एक और जहां BSF, CRPF, ITBP, SSB और CISF के अधिकारी जोकि सभी सुख सुविधाओं एवं पारिवारिक दायित्वो को भूल कर दिन रात कहीं कश्मीर की बर्फीली वीरान पह़ाड़ियों में, कहीं उत्तर-पूर्व के वर्षा वनों में मिलीटेन्टो एवं मलेरिया तो कहीं छत्तीसगढ़ और मध्य भारत के जंगलो में नक्सलीयों द्बारा कदम-कदम पर बिछाई गयी अनजानी मौत के खतरों से जूझ रहे है। वहीं दूसरी ओर माननीय उच्चतम न्यायालय द्बारा उक्त अधिकारियो से लंबे समय से प्रमोशन एवं वेतन में किये जा रहे दोयम दर्जे के व्यवहार को समाप्त करने का आदेश एक लंबी कानुनी लडाई के बाद दिया, जिसका लगातार विरोध सरकारो द्बारा किया जाता रहा है और अब भी किया जा रहा है। यहां तक कि सरकार के एक मन्त्री बाकायदा इस सबंध में न केवल प्रेस विज्ञ्पति जारी करके इसे लागू करने का एलान कर चुके है बल्कि सरकार के सौ दिनो की उपलब्धी के रूप में भी इसका बढ़-चढ़ कर एलान किया गया। लेकिन जैसे हकीकत और सपनो में फर्क होता है वैसे ही देश की अन्य सभी समूह "क" मे वर्गीकृत सर्विसेज के मुकाबले हर मायने में दोयम होने का एहसास दिलाती UPSC द्बारा भर्ती इन अधिकारियो को अब तक हर तरफ से धोखा ही मिला।
वरना क्या कारण है कि जिस देश में सासंदो के वेतन और भत्ते बढाने का बिल एक दिन में बिना बहस के पास हो जाता है वहां देश की सीमा पर अपनी दिन रात न्यौछ़ावर कर देने वाले BSF, CRPF, ITBP, SSB और CISF के अधिकारियों के वेतन वृद्बि और समानता के अधिकार को एअर कंडिशन्ड कमरों और बड़े शहरो में बैठने वाले ब्यूरोक्रेट्स और IPS अफ़सरो के इशारे पर DoPT और MHA के बाबू साहब लोग फाईलो और काग़जो में न देने के स्पष्ट उद्देश्य से घूमा रहे है।
इस तरह ये बेचारे अधिकारी जो बाबूगिरी और उसकी चालें नहीं समझते न केवल सीमाओं और देश के अदंर के खतरनाक दुश्मनों से लडाई लड़ रहे है, बल्कि परिवार को दो या तीन जगह पालने की आर्थिक मार को झेलते हुए अन्य समूह "क" सर्विसेज से कमतर वेतन को समान करने के अधिकार की दिमागी दबाव बढ़ाने वाली लड़ाई भी दिल्ली में बैठ़े बाबूओं से लड़ रहे है।सरकार की ये बेरूखी न सिर्फ इन अधिकारियों के गहरे अवसाद में ले जा रही है बल्कि सोशल मिडि़आ पर भी कुछ़ IPS अफ़सरो द्बारा इन बलो के अधिकारियों की सेवाओं को कमतर बताकर इन अधिकारियों को जलील करने और गाली देने का सिलसिला देश के इन सच्चे रक्षको में लगातार अवसाद पैदा कर रहा है और उनसे प्रश्न पूछ़ रहा है कि क्या वो इसी तरह IPS अफ़सरो से जलील होने के लिए भर्ती हुए थे।