तंदुरुस्त पंजाब मिशन ने कृषि रासायनों के प्रयोग को घटाकर किसानों के 355 करोड़ रुपए बचाए : पन्नू
खरीफ 2019 के दौरान कीटनाशकों का प्रयोग 35 प्रतिशत घटा
5 Dariya News
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चंडीगढ़ , 17 Nov 2019
Last updated on: Nov 17, 2019, 00:00 IST
एक बड़ी सफलता दर्ज करते हुए तंदुरुस्त पंजाब मिशन राज्य में से कीटनाशकों /नदीननाशकों के अनावश्यक प्रयोग को घटाने में सफल रहा है, जिसके नतीजे के तौर पर कृषि लागत घटने से किसानों को 355 करोड़ रुपए की बचत हुई है। यह जानकारी तंदुरुस्त पंजाब मिशन के डायरैक्टर काहन सिंह पन्नू ने दी।इस सम्बन्धी जानकारी देते हुए स. पन्नू ने बताया कि खरीफ की फ़सल 2018 के दौरान कीटनाशकों का औसतन उपभोग 3838 मीट्रिक टन (तकनीकी ग्रेड) हआ था जिस पर 2000 करोड़ रुपए से ज़्यादा ख़र्च आया। जबकि खरीफ की फ़सल 2019 के दौरान कीटनाशकों /नदीननाशकों के प्रयोग में 35 प्रतिशत की कमी आई है। इसमें नदीननाशकों और उल्लीमार दवाओं के प्रयोग में आई कमी भी दर्ज है। यदि अकेले नदीननाशकों के प्रयोग पर नज़र दौड़ाएं तो उनके प्रयोग में 18 प्रतिशत अर्थात लगभग 675 मीट्रिक टन (तकनीकी ग्रेड) की कमी दर्ज की गई।स. पन्नू ने कहा कि कीटनाशकों/नदीननाशकों के प्रयोग में कमी आने से किसानों के अनावश्यक लागत खर्चे घटने से 355 करोड़ रुपए बचे हैं। इस प्राप्ति का श्रेय पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह द्वारा शुरू किये गए तंदुरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत की गई जागरूकता पहलकदमियों को जाता है। पन्नू ने बताया कि किसानों को कीटनाशकों के अनावश्यक प्रयोग को रोकने के प्रति जागरूक करने के लिए राज्य में हरेक जगह जागरूकता कैंप /सैमीनार /वर्कशॉप लगाई गईं।उन्होंने कहा कि नरमे और बासमती धान की फसलों पर कीटनाशकों के प्रयोग को घटाने के लिए कृषि विभाग की तरफ से विशेष ध्यान दिया गया। उन्होंने कहा कि कृषि रासायनों के अनावश्यक प्रयोग को घटाने के लिए एक विशेष जागरूकता मुहिम चलाई गई जिसमें किसानों के लिए केवल उच्च मानक रासायनों की उपलब्धता को यकीनी बनाने पर ही ज़ोर दिया गया और घटिया दर्जे के और नकली कृषि रासायनों के ख़ात्मे के लिए ज़ोरदार मुहिम चलाई गई। इसके अलावा कृषि रासायनों के मानक को पढऩे के लिए समय-समय पर उनके नमूने लिए गए। तंदुरुस्त पंजाब मिशन के डायरैक्टर ने कहा कि खरीफ की फ़सल 2019 के दौरान 2 लाख टन तक यूरिया खाद का प्रयोग घटने से कीटों की पैदावार में कमी आई है जिसके चलते कीटनाशकों का प्रयोग काफ़ी हद तक घटा है।