आज जुमा है और ज्ञानवापी मस्जिद का नजारा आज देखने लायक था। मस्जिद में जुमे की नमाज को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम करने पड़े। आमतौर पर ज्ञानवापी में जुमे पर करीब 400 लोग नमाज पढ़ने आते थे लेकिन आज वहां करीब 1200 नमाजी पहुंचे हुए थे। वहां भीड़ काफी बढ़ गई थी। आज सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई हुई, तीन जजों की बेंच ने केस वाराणसी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट को ट्रांसफर कर दिया। यानी अब मामले की सुनवाई बनारस के जिला जज करेंगे। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने 51 मिनट चली सुनवाई में साफ शब्दों में कहा कि मामला हमारे पास जरूर है लेकिन पहले इसे वाराणसी जिला कोर्ट में सुना जाए।
वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद में शुक्रवार यानी जुमे के दिन 1200 से ज्यादा लोग नमाज पढ़ने पहुंच गए। हालात यह हो गए कि पहली बार ज्ञानवापी हाउसफुल हो गई। बाहर भी भारी भीड़ जुटी रही। इसके बाद मसाजिद कमेटी ने तुरंत मेन गेट बंद कर दिया। लाउडस्पीकर पर लोगों से दूसरी मस्जिदों में नमाज पढ़ने की अपील की गई। उधर, जुमे को देखते हुए सुबह से ही वाराणसी में हाई अलर्ट कर दिया गया था। ज्ञानवापी के बाहर एहतियातन भारी संख्या में कमांडो और फोर्स को तैनात किया गया है।आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ज्ञानवापी में सर्वे विवाद के बाद जुमे पर ज्यादा भीड़ आने की उम्मीद पहले से ही थी।
इसे लेकर ज्ञानवापी की देखरेख करने वाली अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी के जॉइंट सेक्रेटरी SM यासीन ने मुस्लिम समाज के लोगों से कम से कम संख्या में आने की अपील की थी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं लोग काफी संख्या में पहुंचे। इसलिए जल्दी के मेन गेट को बंद कर देना पड़ा। हालात को देखते हुए चौक सहित मिश्रित आबादी वाले संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस अधिकारियों ने गश्त किया। ज्ञानवापी का वजूखाना सील होने के कारण नमाजियों के लिए प्रशासन की ओर से 1,000 लीटर के दो ड्रम पानी भरकर रखे गए ताकि नमाजियों को कोई दिक्कत ना हो।
क्या है मामला-
ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे का काम पूरा होने के बाद ये विवाद और गहरा गया है। हिंदू पक्ष की तरफ से दावा किया गया है कि मस्जिद परिसर के अंदर शिवलिंग मिला है, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि वो शिवलिंग नहीं फव्वारा है। पिछले कल कोर्ट कमिश्नर ने सर्वे की पूरी रिपोर्ट कोर्ट में जमा कर दी है। विशाल सिंह ने सर्वे की रिपोर्ट कोर्ट को सौंपी। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद में सर्वे तो खत्म हो गया, लेकिन दावों पर तूफान खड़ा हो गया। तीसरे और आखिरी दिन सर्वे का काम पूरा करते ही जैसे ही टीम बाहर आई तो हिंदू पक्ष शिवलिंग मिलने का दावा करने लगे। हिंदू पक्ष के मुताबिक, जैसे ही वजूखाने का पानी निकाला गया, सभी झूम उठे, क्योंकि वहां 12.8 फीट व्यास का शिवलिंग था। लेकिन मुस्लिम पक्ष इस को फव्वारा बता रही है। उनका कहना है कि ऐसे फव्वारे हर मस्जिद में होते हैं।