कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को आगामी लोकसभा चुनाव में पार्टी के जीतने पर सबसे गरीब परिवारों को प्रतिवर्ष 72,000 रुपये देने तथा 22 लाख रिक्त सरकारी पदों को भरने के साथ-साथ कई अन्य वादे किए।यहां चुनावी घोषणापत्र जारी करने के बाद उन्होंने कहा, "हमारे घोषणापत्र के मुख्य विषय न्याय योजना (गरीब परिवारों को 72000 रुपये सालाना देने की योजना), रिक्त पड़े 22 लाख सरकारी पदों को भरकर युवाओं को रोजगार, मनरेगा के अंतर्गत 100 दिनों के बजाय 150 दिनों की निश्चित रोजगार योजना, शिक्षा में छह प्रतिशत जीडीपी का उपयोग हैं।"प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए गांधी ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने मनरेगा योजना को फर्जी और बेकार बताते हुए इसका मजाक उड़ाया था।उन्होंने कहा, "आज सभी जानते हैं कि इस योजना से देश को कितनी मदद मिली। इसलिए इस योजना के तहत अब हम 100 दिन के बजाय 150 दिन के रोजगार की गारंटी देंगे।"गांधी ने कहा कि कांग्रेस सरकार उद्यमिता को बढ़ावा देने तथा देश में रोजगारों का सृजन करने के लिए किसी को भी बिना किसी अनुमति के व्यापार शुरू करने की अनुमति देगी और पहले तीन सालों तक कोई कर नहीं लेगी।कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने घोषणापत्र समिति को एक साल पहले ही बता दिया था कि इसे बंद कमरों में नहीं बनना चाहिए बल्कि इसमें भारत की जनता की इच्छाएं प्रदर्शित होनी चाहिए।राहुल ने कहा, "मैंने यह भी कहा कि जो भी हो, लेकिन घोषणापत्र में सच लिखें। मैं घोषणापत्र में एक भी झूठ नहीं चाहता क्योंकि हम अपने प्रधानमंत्री से प्रतिदिन कई सारे झूठ सुनते रहे हैं।"