बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकते हैं। श्री शाह ने कहा कि पिछले एक दशक में हमने वित्तीय सशक्तिकरण के लिए भी बहुत प्रयास किया है और सरकार के बजट में बहुत वृद्धि की है। 

उन्होंने कहा कि संस्थागत सशक्तिकरण भी हमने प्रयासपूर्वक और डिज़ाइन से किया है और संरचनात्मक सशक्तिकरण भी किया है और इन सबको जोड़ते हुए हमने मल्टीडायमेंशनल अप्रोच को भी नीति के रूप में स्वीकार किया है। श्री अमित शाह ने कहा कि 2004 से 2014 तक SDRF का बजट 38 हज़ार करोड़ रूपए था जो 2014 से 2024 तक बढ़कर 1 लाख 44 हज़ार करोड़ रूपए हो गया। 

इसी प्रकार, NDRF का बजट 2004 से 2014 तक 28 हज़ार करोड़ रूपए था, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने बढ़ाकर आज 84 हज़ार करोड़ रूपए तक पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर 66 हज़ार करोड़ रूपए से लगभग तीन गुना बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रूपए करने का काम हमने किया। 

श्री शाह ने कहा कि इस वित्तीय सशक्तिकरण ने हमारे सारे प्रयासों को गांवों तक पहुंचाने में बड़ी सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग में 14वें आयोग के अनुपात में हमने बजट में 4 गुना वृद्धि की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर भी 68 हज़ार करोड़ रूपए से पहली बार राष्ट्रीय आपदा जोखिम प्रबंधन कोष की रचना हमने की है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि इस सम्मेलन के बाद हर राहत आयुक्त 90 दिन में अपने राज्य में हर जिले की ज़िला आपदा प्रबंधन योजना बनाएं क्योंकि जब तक ज़िले की आपदा प्रबंधन योजना नहीं होगी तब तक हम आपदा के सामने तेज़ी से नहीं लड़ सकते। 

उन्होंने कहा कि आकाशीय बिजली की कार्ययोजना को भी जल्द बनाने की ज़रूरत है और कई राज्यों द्वारा इंसीडेंट रिस्पॉंस सिस्टम लागू करना भी अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि अग्निशमन सेवाओं के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए भी भारत सरकार ने अच्छा बजट दिया है। 

श्री शाह ने कहा कि NDMA ने क्रॉस-कटिंग क्षेत्रों पर 38 दिशानिर्देश और 34 SOP जारी की हैं जिनका ज़िलों तक पहुंचना ज़रूरी है। उन्होंने कहा कि हीट वेव से निपटने के लिए भी एक बहुत अच्छा एक्शन प्लान बनाना चाहिए और इसके टाइमटेबल को भी हीट के अनुभव के आधार पर बनाना चाहिए। 

उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने भविष्य के लिए भी कई योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि अंतराज्यीय मॉक ड्रिल को हम वार्षिक कार्यक्रम बनाना चाहते हैं और ये राज्यों की सहायता के बिना संभव नहीं है। स्टार्ट-अप इंडिया को भी हम आपदा राहत तकनीक के विकास के साथ जोड़ना चाहते हैं। 

एक लाख कम्युनिटी वॉलंटियर्स को तैयार करने का काम भी हमने किया है औऱ इसमें 20 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसके साथ ही, 470 करोड़ की लागत से हमने युवा आपदा मित्र योजना भी बनाई है। श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार के पिछले 10 साल में आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की हैं।

उन्होंने कहा कि 2018-19 में सुभाषचंद्र बोस आपदा प्रबंधन पुरस्कार की घोषणा भी हमने की है और इसके लिए हर राज्य को नामांकन भेजने चाहिए। उन्होंने कहा कि नेशनल साइक्लोन रिस्क मिटिगेशन के लिए हमने ओडिशा और आंध्र प्रदेश में सफलतापूर्वक काम किया है। 

श्री शाह ने कहा कि NDRF का सशक्तीकरण भी किया गया है और 2006 में 8 बटालियन से बढ़ाकर आज इस बल की 16 बटालियन हैं। इसके अलावा, NDMA ने लेह-लद्दाख में रात्रिकालीन मॉक ड्रिल की भी शुरूआत की है। केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में हम ज़ीरो कैज़ुअल्टी अप्रोच के साथ आगे बढ़ेंगे। 

उन्होंने कहा कि हमने आपदा से लड़ने की पूरी तैयारी की है लेकिन हमें आपदा के कारणों के मूल में भी जाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जलवायु परिवर्तन और ग्लोबल वॉर्मिंग ही आपदाओं का मूल कारण हैं औऱ पर्यावरण संरक्षण को हमें साथ लेकर आगे बढ़ना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 11 साल में पर्यावरण संरक्षण के लिए अतुलनीय काम किया है। 

उन्होंने कहा कि एक समग्र दृष्टिकोण को प्रधानमंत्री मोदी जी ने देश के सामने रखा है, हमने विश्व के सामने Mission LiFE रखा, Pro-Planet People, बनाने का प्रस्ताव रखा, अंतरराष्ट्रीय सौर अलायंस और ग्लोबल बायोफ्यूल अलायंस बनाने का काम किया और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में प्रधानमंत्री मोदी जी ने आपदा जोखिम न्यूनीकरण का 10 सूत्रीय एजेंडा दिया, CDRI की रचना की और G-20 में आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर टास्क फोर्स का गठन भी किया। 

उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के बिना शत-प्रतिशत आपदा से बचना असंभव है और अगर हम पर्यावरण की चिंता नहीं करेंगे तो आपदाओं को रोक नहीं पाएंगे।

 

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