शिरोमणी अकाली दल के वरिष्ठ नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने आज राज्य में पंचायत चुनावों के संचालन में गंभीर खामियों को उजागर करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार नही चाहती कि लोग पंचायती चुनावों में भाग लें ताकि वह अधिकांश गांवों में प्रशासक नियुक्त कर सके और ग्रांटों पर नियंत्रण रख सके।
आज यहां एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए वरिष्ठ अकाली नेता सरदार बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा,‘‘ यह बेहद निंदनीय है कि राज्य में आचार संहिता लागू हुए 48 घंटे बीत चुके और विभिन्न श्रेणियों के लिए आरक्षित गांवों की सूचियां अब तक खंड विकास एवं पंचायत अधिकारियों (बीडीपीओ) के पास उपलब्ध नही है।’’ उन्होने कहा कि इसके अलावा विपक्षी पार्टियों के लोगों को बीडीपीओ के पास जाने से रोकने के लिए भारी पुलिस फोर्स तैनात करके बीडीपीओ कार्यालयों को किले में तबदील कर दिया गया है।
पंचायतों के आरक्षण्ण में घोर अनियमितताओं के बारे में बताते हुए अकाली नेता ने कहा कि अमृतसर जिले के गांव बल्लोवाली ब्लाक तरसिका में पंचायत को एस.सी समुदाय के लिए आरक्षित कर दिया गया है, जबकि गांव में एससी समुदाय के एक भी सदस्य का घर नही है। उन्होने कहा कि पहले आरक्षण रोटेशन के आधार पर किया जाता था, लेकिन इस बार गांवों की सूची आप विधायकों और हलका इंचार्जों को सौंप दी गई है ताकि वे अपनी मर्जी के अनुसार आरक्षण लागू कर सकें। उन्होने कहा कि मतदाता सूचियों के मामले में भी उन लोगों के नाम हटा दिए गए हैं जिन्होने लोकसभा चुनावों में मतदान किया था ।
सरदार मजीठिा ने कहा कि अनियमितताओं के अलावा, धान के मौसम के दौरान चुनाव का समय जानबूझकर चुना गया है, यह जानते हुए भी कि किसान अपनी फसल काटने में बहुत ज्यादा व्यस्त हैं और मजदूर मंडियों में व्यस्त हैं। उन्होने कहा,‘‘ आप सरकार नही चाहती कि लोग मतदान करें और यह सब इसीलिए कर रही है ताकि वह गांवों में प्रशसाक नियुक्त कर सके और पंचायत के फंडों पर नियंत्रण रख सके।
उन्होने कहा कि मौजूदा समय में भी सरपंचों को हटाने के बाद प्रशासकों का इस्तेमाल करके ऐसा ही किया जा रहा है। उन्होने कहा,‘‘ अगर हाल के दिनों में मनरेगा फंड के इस्तेमाल की सीबीआई जांच कराई जाए तो मंत्रियों समेत सभी जेई और अन्य अधिकारी इन फंडों का दुरूपयोग के दोषी पाए जाएंगें।’’वरिष्ठ अकाली नेता ने विरोधियों को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए की जा रही मनमानी की ओर भी इशारा किया।
उन्होने कहा कि अजनाला विधानसभा क्षेत्र के एक गांव में पूर्व सरपंच ब्रहम सिंह झंडेर , जो 2022 के विधानसभा चुनाव मं आप पार्टी की टिकट के दावेदार थे और अब आप के खिलाफ मौजूदा चुनाव लड़ने वाले थे, उनके झूठे मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। उन्होने कहा कि लोगों को एनओसी नही मिल रही और वे बीडीपीओ के कार्यालयों में चूल्हा टैक्स जमा नही कर पा रहे हैं, जो चुनाव लड़ने के लिए जरूरी है। उन्होने कहा,‘‘ दुर्भाग्यपूण बात तो यह है कि बीडीपीओ मतदाता सूची उपलब्ध नही करा रहे हैं, जबकि नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।’’
सरदार मजीठिया ने कहा कि पारदर्शिता के दावे के साथ सत्ता में आई आप सरकार ने साबित कर दिया है कि वह राज्य में अब तक की सबसे भ्रष्ट सरकार है। उन्होने कहा कि एक साल से अधिक की देरी से कराए जा रहे पंचायत चुनाव सभी लोकतांत्रिक मानदंडों के खिलाफ हैं और एक दिखावा साबित हो रहे हैं। सरदार मजीठिया के साथ जोध सिंह समरा, बलजीत सिंह जलालउसमां, रणबीर सिंह राणा लोपोके, रंजीत सिंह छजलवंडी और राजविंदर राजा लधे जिला अध्यक्ष (ग्रामीण) भी मौजूद थे।