भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय नेता सुखमिंदरपाल सिंह ग्रेवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर और आम आदमी पार्टी (आप) पर पंजाब के लोगों को महत्वपूर्ण मुद्दों, विशेषकर हरियाणा के साथ चल रहे जल विवाद को लेकर लगातार गुमराह करने का आरोप लगाया। मीडिया से बात करते हुए ग्रेवाल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री मान “झूठ और राजनीतिक नौटंकी के उस्ताद” बन गए हैं, जो अपनी सरकार की विफलताओं से ध्यान भटकाने के लिए भावनात्मक शोषण और बनावटी विरोध प्रदर्शन का सहारा ले रहे हैं।
ग्रेवाल ने कहा, “अब पंजाब की जनता को इस खतरनाक नाटक को पहचानना होगा।” किसान समुदाय में बढ़ती नाराज़गी को उजागर करते हुए ग्रेवाल ने कहा कि विभिन्न किसान संगठनों ने 4 मई को केंद्र के साथ होने वाली बैठक में मान सरकार की भूमिका को खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार के प्रतिनिधियों को वार्ता से बाहर रखने की मांग यह स्पष्ट करती है कि किसान अब भगवंत मान के नेतृत्व में विश्वास नहीं करते।”
अंतर-राज्यीय जल बंटवारे के महत्वपूर्ण मुद्दे पर ग्रेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री एक ठोस और जिम्मेदार रुख अपनाने में असफल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया, “समाधान तलाशने की बजाय मान झूठे प्रचार और दिखावटी विरोध से जनता को गुमराह कर रहे हैं।”ग्रेवाल ने यह भी कहा कि वर्तमान जल वितरण मौजूदा कानूनी समझौतों के तहत ही हो रहा है, और मान प्रशासनिक विफलताओं को छिपाने के लिए गलत सूचना फैला रहे हैं।
उन्होंने कहा, “यह नेतृत्व नहीं है — यह अपनी कुर्सी बचाने के लिए सस्ती नौटंकी है। इसके विपरीत, भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पंजाब के लिए न्याय और समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।”विरोध प्रदर्शन के तहत ग्रेवाल ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ मुख्यमंत्री का पुतला फूंका, जिसे उन्होंने आप सरकार की झूठ और विफलताओं के खिलाफ जन आक्रोश का प्रतीक बताया।
उन्होंने जनता को सतर्क रहने की चेतावनी देते हुए कहा, “भगवंत मान सिर्फ झूठ नहीं बोल रहे — वे जानबूझकर भावनात्मक शोषण के ज़रिए लोगों को मूर्ख बनाने का प्रयास कर रहे हैं। वह एक धोखेबाज़ हैं, नेता नहीं।” यह बयान उस समय आया है जब पंजाब में किसान यूनियनों, जल विवादों और प्रशासनिक चुनौतियों को लेकर राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।