हम जग जननी को वह सम्मान नहीं दे सके जिसकी वह हकदार थीं।' हम भूल गये हैं कि संसार को किसने बनाया। दुनिया भर की उन सभी महिलाओं को सलाम, जिनकी बदौलत समाज आगे बढ़ रहा है।' महिलाओं के प्रति हमारे अनेक कर्तव्य हैं। लेकिन हमने महिलाओं की समानता को केवल बेटियों की लोहड़ी मनाने तक ही सीमित कर दिया है।
ये विचार दिशा वोमेन वेलफेयर ट्रस्ट पंजाब के बैनर तले पंजाब कला भवन, चंडीगढ़ में पत्रकार हरदीप कौर के पहले कहानी संग्रह 'शमशान घाट सौ गया' पर चर्चा कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लेते हुए सुखी बाठ संस्थापक पंजाब भवन सरी कैनेडा ने व्यक्त किये। कार्यक्रम की शुरुआत सुरजीत सिंह धीर ने धार्मिक शबद के परिचय से की।
हरदीप कौर की कहानियों का यह पहला संग्रह दिशा ट्रस्ट द्वारा 25 अक्टूबर, 2024 को प्रेस क्लब चंडीगढ़ में पंजाब विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवान द्वारा जारी किया गया था। वहीं दिशा ट्रस्ट ने पंजाब की लड़कियों को जागरूक करने के लिए पुस्तक पर एक बार फिर से चर्चा की। कार्यक्रम में प्रिंसिपल बहादुर सिंह गोसल, प्रख्यात कथाकार दीप्ति बबूटा, वरिष्ठ पत्रकार एवं विश्लेषक जगतार भुल्लर, प्रख्यात साहित्यकार बलकार सिद्धू विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।
बाल साहित्य लेखिका बलजिंदर कौर शेरगिल और दिशा ट्रस्ट ने कार्यक्रम का आयोजन किया और मंच का संचालन एडवोकेट रूपिंदरपाल कौर ने किया। इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए प्रख्यात कथाकार जसवीर राणा जी ने कहा कि हरदीप की कहानियाँ जहां खड़ी होकर पंजाब की दुखद कथा रचती हैं, वहां से श्मशान दिखाई देता है।
ये कहानियाँ रिश्तों की आड़ में छिपे दोहरे चेहरों को उजागर करती हैं। वरिष्ठ पत्रकार जगतार भुल्लर ने कहा कि हरदीप की कलम महिलाओं की दिशा और दशा सुधारने के लिए जो काम कर रही है, उससे समाज को बहुत उम्मीदें हैं। कार्यक्रम में मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता जगजीत कौर काहलों ने कहा कि चकाचौंद के जीवन से प्रभावित होने वाली पंजाब की लड़कियों को हरदीप की कहानियां सही दिशा प्रदान करती हैं।
कथाकार गोवर्धन गब्बी ने कहा कि हरदीप की कहानियों में, जहां एक साधारण महिला को अच्छी तरह से चित्रित किया गया है, वहीँ उसके पास बात करने के लिए विषयों का खजाना है। कार्यक्रम के अंत में लोक गायिका आर दीप रमन ने बहनों के बारे में एक गीत पेश किया।
इस अवसर पर कार्यक्रम में अन्य लोगों के अलावा वरिष्ठ पत्रकार जय सिंह छिब्बर, पंजाबी लेखक सभा के महासचिव भूपिंदर सिंह, साहित्यकार हरदेव सिंह भुल्लर, अफ्रीका से मिस्टर बाजवा, साहित्यकार राजिंदर धीमान, गुरु नानक सेवा दल से किरणजीत कौर, दिशा ट्रस्ट से महासचिव कुलदीप कौर, सुखविंदर कौर, उमा रावत, मनप्रीत कौर, सिमरनजीत सिंह मान, बलजीत कौर, सोनू जंसाला, मनप्रीत कौर , रशविंदर सिंह, जगतार सिंह जोग, गुरप्रीत सिंह खोखर, सुरजीत सिंह (सूर सांझ के संपादक), प्यारा सिंह विया, अजय सिंह औजला, अमरजीत सिंह (दैनिक प्रवक्ता), भूपिंदर सिंह भागोमाजरा, सिंकदर सिंह और सिंकदर सिंह के साथ बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी उपस्थित थे।