भवानीगढ़ ट्रक यूनियन की प्रधानगी को लेकर हलका विधायक नरिंदर कौर भराज के कथित भ्रष्ट आचरण के खिलाफ विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं पूर्व विधायक अरविंद खन्ना, कांग्रेस नेता सुरिंदर पाल सिंह सिबियां, अकाली दल के हरदीप सिंह तूर समेत अन्य नेताओं ने आज यहां कहा कि सरकार द्वारा ट्रक यूनियन भवानीगढ़ के चेयरमैन पद से जुड़े मामले की जांच के लिए बनाई गई विशेष जांच टीम (एसआईटी) मात्र एक नाटक है, क्योंकि इस पर कोई स्वतंत्र निगरानी संभव नहीं है।
विपक्षी नेताओं ने विधायक नरिंदर कौर भारज पर निशाना साधते हुए कहा कि जनता को उनसे कोई उम्मीद नहीं रखनी चाहिए। अरविंद खन्ना ने कहा कि ट्रक ऑपरेटर मनजीत सिंह काका द्वारा आत्महत्या के प्रयास को विधायक भारज द्वारा "ड्रामा" करार देना अमानवीय बयान है, जबकि मनजीत सिंह काका के स्वास्थ्य को लेकर पटियाला के अस्पताल की रिपोर्टें स्पष्ट रूप से उपलब्ध हैं।
गौरतलब है कि ट्रक ऑपरेटर मनजीत सिंह काका ने एक वीडियो जारी कर विधायक नरिंदर कौर भारज और उनके पति पर प्रधान पद के लिए 30 लाख रुपये की सौदेबाजी करने का आरोप लगाया था। वीडियो में नकदी भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही थी। वादाखिलाफी से आहत होकर मनजीत काका ने जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या करने की कोशिश की थी।
खन्ना ने मांग की कि इस पूरे मामले की जांच एक सिटिंग जज को सौंपी जानी चाहिए, क्योंकि पंजाब सरकार की जांच प्रणाली पर जनता को भरोसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले भी कई विधायकों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें मानसा विधायक विजय सिंगला का मामला प्रमुख है।
उन्होंने आगे कहा कि विधायक भारज और मनजीत काका के साथ पैसे के लेन-देन वाले वीडियो में नजर आने वाले गुरप्रीत सिंह भी अब मामले से बचने का प्रयास कर रहे हैं। हलके के लोग जानते हैं कि गुरप्रीत सिंह आम आदमी पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष हैं और विधायक भारज के करीबी सहयोगी माने जाते हैं।