वैसाखी पर्व के पावन अवसर पर रविवार को पी जी आई चंडीगढ़ स्थित गुरुद्वारा परतख दर्शन पातशाही 6वीं साहिब में स्वयंसेवी संस्था " नौफल एक उम्मीद चैरिटेबल ट्रस्ट (पंजी.) द्वारा श्री अखंड साहिब पाठ का भोग का आयोजन किया और उसके उपरान्त कीर्तन दरबार का आयोजन हुआ | इस कार्यक्रम में दिल्ली प्रदेश सरकार के केबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं हिमाचल प्रदेश भाजपा के सह प्रभारी संजय टंडन ने विशेष अतिथि के रूप में भाग लिया ।
संस्था के अध्यक्ष स सुखदेव सिंह और गुरमीत सिंह ने दोनों मेहमानों का सिरोपा डाल कर और कृपाण भेंट कर भव्य स्वागत किया | इसी दौरान वर्ल्ड हिमाचली आर्गेनाईजेशन के रविंद्र पठानिया, राजपाल डोगर, संजीव ग्रोवर,अमित राणा, सुरेश राणा, राकेश शर्मा और नितेश रतन ने दिल्ली प्रदेश सरकार के केबिनेट मंत्री मंजीत सिंह सिरसा और संजय टंडन को पुष्पगुच्छ और शाल भेंट कर उनका स्वागत किया।
इस दौरान उनके साथ केंद्रीय स्वास्थय मंत्री जे पी नड्डा के ओ एस डी डॉ वरिदर गर्ग ने भी मुख्या मेहमानो का स्वागत किया । इसके उपरान्त भाई नरिंदर सिंह जी हजूरी रागी, भाई सतनाम सिंह बैंका हजूरी रागी श्री दरबार साहिब ने कीर्तन के माध्यम से उपस्थित समूह संगत को गुरु की बानी के साथ जोड़ा |कार्यक्रम में मुख्यातिथि मनजिंदर सिंह सिरसा ने बैसाखी के पर्व की सभी लोगों को बधाई प्रदान करते हुए कहा कि सिक्खों के दसवें गुरु साहिबान ने धर्म की रक्षा की खातिर पवित्र स्थल श्री आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी ।
दूसरा आज ही के दिन हमारे देश के किसान फसलों की कटाई भी शुरू करते हैं | उन्होंने संस्था द्वारा आज ही के दिन किये जा रहे आयोजन के प्रति भरपूर प्रशंसा करते हुए कहा कि जिस प्रकार से पी जी आई में गुरुद्वारा कमेटी की तरफ से प्रतिदिन 8000 से भी अधिक लोगों के लिए लंगर तैयार होता है और रहने की भी व्यापक प्रबंध है ये सिक्ख धर्म की आस्था का प्रतीक है जरूरतमंद की सदैव मदद करना और ये कोई आसान काम नहीं है। वाकई ये परोपकार का काम है और इसके लिए प्रबंध कमेटी के सभी सदस्यों को मैं प्रणाम करता हूँ |
उपस्थित समूह संगत को सम्बोधित करते हुए भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य संजय टंडन ने भी सभी लोगों को बैसाखी की बधाई प्रदान की और कहा कि बैसाखी का त्यौहार फसलों की कटाई की शुरुआत का पर्व है | यह त्योहार समृद्धि और प्रचुरता का प्रतीक है, क्योंकि किसान भरपूर फसल के लिए ईश्वर को धन्यवाद देते हैं और भविष्य की समृद्धि के लिए प्रार्थना करते हैं। ह एकता की ताकत और साझा उत्सवों की खुशी की याद दिलाता है।
बैसाखी पूरे भारत में अलग-अलग नाम और परंपराओं के साथ मनाई जाती है। बैसाखी के कई मनमोहक आयोजनों में भांगड़ा और गिद्दा आकर्षण का केंद्र होते हैं। आज ही के दिन लोग जलियांवाला बाग के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हैं जिन्होंने देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। इस दिन अमृतसर का स्वर्ण मंदिर खूब अच्छी तरह से सजाया जाता है। भारत के असली रंग, उत्सव और जश्न को देखने के लिए दुनिया भर से पर्यटक पंजाब आते हैं।