भारतीय चुनाव आयोग के निर्देशानुसार पंचकूला जिले के निवर्तमान उपायुक्त (डी.सी.) 2012 बैच के आईएएस सुशील सारवान को गत 11 अप्रैल इस पद से कार्यमुक्त तो कर दिया गया. हालांकि आज भी वह पंचकूला जिले में ही तैनात हैं. पंचकूला जिले के अगले डीसी की तैनाती बारे फिलहाल ताज़ा आदेश जारी किया जाना लंबित है क्योंकि लोकसभा आम चुनाव की प्रक्रिया चालू होने के दृष्टिगत लागू आदर्श आचार संहिता में इस पद पर चुनाव आयोग की स्वीकृति से ही प्रदेश सरकार द्वारा अगले आईएएस तैनाती की जा सकती है जिसके लिए गत दिनों मुख्य सचिव कार्यालय द्वारा आयोग को 3 आईएएस अधिकारियों कारण पैनल भेजा जा चुका है.
बीते डेढ़ माह से पंचकूला जिले के एडीसी (अतिरिक्त उपायुक्त) का पद भी रिक्त है. पंचकूला के निवर्तमान एडीसी हरीश कुमार वशिष्ट को गत माह 2 मार्च को बदलकर जींद में एडीसी के पद पर तैनात कर दिया गया था जिसके बाद पंचकूला में नए एडीसी की तैनाती लंबित है. चूँकि जिले में डीसी के आकस्मिक तबादले के बाद और नए डीसी द्वारा पदभार संभालने तक या किसी अन्य कारण से डीसी पद रिक्त होने के कारण एडीसी ही डीसी पद का सारा कार्यभार देखता है चूँकि हरियाणा सरकार द्वारा जारी हिदायतों के अनुसार जिले का एडीसी ही डीसी का लिंक ऑफिसर होता है हालांकि आज की तारीख में चूँकि पंचकूला में न डीसी है और न एडीसी, इसलिए आज की तारीख में अर्थात जब तक नया डीसी तैनात नहीं हो जाता, तब तक यहाँ अजीबोगरीब स्थिति है. रोचक बात यह है कि पंचकूला के एडीसी पद को भरने के लिए प्रदेश सरकार द्वारा चुनाव आयोग को कोई पैनल नहीं भेजा गया है.
इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट हेमंत कुमार ने एक रोचक जानकारी देते हुए बताया कि गत वर्ष अगस्त, 2023 में जब सारवान को पंचकूला का डीसी तैनात किया गया था, तब उनके आधिकारिक रिकॉर्ड में उनका गृह जिला पंचकूला ही दर्ज था जिसके बाद इस बार पर विवाद भी उठा था कि क्या किसी आईएएस कैडर के अधिकारी को उसी के ही गृह जिले में सबसे अहम प्रशासनिक और प्रतिष्ठित पद अर्थात डिप्टी कमिश्नर - डीसी ( उपायुक्त) के पद पर तैनात किया जा सकता है ?
हालांकि उसके कुछ माह पश्चात सारवान ने हरियाणा सरकार को लिखकर उनका गृह जिला पंचकूला से बदलवाकर अम्बाला करवा लिया था. जैसा भी हो, गत वर्ष संभवत: सारवान को यह अंदेशा नहीं रहा होगा कि बेशक वह अपना गृह जिला पंचकूला से बदलवा कर अम्बाला करवाने से पंचकूला के डीसी पद पर तो तैनात रह सकते हैं परन्तु चूँकि पंचकूला जिला अम्बाला लोकसभा हलके के ही अंतर्गत पड़ता है, इसलिए उन्हें लोकसभा आम चुनाव के दृष्टिगत पंचकूला जिले के डीसी पद से भी बदला जा सकता है.
बहरहाल, हेमंत ने आगे बताया कि गत वर्ष 19 अगस्त 2023 को जब सुशील सारवान को पंचकूला का डीसी तैनात किया गया था तो प्रदेश सरकार द्वारा जारी उस आदेश में उन्हें साथ साथ पंचकूला स्थित श्री माता मनसा देवी श्राइन (पूजास्थल) बोर्ड के मुख्य प्रशासक के पद पर भी तैनात किया गया. बीते सप्ताह 11 अप्रैल तक प्रदेश के मुख्य सचिव की वेबसाइट पर भी सुशील सारवान के पास उक्त दोनों कार्यभार अलग अलग दर्शाए जाते रहे हालांकि 12 अप्रैल से सारवान को हालांकि माता मनसा देवी बोर्ड का मुख्य प्रशासक ही दर्शाया जा रहा है.
ध्यान देने योग्य बात यह है कि 11 अप्रैल को जारी आदेश में सुशील सारवान को केवल पंचकूला डीसी के पद से ही रिलीव (कार्यमुक्त) करने का उल्लेख किया गया एवं माता मनसा देवी बोर्ड के मुख्य प्रशासक पद से नहीं. इस प्रकार आज की तारीख में सारवान पंचकूला में ही उक्त बोर्ड के मुख्य प्रशासक के पद पर तैनात हैं.
हेमंत ने बताया कि हालांकि माता मनसा देवी पूजास्थल कानून, 1991 जैसा आज तक संशोधित है के अनुसार पंचकूला का डीसी माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड का सदस्य सचिव (मेंबर सेक्रेटरी) ही होता है एवं उस बोर्ड के चेयरमैन मुख्यमंत्री जबकि वाईस-चेयरमैन प्रदेश के स्थानीय निकाय मंत्री होते हैं जबकि अन्य सदस्यों में प्रदेश के स्थानीय निकाय विभाग के सचिव या प्रधान सचिव या एसीएस और नौ अन्य गैर-सरकारी सदस्य होते हैं. जहाँ तक बोर्ड के मुख्य प्रशासक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) का विषय है तो धारा 13 में उल्लेख है कि उक्त दोनों पदों पर बोर्ड द्वारा नियुक्ति की जाएगी. हालांकि वास्तविकता यह है कि गत कई वर्षो से डीसी पंचकूला के पद पर जो भी आईएएस अधिकारी तैनात किया जाता है, वह ही माता मनसा देवी बोर्ड का पदेन (डीसी पद के कारण) मुख्य प्रशासक तैनात रहा है.
अब इस सम्बन्ध में क्या बोर्ड द्वारा कोई आदेश जारी किया गया है या ऐसे किसी और कारण से होता रहा है, यह देखने लायक है. बहरहाल, कुछ भी हो, हेमंत का कानूनी मत है कि डीसी पंचकूला के पद पर अब चुनाव आयोग की स्वीकृति से कोई भी अन्य आईएएस तैनात किया जाए परन्तु अगर राज्य सरकार चाहे तो सुशील सारवान को पंचकूला में माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य प्रशासक के पद पर तैनात रख कर पंचकूला जिले में ही कायम रख सकती है.