ईओडीबी की ओर एक कदम आगे बढाते हुए, उद्योग और वाणिज्य विभाग के प्रमुख सचिव नवीन कुमार चौधरी ने आज लीज-रेंटल्स और जल शुल्क तथा सिडको द्वारा षेड रेंट, दुकान किराया, ब्याज गणना आदि जैसे अन्य वित्तीय सेवाओं के लिए ई-बिलिंग प्रणाली का उद्घाटन किया।प्रबंध निदेशक, सिडको रविंदर कुमार ने एचडीएफसी बैंक के साथ साझेदारी में इसे परेशानी मुक्त और ऑनलाइन बनाकर बिलों और भुगतानों की संरचना में बदलाव के बारे में जानकारी दी। एक विस्तृत पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन बनाया गया, जिसमें सिस्टम की विशेषताओं और जम्मू और कश्मीर दोनों क्षेत्रों के सिडको प्रबंधित औद्योगिक संपदाओं में स्थित औद्योगिक इकाइयों के लिए दिए जा रहे लाभों पर प्रकाश डाला गया।यह बताया गया कि सभी इकाइयों का विवरण संकलित किया गया है और समर्पित सॉफ्टवेयर विकसित किया गया है। इस सुविधा के साथ, यूनिट धारक अपनी सुविधा पर एक क्लिक के साथ भुगतान 24 घंटे, 365 दिन कर सकते हैं।निदेशक उद्योग, जम्मू अनु मल्होत्रा, सिडको के वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग एसोसिएशन और एचडीएफसी बैंक के प्रतिनिधि उद्घाटन में उपस्थित थे।प्रमुख सचिव ने इस संबंध में सिडको द्वारा की गई पहल की सराहना की और 31 मार्च, 2020 तक कश्मीर क्षेत्र और सीकॉप तथा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अन्य इस्टेट के लिए इसे पूरा करने के लिए कहा।
उन्होंने आगामी जेएंडके -ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2020 को ध्यान में रखते हुए वर्तमान और आने वाले उद्योगपतियों के लिए अन्य इकाई के अनुकूल उपायों को नवीन बनाने और समग्र ईओडीबी में सुधार करने के लिए भी कहा।इससे पहले, नवीन कुमार चौधरी ने आईएंडएफसी विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक में जम्मू-कश्मीर लघु उद्योग विकास निगम लिमिटेड (सिकॉप) के समग्र कामकाज की समीक्षा करने के लिए एक और बैठक आयोजित की।उच्च गुणवत्ता पर पशमीना के लिए कच्चा माल बैंक (आरएमबी) बनाने और कच्चे पशमीना की खरीद के साथ पशमीना उत्पादों के निर्माण की प्रक्रिया पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सिकॉप ने पशमीना के लिए पशमीना आरएमबी स्थापित करने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की है और इसे भारत सरकार, कपडा मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया है।उन्होंने कहा कि केंद्रीय ऊन विकास बोर्ड, कपड़ा मंत्रालय ने कश्मीर क्षेत्र के लिए कच्चा पशमीना के लिए परिक्रामी निधियां बनाने के लिए 2 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं और बोर्ड ने 1 करोड़ रुपये की पहली किष्त भी जारी की है जो 7 दिसंबर, 2019 को सिकॉप के खाते में भुगतान हुई है।बैठक में निदेशक हस्तकला इंद्रजीत, निदेशक हथकरघा बबिला रकवाल, प्रबंध निदेशक सिडको अतुल शर्मा, निदेशक योजना परवेज अहमद हांडू भी उपस्थित थे।