उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जनरल जोरावर सिंह सभागार में केसी इंटरनेशनल स्कूल जम्मू के वार्षिक दिवस समारोह को संबोधित किया। उपराज्यपाल ने स्कूल के प्रबंधन, शिक्षकों और छात्रों को बधाई दी। अपने संबोधन में उपराज्यपाल ने छात्रों को बड़े सपने देखने के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने कहा कि अपने आप पर विष्वास रखें और अपने सपने को पूरा करने के लिए फोकस और दृढ़ता के साथ कड़ी मेहनत करें। उपराज्यपाल ने कहा, “मैंने हमेशा युवा लोगों की ऊर्जा, नवाचार और प्रतिबद्धता की प्रशंसा की है और मैं देख रहा हूं कि हमारे युवा बदलाव में सबसे आगे हैं।“
युवा भयमुक्त, भ्रष्टाचारमुक्त और विकासोन्मुख आधुनिक समाज चाहते हैं। हालाँकि, कुछ ताकतें अभी भी भीतर सक्रिय हैं और देश को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं और पूरे समाज को एकजुट होकर ऐसे तत्वों को हराना होगा।
उपराज्यपाल ने युवाओं से एक समान लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने के लिए कहा, जिसका उद्देश्य भारत को विश्व गुरु का दर्जा फिर से दिलाना और खुद को उन पूर्वजों का सच्चा उत्तराधिकारी साबित करना है, जिन्होंने नालंदा, तक्षशिला, विक्रमशिला जैसे शिक्षा के महान केंद्र स्थापित किए।
माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर में शैक्षिक परिदृश्य में हो रहे परिवर्तन पर बोलते हुए, उपराज्यपाल ने शिक्षण समुदाय से कक्षा-शिक्षण को फिर से शुरू करने और छात्रों को मार्गदर्शन प्रदान करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, शिक्षा का अर्थ सीखना है, सूचना पहुंचाना नहीं।
केवल शिक्षक-छात्र जुड़ाव ही छात्रों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और कल्पनाशीलता पैदा कर सकता है। हमें आजीवन सीखने और समस्या-समाधान कौशल विकसित करने और छात्रों के बीच महत्वपूर्ण सोच, रचनात्मकता और सहयोग को प्रोत्साहित करने के लिए एक अनुकूल वातावरण बनाना चाहिए।
उन्होंने विज्ञान और संस्कार के बीच एक अच्छा संतुलन बनाए रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, मुख्य विषयों के साथ-साथ हमारा ध्यान मूल्य-आधारित शिक्षा और छात्रों के व्यक्तित्व का पोषण करते हुए नए विचारों, नए नवाचारों को बढ़ावा देने पर होना चाहिए।
इस अवसर पर, उपराज्यपाल ने मेधावी छात्रों को सम्मानित किया, और ज्ञान पूंजी और मानव पूंजी के विकास में उल्लेखनीय योगदान देने के लिए स्कूल को बधाई भी दी। बैठक में अध्यक्ष केसी इंटरनेशनल स्कूल चैतन्य चैधरी, प्रमुख नागरिक, प्रधानाचार्य, विद्यालय स्टाफ, शिक्षक, विद्यार्थी एवं अभिभावक उपस्थित रहे।