शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज कहा है कि पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मिलने का समय मांगेगा एवं श्री दरबार साहिब परिसर के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सहित वीडियोग्राफी के सबूत प्रस्तुत करेगा ताकि यह साबित हो सके कि आम आदमी पार्टी ने सरदार सुखबीर सिंह बादल पर कातिलाना हमले में मदद की थी।
यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि पार्टी अमृतसर के पुलिस आयुक्त गुरप्रीत सिंह भुल्लर और एस.पी हरपाल सिंह रंधावा के साथ-साथ अन्य पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी मामला दर्ज करने की मांग करेगी, जिन्होने बब्बर खालसा इंटरनेशनल के कार्यकर्ता नारायण सिंह चैड़ा की सरदार सुखबीर बादल के पास पहुंचने और नजदीक से गोली मारकर उनकी हत्या का प्रयास करने में मदद की थी।
वरिष्ठ अकाली नेता ने कहा कि पार्टी यह भी स्पष्ट करेगी कि आप सरकार खतरनाक किस तरह से इस पर लीपापोती करने की कवायद में लिप्त है, जिसका राज्य की शांति और साम्प्रदायिक सदभाव पर गहरा असर हो सकता है। उन्होने कहा,‘‘ हमें पूरा विश्वास है कि राज्य में माहौल खराब करने की इन कोशिशों के पीछे सीधे तौर पर आप संयोजक अरविंद केजरीवाल का हाथ है और मुख्यमंत्री भगवंत मान अपने बास की योजना को अंजाम दे रहे हैं।
सरदार मजीठिया ने श्री दरबार साहिब परिसर में विस्तृत सीसीटीवी फुटेज जारी की, जिसमें एस.पी हरपाल रंधावा स्पष्ट रूप से दोषी दिखाई दे रहा है,क्योंकि उन्हे परिसर में न केवल नारायण चैड़ा से हाथ मिलाते हुए देखा गया, बल्कि हाथ मिलाते हुए आतंकवादी के कान में फुसफुसाते हुए देखा गया। अकाली नेता ने वह फुटेज भी जारी की, जिसमें वह सरदार सुखबीर बादल को अलग-थलग करने की कोशिश में लगे हुए हैं तथा जिसमें उन्होने नौजवान नेता परमबंस रोमाणा और सरदार बादल के साथ खड़े अन्य नौजवानों को पीछे धकेला जब वह सरदार बादल के साथ लंगर में ‘सेवा’ कर रहे थे।
उन्होने कहा,‘‘ इससे स्पष्ट होता है कि पुलिस अधिकारी एक स्क्रिप्ट के अनुसार काम कर रहा था, जिसका मकसद नारायण चैड़ा के मकसद को पूरा करना था।’’सरदार मजीठिया ने नए फुटेज में यह भी दिखाया कि चैड़ा ने 3 और 4 दिसंबर को श्री दरबार साहिब की पूरी तरह रेकी की। उन्होने कहा कि 4दिसंबर को चैड़ा श्री हरिमंदिर साहिब की ओर जाने वाली सीढ़ियों पर दो घंटे तक बार-बार चढ़ता उतरता रहा ताकि वह सरदार सुखबीर बादल के पास पीछे से जा सके।
उन्होने यह भी दिखाया कि कैसे सिविल ड्रेस में एक पुलिसकर्मी ने चैड़ा की मदद की और उसे उस जगह ले गया, जहां सरदार सुखबीर सिंह बादल बैठे थे। उन्होने कहा,‘‘ आखिरकार दो घंटे के बाद चैड़ा परिसर के बाहर एक शौचालय में गया, जहां हमें लगता है कि उसने अपनी सेमी आटोमेटिक पिस्तौल का काक किया और फिर उसे सरदार बादल के पास जाकर उन पर गोली चलाने की अनुमति दी गई।’’
अमृतसर के पुलिस कमिशनर गुरप्रीत भुल्लर से यह पूछते हुए कि 3 और 4 दिसंबर को श्री दरबार साहिब में तैनात 175 सुरक्षाकर्मी क्या कर रहे थे? उन्होने कहा,‘‘ जेड प्लस सुरक्षा श्रेणी के सुरक्षाकर्मियों के लिए तय मानदंडों के अनुसार राज्य पुलिस को उन सभी लोगों पर नजर रखनी चाहिए जो सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।
उन्होने कहा कि नारायण चैड़ा इसी सूची में शामिल था, लेकिन अमृतसर पुलिस ने उन्हे बिना किसी जांच के श्री दरबार साहिब परिसर में खुलेआम घूमने की छूट दी। उन्होने ऐसा क्यों किया, इसकी जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में जांच की जानी चाहिए ताकि राष्ट्र विरोधी ताकतों के साथ मिलीभगत करने वाले सभी पुलिस अधिकारियों को उचित रूप से दंडित किया जा सके।’’