खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय द्वारा आयोजित 'वर्ल्ड फूड इंडिया 2024' का आज समापन हुआ। 19 से 22 सितंबर, 2024 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित तीसरे मेगा फूड इवेंट का उद्घाटन केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण तथा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी, खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग एवं रेलवे राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू ने संयुक्त रूप से किया।
इस अवसर पर, पीएलआईएसएफपीआई और पीएमकेएसवाई योजनाओं के तहत 67 स्थानों पर कुल 5,135 करोड़ रुपये के निवेश के साथ खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों का उद्घाटन किया गया, पीएमएफएमई योजना के तहत 2,351 करोड़ रुपये की सूक्ष्म परियोजनाओं के लिए 25,000 लाभार्थियों को ऋण से जुड़ी सहायता प्रदान की गई और पीएमएफएमई योजना के तहत 70,000 एसएचजी सदस्यों को 245 करोड़ रुपये की सीड कैपिटल मंजूर की गई।
इस कार्यक्रम में दुनिया भर के वरिष्ठ सरकारी गणमान्य व्यक्ति, वैश्विक निवेशक, वैश्विक खाद्य नियामक और उद्योग जगत के दिग्गज शामिल हुए। इस कार्यक्रम में सरकार की 100 दिनों की कार्ययोजना की उपलब्धि को दर्शाया गया। मेगा फूड इवेंट को भारत सरकार के नौ मंत्रालयों/ विभागों, 8 संबद्ध निकायों और 26 राज्यों द्वारा समर्थित किया गया था। इस कार्यक्रम में 1557 प्रदर्शकों, 20 देश मंडपों और 108 देशों के 809 खरीदारों और 2390 विदेशी प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय भागीदारी देखी गई। 13 राज्य मंत्रियों और 4 केंद्रीय मंत्रियों ने वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 की शोभा बढ़ाई।नौ प्रदर्शनी हॉलों में 70,000 वर्ग मीटर के विशाल क्षेत्र में फैले इस कार्यक्रम ने खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में नवीनतम प्रगति को प्रदर्शित करने के लिए एक व्यापक मंच प्रदान किया। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट के आइटम प्रदर्शित किए गए। इस कार्यक्रम में छह मंत्रिस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों सहित 16 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडलों ने भाग लिया। जापान ने भागीदार देश के रूप में इसमें हिस्सा लिया, जबकि ईरान और वियतनाम ने फोकस देशों के रूप में भाग लिया।
वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 के उद्घाटन दिवस पर सीईओ गोलमेज सम्मेलन आयोजित किया गया। इसकी सह-अध्यक्षता केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्री चिराग पासवान ने की। गोलमेज सम्मेलन में खाद्य प्रसंस्करण और रेल राज्य मंत्री श्री रवनीत सिंह बिट्टू, आंध्र प्रदेश के उद्योग और वाणिज्य मंत्री श्री टीजी भारत और गुजरात के कृषि मंत्री श्री राघवजी पटेल और भारत सरकार और राज्य सरकारों के विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
इस महत्वपूर्ण समारोह में खाद्य प्रसंस्करण और संबद्ध क्षेत्रों में अग्रणी भारतीय और वैश्विक कंपनियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 100 से अधिक सीएक्सओ एक साथ आए। गोलमेज सम्मेलन के दौरान प्रमुख विचार-विमर्श में व्यापार करने में आसानी, भ्रामक विज्ञापन, जीएसटी से संबंधित मुद्दे, सोर्सिंग हित और भारतीय खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला के भीतर मौजूदा अंतराल का व्यापक परीक्षण शामिल था।
कार्यक्रम के दौरान, श्री चिराग पासवान ने छह जी2जी बैठकों में भाग लिया। चार दिवसीय कार्यक्रम में 40 सत्र शामिल थे, जिसमें विषयगत, राज्य, संबद्ध मंत्रालय और देश एवं संगठन सत्र आयोजित किए गए। यह बात महत्वपूर्ण है कि 13 विषयगत सत्रों में खाद्य प्रसंस्करण और संबद्ध क्षेत्रों में शून्य अपशिष्ट, अधिकतम मूल्य, टिकाऊ पैकेजिंग, विकिरण, खाद्य सुरक्षा आदि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई।
इसके अलावा, 8 राज्य-केंद्रित पैनल चर्चाएं और डीपीआईआईटी और एपेडा सहित संबद्ध मंत्रालयों द्वारा 10 विशेष सत्रों में उद्योग जगत से संबंधित चुनौतियों पर चर्चा की गई। सत्रों में गुजरात, आंध्र प्रदेश, ओडिशा के मंत्री और अन्य शामिल हुए।नवाचार का लाभ उठाने के उद्देश्य से, अपशिष्ट प्रबंधन, कुशल जल उपयोग और नवीन खाद्य प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक स्टार्टअप ग्रैंड चैलेंज आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम के दौरान चैलेंज के विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। मंत्रालय विजेताओं को एनआईएफटीईएम -कुंडली के माध्यम से वित्तीय और इनक्यूबेशन सहायता प्रदान करेगा।भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) द्वारा 20 से 21 सितंबर, 2024 तक वर्ल्ड फूड इंडिया के साथ मिलकर एक वैश्विक खाद्य नियामक शिखर सम्मेलन 2024 का आयोजन किया गया।
इसमें खाद्य सुरक्षा नियामकों और जोखिम मूल्यांकन प्राधिकरणों, अनुसंधान संस्थानों और विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों सहित 70 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिन्होंने नियामक संबंधी प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की और रणनीति बनाई। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में प्रौद्योगिकी और स्थायित्व पवेलियन था, जिसने खाद्य उद्योग में अत्याधुनिक नवाचारों पर प्रकाश डाला, जो अधिक पर्यावरण के अनुकूल और लचीले खाद्य उत्पादन प्रथाओं की ओर बदलाव का संकेत देता है।
इसके अलावा, वर्ल्ड फूड इंडिया 2024 में शेफ प्रतियोगिता में ऐसे शेफ को सम्मानित किया गया, जो परंपरा को नवाचार के साथ मिलाते हैं तथा वैश्विक व्यंजन, प्रस्तुति कौशल और पाक कला तकनीकों में प्रौद्योगिकी का उपयोग करते हैं। प्रतियोगिता में व्यक्तिगत प्रदर्शन, लाइव कुकिंग, मिक्सोलॉजी और एक मिस्ट्री बास्केट चैलेंज शामिल थे।
इस कार्यक्रम में एनआईएफटीईएम -कुंडली के साथ 11 कंपनियों, 3 विकास भागीदारों और संघों तथा 4 शैक्षणिक और अनुसंधान संगठनों के बीच साझेदारी भी शामिल थी। ये समझौता ज्ञापन सहयोगी अनुसंधान कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन, नए उत्पादों का विकास, उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना, छात्रों के प्लेसमेंट के साथ-साथ इनक्यूबेशन से जुड़ी गतिविधियों पर केंद्रित थे। एनआईएफटीईएम -कुंडली ने चाय की पत्तियों के लिए कीटनाशक पहचान किट लॉन्च करने के अलावा खाद्य कंपनियों और स्टार्ट-अप को 5 तकनीकें भी हस्तांतरित कीं।